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Leadership: लचीलापन और आशावादिता

संगठन में कर्मचारियों की सकारात्मक मनोवैज्ञानिक स्थिति और भावनाओं को प्रोत्साहित करने के चार महत्त्वपूर्ण कारकों में से आज हम लचीलापन (रेसिलिएंस) और आशावादिता की भूमिका के बारे में जानेंगे।

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जयपुर

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Patrika Desk

Aug 21, 2022

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संगठन में कर्मचारियों की सकारात्मक मनोवैज्ञानिक स्थिति और भावनाओं को प्रोत्साहित करने के चार महत्त्वपूर्ण कारकों में से आज हम लचीलापन (रेसिलिएंस) और आशावादिता की भूमिका के बारे में जानेंगे। अंग्रेजी के शब्द 'रेसिलिएंस' का अर्थ यद्यपि किसी हानि, हार या नुकसान के बाद जल्द से जल्द पुन: अपनी यथावत स्थिति प्राप्त करने, परिवर्तन का सामना करने और फिर मनोवैज्ञानिक क्षमता बढ़ाने से है, यह और भी बहुत सारे कारकों पर निर्भर है। सबसे पहले स्थिति की स्वीकृति होना आवश्यक है। संगठनों को संकट या असफलताओं से जुड़ी घटनाओं और परिस्थितियों के बारे में स्पष्ट रूप से संवाद करना चाहिए, ताकि सुनिश्चित हो सके कि सभी स्थिति के बारे में जागरूक हैं। इसके बाद समाधान के लिए प्राथमिकता वाले क्षेत्रों व किए जा रहे प्रयासों को दोहराएं।
यदि संगठनात्मक या उद्योग-व्यापी व्यवधान का अनुभव किया जा रहा है (जैसे हाल ही में महामारी के दौरान लॉकडाउन हुआ था), तो प्रबंधकों और लीडरों को इसे एक सामूहिक समस्या के रूप में उद्धृत करना चाहिए।