20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

आत्म-दर्शन : मनुष्य का लक्ष्य

आधुनिक प्रजातंत्र इस सिद्धांत पर आधारित है कि सभी मनुष्य तत्वत: समान हैं। हम सभी को जीवन, स्वतंत्रता और सुख का समान अधिकार है।

less than 1 minute read
Google source verification
दलाई लामा, (बौद्धधर्म गुरु)

दलाई लामा, (बौद्धधर्म गुरु)

दलाई लामा, (बौद्धधर्म गुरु)

बुद्ध ने देखा कि जीवन का उद्देश्य ही सुख है। उन्होंने यह भी देखा कि जहां अज्ञान जीवों को अन्तहीन कुंठा और दुख में बांधता है, वहीं प्रज्ञा मुक्त करती है। आधुनिक प्रजातंत्र इस सिद्धांत पर आधारित है कि सभी मनुष्य तत्वत: समान हैं। हम सभी को जीवन, स्वतंत्रता और सुख का समान अधिकार है।

बौद्ध मत भी मानता है कि सभी मनुष्यों को गरिमा का अधिकार है। मानव परिवार के सभी सदस्यों को स्वाधीनता का बराबर और अहस्तांतरणीय अधिकार है। यह अधिकार केवल राजनीतिक स्वतंत्रता के संदर्भ में नहीं, बल्कि भय और अभाव से मुक्ति के आधारभूत स्तर पर भी है। चाहे हम धनवान हों या निर्धन, शिक्षित हों या अशिक्षित, किसी एक देश के हों या दूसरे के, एक धर्म के हों या दूसरे के, हम सभी मनुष्य हैं। हम सभी सुख चाहते हैं।

आत्म-दर्शन : मानवता को जीवित रखने के लिए आंतरिक विकास बहुत जरूरी