उत्पत्ति, स्थिति और संहार ये इन तीनों के अधीन हैं। इस तरह देव वर्ग, पंचभूत वर्ग और उनकी समष्टिभूत यह सारी प्रजा इन्हीं अग्नि यम सोम से उत्पन्न होती है, इन्हीं के सहारे जीवित रहती है और इनके द्वारा ही मर जाती है। सोम से प्रजा की उत्पत्ति, अग्नि से जीवन धारा चलती है और यम से मृत्यु हो जाती है।