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आत्म-दर्शन : ईमानदारी से कमाएं

पैगंबर मुहम्मद (सल्ल.) से पूछा गया कि सबसे से ज्यादा अच्छी कमाई कौनसी है? मुहम्मद साहब ने फरमाया-आदमी का अपने हाथ से काम करना और वह व्यापार जिसमें व्यापारी बेईमानी और झूठ से काम नहीं लेता हो।

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आत्म-दर्शन : ईमानदारी से कमाएं

आत्म-दर्शन : ईमानदारी से कमाएं

इस्लाम ने ईमानदारी के साथ व्यापार करने पर जोर दिया है और हर उस तरीके से कमाने के लिए मना फरमाया है, जिससे इंसानियत को नुकसान होता है। पैगंबर मुहम्मद (सल्ल.) से पूछा गया कि सबसे से ज्यादा अच्छी कमाई कौनसी है? मुहम्मद साहब ने फरमाया-आदमी का अपने हाथ से काम करना और वह व्यापार जिसमें व्यापारी बेईमानी और झूठ से काम नहीं लेता हो। एक और मौके पर पैगंबर मुहम्मद साहब ने कहा कि अपने हाथ की कमाई से बेहतर खाना किसी शख्स ने कभी नहीं खाया। व्यापार मेंअच्छे व्यवहार की भी हिदायत दी गई है।

मुहम्मद साहब ने कहा कि उस शख्स पर ईश्वर रहम फरमाए, जो नरमी और अच्छा बर्ताव करता है खरीदने में, बेचने में और अपना कर्ज मांगने में। एक मौके पर पैगंबर मुहम्मद साहब ने कहा कि सच्चाई के साथ व्यापार करने वाला ईमानदार व्यापारी कयामत (इंसाफ) के दिन ईशदूतों, सच्चों और शहीदों की पंक्ति में होगा। अधिक मुनाफे के लालच से माल को रोककर बेचने के लिए मना किया गया है।