नम्रता, उदारता, सहिष्णुता यह सब भारतीय राजनीति से नदारत हो गई है। अब तो सफला नेता वह माना जाता है जो छिछली जुबान से विरोधी नेताओं को जितनी गाली दे सके। पिछले दिनों एक भगवा नेता ने बिहार में सोनिया गांधी के लिए क्या-क्या शब्द इस्तेमाल नहीं किए। लेकिन पटना से दिल्ली तक किसी भी बड़े नेता ने उसे नहीं टोका कि भाई ऐसे कैसे बोल रहे हो।