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Leadership: सीखने की कला का बढ़ता महत्त्व

‘अनुकूलन क्षमता’ एक लीडर की समग्र प्रभावी नेतृत्व क्षमता का एक घटक है। कोर्न फेरी के एक अध्ययन के अनुसार, जिन लीडरों में इस गुण का उच्च स्तर होता है, उनके अत्यधिक व्यस्त होने की संभावना पांच गुना अधिक होती है।

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जयपुर

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Patrika Desk

Jan 15, 2023

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प्रो. हिमांशु राय
निदेशक, आइआइएम इंदौर
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सीखने-समझने की क्षमता लगातार बदलते कारोबारी माहौल में लीडरों के लिए एक महत्त्वपूर्ण विशेषता बन चुकी है, आपने पिछले आलेख में पढ़ा। यह नई परिस्थितियों और चुनौतियों का जल्दी से अनुकूलन करने और उनसे सीखने की क्षमता को संदर्भित करती है। एक नेतृत्व सलाहकार और विशेषज्ञ केनेथ पी.डी. मीयूज ने इसकी तुलना जनरल इंटेलिजेंस फैक्टर से की है। यह एक मनोवैज्ञानिक अवधारणा है जो विभिन्न विषयों में स्कूली बच्चों के अच्छे प्रदर्शन के अनुमान लगाने के लिए इस्तेमाल होती है (बच्चों के झुकाव और योग्यता के अतिरिक्त)। इससे पता चलता है कि एक बच्चे की विशिष्ट विषय में योग्यता कितनी है। इसी तरह ‘अनुकूलन क्षमता’ एक लीडर की समग्र प्रभावी नेतृत्व क्षमता का एक घटक है। कोर्न फेरी के एक अध्ययन के अनुसार, जिन लीडरों में इस गुण का उच्च स्तर होता है, उनके अत्यधिक व्यस्त होने की संभावना पांच गुना अधिक होती है। अध्ययन से यह भी पता चला है कि इस विशेषता से पूर्ण कर्मचारियों के संगठनों में व्यवसायों का लाभ प्रतिस्पर्धियों की तुलना में 25% अधिक होता है। जिन व्यक्तियों में सीखने का गुण विकसित करने की उच्च क्षमता होती है, उन्हें उसी दर से पदोन्नत किया जाता है।
दिलचस्प बात यह है कि इस अवधारणा पर बहुत चर्चा की गई है पर अकादमिक शोध की दुनिया में यह हाल ही में प्रचलित हुई है। इसने स्पष्ट किया है कि लीडरों को अपने अधीनस्थों की सीखने की क्षमता का आकलन करना चाहिए ताकि उन लोगों की खोज की जा सके जो भविष्य की चुनौतियों का सामना करने की क्षमता रखते हैं। पहले अधिकांश व्यवसायों ने शीर्ष प्रदर्शनकर्ताओं को विकसित करने और बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित किया था, पर बिना यह समझे कि एक संदर्भ में मजबूत प्रदर्शन दूसरे संदर्भ में उत्कृष्ट प्रदर्शन को नहीं दर्शाता है। ‘संभावित मूल्यांकन’ की अवधारणा (केवल पिछले प्रदर्शन के बजाय क्षमता के आधार पर कार्यस्थल पर मूल्यांकन) को इस विचारधारा से प्रभावित माना जा सकता है। निम्नलिखित घटक इसमें विशेष महत्त्व रखते हैं -
प्रभावशीलता में वृद्धि: ये लीडर अपनी भूमिकाओं में अधिक प्रभावी होते हैं। तेजी से बदलते कारोबारी माहौल में यह विशेष रूप से महत्त्वपूर्ण है, जहां लीडरों को नए विकास और अवसरों के लिए जल्दी और प्रभावी ढंग से जवाब देने में सक्षम होना चाहिए।
समस्या सुलझाने के कौशल में सुधार: यह गुण लीडरों को सोचने और जटिल समस्याओं के रचनात्मक समाधान खोजने में सक्षम बनाता है। यह उन स्थितियों में विशेष रूप से महत्त्वपूर्ण है जहां पारंपरिक दृष्टिकोण काम नहीं करता या जहां अधिक जोखिम और विफलता के परिणाम महत्त्वपूर्ण हैं।
उन्नत नेतृत्व कौशल: यह गुण प्रबंधकों और लीडरों को अपनी टीमों का नेतृत्व करने और प्रेरित करने में अधिक प्रभावी बनाने में सक्षम बनाता है। इसमें प्रभावी ढंग से संवाद करने, मजबूत संबंध बनाने और सकारात्मक कार्य संस्कृति बनाने की क्षमता शामिल है।
अधिक लचीलापन: जो लीडर निरंतर सीखते हैं, वे बदलाव का बेहतर तरीके से सामना करने और उसके अनुकूल होने में सक्षम होते हैं। यह उन्हें चुनौतियों और असफलताओं का सामना करने में अधिक लचीला बनाने में सक्षम बनाता है। संकट या अनिश्चितता के समय में यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जब शांत और केंद्रित रहना आवश्यक होता है।