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international drug free day : नशा मुक्त और सक्रिय जीवन का लें संकल्प

international drug free day : नशीले पदार्थों के दुरुपयोग और उनके अवैध व्यापार के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस पर विशेष।

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international drug free day : नशा मुक्त और सक्रिय जीवन का लें संकल्प

international drug free day : नशा मुक्त और सक्रिय जीवन का लें संकल्प

रतन लाल कटारिया (सामाजिक न्याय और जल शक्ति राज्य मंत्री)

ड्रग्स का व्यसन विशेष रूप से युवा पीढ़ी में देश की गंभीर चिंता के रूप में उभर रहा है। इससे न केवल ड्रग्स लेने वाले व्यक्ति पर, बल्कि परिवार और समाज पर भी विपरीत प्रभाव पड़ता है। पिछले वर्ष देश के 272 अत्यंत संवेदनशील जिलों में नशा मुक्त भारत अभियान (एनएमबीए) आरंभ किया गया था। इन संवेदनशील जिलों की पहचान व्यापक राष्ट्रीय सर्वेक्षण के निष्कर्षों और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) से मिले इनपुट के आधार पर की गई थी। एनएमबीए शिक्षण संस्थाओं, विश्वविद्यालय परिसरों, स्कूलों, युवा समूहों और महिलाओं की भागीदारी पर बल देता है। देश में नशीले पदार्थों के इस्तेमाल की समस्या की भयावहता का पता लगाने के लिए सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने नशीले पदार्थों के उपयोग के विस्तार और पैटर्न पर विस्तृत राष्ट्रीय सर्वेक्षण किया है। सर्वेक्षण के परिणामों से पता चला है कि 3.1 करोड़ लोग भांग के उत्पाद इस्तेमाल करते हंै और लगभग 25 लाख लोग भांग की निर्भरता से पीडि़त हैं। 2.2६ करोड़ लोग ओपियाड का उपयोग करते हैं, लगभग 77 लाख लोगों को उनकी ओपियाड संबंधी परेशानियों के लिए सहायता की आवश्यकता है। इनहेलेंट्स के लगभग 77 लाख उपयोगकर्ता हैं, जिनमें अधिकतर बच्चे हैं। व्यसन अनुवांशिक और पारिस्थितिकीय कारणों पर भी निर्भर करता है। व्यसन गरीब परिवारों में ही नहीं होता, उच्च परिवारों में भी होता है। हमारे समाज की मुख्य चुनौती व्यसन से जुड़ा कलंक है। एनएमबीए ने इस मानसिकता को तोडऩे के साथ इस संकट का सीधा सामना कर, उम्मीद तथा जागरूकता बढ़ाने का सराहनीय कार्य किया है।

एक साल के भीतर, हम 8000 से अधिक युवा स्वयंसेवकों को जोडऩे में सक्षम हुए हैं। वे देश के कोने-कोने में नशीली दवाओं के खिलाफ संदेश फैला रहे हैं। अब तक एनएमबीए ने विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से 80 लाख से अधिक लोगों की सक्रिय भागीदारी देखी है। इस अभियान में 35 लाख से अधिक युवा, 6000 शिक्षण संस्थान और 28 लाख महिलाएं सक्रिय रूप से शामिल हैं। 60000 से अधिक पोस्ट के माध्यम से 15 लाख से अधिक लोगों की पहुंच के साथ अभियान को बढ़ाने के लिए सोशल मीडिया का लाभ उठाया जा रहा है। वर्ष 2021-22 में सरकार ने 562 वर्तमान चालू कार्यक्रमों के नवीकरण और 90 नए कार्यक्रम आरंभ करने के लिए 260 करोड़ रुपए के व्यय की योजना बनाई है। यह स्वत: स्पष्ट है कि गरीबी, सीमित शिक्षा और सामाजिक प्रभावहीनता ऐसे कुछ प्रमुख कारक हैं, जो ड्रग्स उपयोग संबंधी विकारों के जोखिम को बढ़ाते हैं। भेदभाव और कलंक के चलते इनसे संवेदनशील तथा उपचारी सेवा प्राप्त करने में बाधा आती है। इन चुनौतियों का सामना करने के लिए सरकार आर्थिक अवसरों में वृद्धि करने, सरल और गुणवत्तापरक शिक्षा तथा समाज के सबसे कमजोर वर्गों को सशक्त करने के बहु-मोर्चों पर कार्य कर रही है। इसके अलावा, राज्यों और जिलों में निचले स्तर से नीतिगत स्तर तक विभिन्न महत्त्वपूर्ण हितधारकों की भागीदारी के साथ जमीनी स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम जोर-शोर से चल रहे हैं।

आज 26 जून को, नशीले पदार्थों के दुरुपयोग और उनके अवैध व्यापार के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस के अवसर पर हम सबको इस संकट से अपने समाज को मुक्त करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करनी चाहिए। आइए, हम सब नशा मुक्त, सक्रिय जीवन जीने का संकल्प लेते हुए अपने राष्ट्र को सशक्त करने का संकल्प लें।