
आज के समय और युग में, जब मीडिया घरानों ने अपने प्राथमिक कार्य को कमजोर करते हुए कई अन्य उपक्रमों में प्रवेश कर लिया है, राजस्थान पत्रिका समूह अपनी जड़ों से जुड़ा रहा है। जब किसी मीडिया हाउस के अन्य व्यावसायिक हित हो जाते हैं तो वह बाहरी दबावों की चपेट में आ जाता है। व्यावसायिक हित अक्सर स्वतंत्र पत्रकारिता की आत्मा पर हावी हो जाते हैं। नतीजतन, लोकतंत्र कमजोर होता है। स्वतंत्र पत्रकारिता लोकतंत्र की रीढ़ है। पत्रकार लोगों की आंख और कान होते हैं। मीडिया घरानों की जिम्मेदारी है कि वे तथ्य प्रस्तुत करें। खासकर भारतीय सामाजिक परिदृश्य में लोग आज भी यही मानते हैं कि जो भी छपता है वह सच है। मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि मीडिया को अपने प्रभाव को व्यवसाय का विस्तार करने के लिए एक उपकरण के रूप में इस्तेमाल करने की बजाय ईमानदार पत्रकारिता तक ही खुद को सीमित रखना चाहिए।
Updated on:
25 Aug 2022 09:08 pm
Published on:
25 Aug 2022 07:37 pm
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