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- रवीन्द्र त्रिपाठी, लेखक-आलोचक
क्याहिंदी फिल्मों में विचार के स्तर पर कुछ बड़ा बदलाव हो रहा है? खासकर देशप्रेम और राष्ट्रवाद को लेकर। हाल में आई दो फिल्में - अनुभव सिन्हा के निर्देशन में बनी ‘मुल्क’ और रीमा कागती के निर्देशन में बनी ‘गोल्ड’ इसी तरफ संकेत करती हैं। पहली फिल्म आतंकवाद-विरोध के आवरण में लिपटे उस छद्म राष्ट्रवाद को सामने लाती है जिसकी आड़ में देशभक्ति के नाम पर खास मजहब के लोगों के खिलाफ अभियान चलाया जाता है। और, दूसरी देशभक्ति के उस रूप को सामने लाती है, जिसमें भारत-प्रेम के लिए कोई दूसरा देश या मजहब खलनायक नहीं है और सभी धर्मों के लोग भारत से सच्चा प्यार कर सकते हैं। वर्ष 2001 में आई फिल्म ‘गदर एक प्रेम कथा’ से इन दोनों की तुलना करें तो फर्क समझ में आ जाएगा।
‘मुल्क’ बनारस के एक ऐसे मुसलिम परिवार की कहानी है जो विभाजन के बाद पाकिस्तान नहीं जाता। उसी परिवार का एक लडक़ा आतंकी गतिविधियों में शामिल होता है और पुलिस के हाथों मारा जाता है। फिल्म में आगे बहस इसी बात को लेकर है कि क्या एक नौजवान की इस हरकत का जिम्मेदार पूरे परिवार को माना जाए? अदालत में सरकारी पक्ष की तरफ से यही दलील दी जाती है कि पूरा परिवार ही आतंकवाद का समर्थक है। यहां तक कि सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में इस परिवार की सबसे युवा लडक़ी के बारे में प्रचारित किया जाता है कि वह एक मानव-बम बन गई है। ‘मुल्क’ इस पूर्वग्रह के विरुद्ध सशक्त दलील है कि किसी एक के किए का ठीकरा पूरे परिवार और फिर पूरे समुदाय के सिर फोड़ा जाए।
‘गोल्ड’ 1948 में भारतीय हॉकी टीम के विश्वविजेता बनने की पृष्ठभूमि पर आधारित है। हालांकि फिल्म में कल्पना अधिक है, पर मूलत: ये तिरंगे की शान की बात करती है। तिरंगे के लिए किसी एक धर्म के लोगों का दिल ही नहीं धडक़ता, बल्कि हिंदुओं के साथ मुसलमानों, सिखों, ईसाइयों बौद्धों और पारसियों में भी जज्बा पैदा होता है।
फिल्म में दिखाया गया है कि एक पारसी सज्जन भारतीय हॉकी फेडरेशन के अध्यक्ष हैं और फेडरेशन की आंतरिक राजनीति को दरकिनार कर ऐसी टीम को इंग्लैंड भेजते हैं, जिसमें विभाजन के बाद अनुभवी खिलाडिय़ों की कमी है। दूसरी ओर, एक बौद्ध मठ से टीम को तब मदद मिलती है जब इन खिलाडय़ों की प्रैक्टिस के लिए बुनियादी सुविधाएं भी नहीं हैं। देश के लिए इसी समावेशी भावना की वजह से ‘गोल्ड’ निर्मल देशभक्ति की फिल्म है।
Published on:
20 Aug 2018 03:33 pm
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