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स्वास्थ्य का आधार है दिनचर्या, भोजन और सोच

हम मिलकर संकल्प लें कि हम पर्यावरण को स्वच्छ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे एवं स्वच्छ पर्यावरण से उत्तम स्वास्थ्य का संदेश जन-जन तक पहुंचाएंगे। स्वस्थ रहने के सूत्र अपनाकर बीमारियों से दूर रहने का संकल्प लें।

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Patrika Desk

Apr 07, 2023

स्वास्थ्य का आधार है दिनचर्या, भोजन और सोच

स्वास्थ्य का आधार है दिनचर्या, भोजन और सोच


डॉ. विदुषी शर्मा पाण्डेय
चिकित्सक एवं कई पुस्तकों की लेखिका
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार स्वास्थ्य की परिभाषा मात्र बीमारियों का नहीं होना ही नहीं हैं, वरन यह शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य की स्थिति है। देशभर में तेजी से खुलते नए अस्पतालों, चिकित्सकों की संख्या बढऩे एवं चिकित्सा क्षेत्र में नित नई दवाइयों एवं नूतन चिकित्सा पद्धतियों के बावजूद लाइफ स्टाइल से जुड़ी बीमारियों में वृद्धि होती जा रही है। अत्याधुनिक चिकित्सा पद्धति के पास दूषित वायु, दूषित जल, दूषित भोज्य पदार्थ एवं उससे उत्पन्न रोगों को जड़ से ठीक करने की संजीवनी नहीं है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार विश्वभर में हाइपरटेंशन, डायबिटीज, सांस एवं हृदय संबंधी बीमारियां, कैंसर एवं सड़क हादसे मृत्यु के प्रमुख कारण हैं। भारत में भी लाइफ स्टाइल से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे के अनुसार 8 में से १ भारतीय को उच्च रक्तचाप है। भारत को 'डायबिटीज कैपिटल ऑफ द वल्र्डÓ भी कहा गया है। अनुमान है कि भारत में 2025 में 7 करोड़ डायबिटीज रोगी होंगे, जिनकी संख्या 2030 में बढ़कर 8 करोड़ हो जाएगी। नेशनल कैंसर रजिस्ट्री प्रोग्राम के अनुसार भारत में 1300 व्यक्ति रोजाना कैंसर के कारण मृत्यु को प्राप्त होते है।
आधुनिक चिकित्सा के जनक हिप्पोक्रेट्स के अनुसार 'फूड इज मेडिसिनÓ यानी खाना ही दवा है। उत्तम स्वास्थ्य अस्पतालों में नहीं, वरन व्यक्ति की दिनचर्या, खानपान एवं मानसिक सोच पर निर्भर करता है। निरोगी काया प्राप्त करने के लिए हमें गहरी नींद लेेने का अभ्यास करना होगा, वजन को नियंत्रित करना होगा एवं शारीरिक व्यायाम करते हुए प्रकृति पदत्त सूत्रों की ओर लौटना पड़ेगा। रोज सुबह जल्दी उठकर व्यायाम को जीवन का महत्त्वपूर्ण हिस्सा बनाना होगा। प्रात:काल के व्यायाम, सुनहरी धूप और स्वच्छ हवा से मस्तिष्क में सेरोटोनिन एवं डोपाइन जैसे हैप्पीनेस हार्मोन की मात्रा बढ़ती है। ये हार्मोन व्यक्ति को तनाव से दूर रखते हुए शरीर व मन को प्रफुल्लित रखने में अपनी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। खानपान में मीठा, नमक, तेल का सीमित उपयोग एवं रेशेदार फलों-हरी सब्जियों का सेवन व्यक्ति को हृदय रोग, हाइपरटेंशन, डायबिटिज जैसी बीमारियों से दूर रखने में सहायक होता है। नियमित व्यायाम से हार्ट अटैक का खतरा भी कम होता है।
उत्तम स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा धन है। विश्व स्वास्थ्य दिवस पर उत्तम स्वास्थ्य की संजीवनी प्राप्त करने के लिए हमें यथासंभव प्राकृतिक जीवन शैली को अपनाते हुए खानपान, जीवनचर्या, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद, तनावरहित जीवन जीने के स्वर्णिम सूत्रों को अपनाना होगा। विश्वभर में साइकिलिंग के बढ़ते प्रचलन से स्वास्थ्य संवर्धन एवं वातावरण के बढ़ते प्रदूषण को कम करने का रास्ता खुला है। नीदरलैण्ड, नॉर्वे, स्वीडन जैसे छोटे देशों से सीख कर यदि भारत की 10 प्रतिशत जनता भी साइकिलिंग को अपना ले तो बहुत लाभदायक होगा। तम्बाकूू, सिगरेट, शराब, गुटखा, आदि की लत से दूर रहना होगा। विश्व स्वास्थ्य दिवस पर आइए, हम मिलकर संकल्प लें कि हम पर्यावरण को स्वच्छ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे एवं स्वच्छ पर्यावरण से उत्तम स्वास्थ्य का संदेश जन-जन तक पहुंचाएंगे। स्वस्थ रहने के सूत्र अपनाकर बीमारियों से दूर रहने का संकल्प लें।