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नेतृत्व: एक बेहतरीन लीडर बनने के लिए जरूरी हैं यह पांच बातें

यह एक लीडर को एक बेहतर प्रतिभा प्रबंधक, नीति नियंता और एक व्यावहारिक पर्यवेक्षक के रूप में विकसित करने में मदद कर सकती है  

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jaipur

लीडरशिप( Leadership Development) के लिए हो बड़ा मकसद

प्रकृति हमेशा हमारी जिज्ञासा का विषय रहा है और इसकी आश्चर्यजनक और अद्भुत विविधता हमारे विकास का प्रतीक है। कई संगठन अपने कार्यबल, ग्राहकों और बाजारों के साथ-साथ, उत्पादों और सेवाओं के बीच मौजूद विविधता के लिए संवेदनशीलता और प्रशंसा के प्रबंधन और विकास की पहल पर काम कर रहे हैं।

चूंकि संगठनात्मक संरचनाएं बहु-विषयक और 'क्रॉस-फंक्शनल' टीमों के नेटवर्क में मौलिक रूप से परिवर्तित हो रही हैं, इनमें नए दृष्टिकोण, विचारों और समाधानों को लाने के लिए जानबूझकर विभिन्न सांस्कृतिक विरासत, अनुभव और योग्यता के सदस्यों को नियुक्त किया जा रहा है।

एक लीडर का 'इन्क्लूसिव माइंडसेट' यानी समावेशी मानसिकता, यानी जो विविध टीमों / विभागों का प्रबंधन करती है, न केवल उसे एक सामंजस्यपूर्ण और उत्पादक कार्यसंस्कृति बनाने में सहायता कर सकती है, बल्कि रणनीतिक रूप से अपने प्रतियोगियों से बेहतर प्रदर्शन करने में भी विविधता का उपयोग करने की क्षमता प्रदान करती है।

यह एक लीडर को एक बेहतर प्रतिभा प्रबंधक, नीति नियंता और एक व्यावहारिक पर्यवेक्षक के रूप में विकसित करने में मदद कर सकती है; जो विविध ग्राहकों की मानसिकता, और बाजार के अंतर को बेहतर ढंग से समझ सकता है। यह विविध ग्राहकों की विभिन्न आवश्यकताओं के अनुरूप बेहतर उत्पादों / सेवाओं को तैयार करने में मदद करता है।

कई शोध बताते हैं, कि समावेशी नेतृत्व मात्र एक चर्चा का विषय नहीं, बल्कि इसका उत्पादकता और टीम के प्रदर्शन पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। जूलियट बर्क और सहयोगियों द्वारा किए गए, एचबीआर में प्रकाशित एक डेलोइट अध्ययन का निष्कर्ष है कि समावेशी नेताओं की टीम के बेहतर प्रदर्शन करने की अधिक संभावना है (17%), जबकि इस तरह की टीमें बेहतर निर्णय लेने (20%) और सामूहिक रूप से काम करने की योग्यता (29%) भी अधिक रखती हैं। कुछ अध्ययनों से यह भी पता चलता है कि समावेशी संस्कृति कार्यस्थल पर कर्मचारियों की उपस्थिति बढ़ाती है।

समावेशी नेताओं की पांच प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:
1. पक्षपात के प्रति संवेदनशीलता: संगठनात्मक नीतियों और प्रथाओं में प्रचलित विभिन्न सूक्ष्म पक्षपातों के बारे में जानकारी होना महत्वपूर्ण है।
2. प्रतिबद्धता: विभिन्न दृष्टिकोणों को विकसित करने और उन्हें अच्छी तरह से प्रबंधित करने की क्षमता विकसित करने के लिए काफी समय लगता है और इसके लिए निरंतर प्रयास किए जाने आवश्यक हैं।
3. जिज्ञासा: यह विभिन्न विचारों को अपनाने के लिए नई सोच और खुलेपन को संदर्भित करता है। यह समावेशी लीडरों के प्राथमिक लक्षणों में से एक है। 4. सुशीलता और साहस: एक लीडर को यह स्वीकार करने की आवश्यकता है कि उसके विचारों और प्रयासों को टीम के अन्य सदस्यों के सुझावों और प्रतिक्रिया द्वारा बेहतर ढंग से पूरा किया जा सकता है और लोकप्रिय राय के खिलाफ अपरंपरागत, लेकिन नए और अनन्य विचारों का समर्थन करने का साहस भी मिलता है।
5. सांस्कृतिक संवेदनशीलता: विभिन्न संस्कृतियों के लिए ज्ञान और सम्मान एक लीडर को विभिन्न जनसांख्यिकी से ग्राहकों और सहकर्मियों के साथ बेहतर संबंध स्थापित करने में सक्षम कर सकता है।

समावेशी नेतृत्व अराजक संस्कृति में भी समझदारी से निर्णय लेने, संवेदनशील रहने और नए दृष्टिकोण और विचारों को खुले दिमाग से अपना कर संगठन को प्रगति की ओर ले जाने में सहायक हो सकता है।