
Professor Himanshu Rai
प्रो. हिमांशु राय
नेतृत्व पर अधिकांश साहित्य दृष्टि, रणनीति, शैली और प्रामाणिकता पर केंद्रित है, पर इन सभी में अक्सर सफल लीडर होने के लिए आवश्यक एक महत्त्वपूर्ण पहलू पर चर्चा नहीं की गई है; और संभवत: इस पहलू ने शोधकर्ताओं और चिकित्सकों का भी ध्यान आकर्षित नहीं किया है ।
एंगस रिजवे (मैकिन्से एंड कंपनी में एक रणनीतिक परामर्श प्रमुख) ने नेतृत्व विकास और प्रो. तल बेन-शैहर (हार्वर्ड बिजनेस स्कूल के एक व्याख्याता, जिन्होंने नेतृत्व परामर्श और विकास में व्यापक अनुभव प्राप्त करने के बाद सकारात्मक मनोविज्ञान और नेतृत्व के मनोविज्ञान पर लोकप्रिय पाठ्यक्रम पढ़ाया है) ने विकास प्रशिक्षण में अपने अनुभवों के बाद महसूस किया कि कई संगठनों के वरिष्ठ प्रबंधन द्वारा एक लीडर को तैयार करने के काफी प्रयासों के बाद भी वे प्रभावी नेतृत्व के गुणों वाली नई पीढ़ी को बढ़ावा देने में असमर्थ रहे हैं। अत: दोनों ने व्यक्तिगत विकास और कल्याण के लिए नेतृत्व प्रभावशीलता के बारे में अध्ययन कर नए प्रतिमान परिभाषित करने का निर्णय लिया।
सफल लीडर अस्थिर, अनिश्चित, जटिल और अस्पष्ट दुनिया (वीयूसीए वल्र्ड) की भीषण चुनौतियों का सामना करने के बावजूद, बिना व्याकुल हुए, स्वयं में जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता की भावना विकसित करते हैं। वे ऊर्जावान और उत्साही रहते हैं और तालमेल और संतुलन का विकास करते हैं, जिससे उनके आसपास मौजूद सभी व्यक्तियों को प्रेरणा मिलती है। एंगस और तल ऐसे लीडरों को '103 लीडर' के रूप में परिभाषित करते हैं। उनके अनुसार, ये लीडर न केवल दृष्टि, मूल्यों और रणनीति पर ध्यान केंद्रित करते हैं, बल्कि खुद के और अपने आसपास के लोगों के विकास, बेहतरी और कल्याण का भी महत्त्व समझते हैं। वे प्रसन्नता और संतुष्टि की भावना से अपने काम और जिम्मेदारियों को अपनाते हैं। गड़बड़ी की आशंका को कम करते हैं और निरंतर बदलाव की इन स्थितियों में स्वयं की क्षमताओं में भी लगातार वृद्धि करते हैं।
(लेखक आइआइएम इंदौर के निदेशक हैं)
Published on:
29 Apr 2021 10:06 am
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