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आपकी बात, ‘संयुक्त राष्ट्र को कैसे मजबूत किया जा सकता है? ‘

पत्रिकायन में सवाल पूछा गया था। पाठकों की मिलीजुली प्रतिक्रियाएं आईं, पेश हैं चुनिंदा प्रतिक्रियाएं।

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Patrika Desk

Apr 19, 2022

आपकी बात, 'संयुक्त राष्ट्र को कैसे मजबूत किया जा सकता है? '

आपकी बात, 'संयुक्त राष्ट्र को कैसे मजबूत किया जा सकता है? '

संयुक्त राष्ट्र का पुनर्गठन आवश्यक
संयुक्त राष्ट्र बड़े देशों की कठपुतली बनकर अपनी विश्वसनीयता खो रहा है। बड़े देश किसी भी छोटे देश पर हमला कर देते हैं और संयुक्त राष्ट्र मूकदर्शक बनकर देखता रहता है। संयुक्त राष्ट्र के पास अपने निर्णयों को लागू कराने की कोई शक्ति नहीं है। शक्तिशाली देश संयुक्त राष्ट्र के निर्देशों की पालना नहीं करते हैं। यह आर्थिक रूप से बड़े देशों के अंशदान पर निर्भर है। सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्यों में से कोई भी एक सदस्य देश अपने वीटो पावर का प्रयोग करके किसी भी प्रस्ताव को रोक सकता है। अत: आवश्यक है कि सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों की संख्या में वृद्धि कर, निर्णय बहुमत के आधार पर लिए जाए। इसे आर्थिक और सैन्य दृष्टि से भी मजबूत बनाने के भी प्रयास होने चाहिए। अंतर्राष्ट्रीयता न्यायालय के आदेश सदस्य देशों पर बाध्यकारी होने चाहिए। संयुक्त राष्ट्र संघ को प्रभावशाली बनाने के लिए इसके अधिकारों में वृद्धि आवश्यक है। यदि समय रहते संयुक्त राष्ट्र का पुनर्गठन नहीं किया तो इसकी कोई उपयोगिता शेष नहीं रहेगी।
-सुरेश चन्द, कोटा
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समय के हिसाब से बदलाव आवश्यक
संयुक्त राष्ट्र के मुख्य उद्देश्य हैं युद्ध रोकना, मानव अधिकारों की रक्षा करना, सामाजिक और आर्थिक विकास, जीवन स्तर सुधारना और बीमारियों से मुक्ति के लिए प्रयास। मुश्किल यह है कि यह संगठन अपने लक्ष्य में कामयाब नहीं हो पा रहा। इसमें बदलाव की जरूरत है ताकि चीन जैसे देश वीटो पावर का दुरुपयोग अपने निजी स्वार्थ के लिए नहीं कर सकें।
-प्रखर त्रिपाठी, उदयपुर
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वीटो पावर समाप्त करेंं
संयुक्त राष्ट्र विभिन्न देशों के बीच समन्वय बनाने का बहुत अच्छा माध्यम है। इसे मजबूत किया जाना चाहिए । इसके लिए संयुक्त राष्ट्र को आर्थिक रूप से सशक्त करना चाहिए, ताकि यह राष्ट्रों पर निर्भर ना हो और स्वतंत्र रूप से फैसला ले सके। वीटो पावर संयुक्त राष्ट्र की विफलता का मुख्य कारण है। इसेे समाप्त किया जाना चाहिए।
-रुचिका अरोड़ा, चूरू
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सुरक्षा परिषद का विस्तार किया जाए
विश्व के सभी देशों के बीच भ्रातृत्व की भावना का विकास किया जाए। सुरक्षा परिषद का विस्तार किया जाए। भारत, ब्राजील, जापान और कनाडा जैसे देशों को सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता दी जाए।
-पारस मल चौधरी, बागोड़ा, जालोर
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भारत को मिले महत्त्व
संयुक्त राष्ट्र में 5 देशों को वीटो पावर मिली हुई है। भारत और अन्य 4 देशों को भी यह अधिकार मिले। इससे 5 देशों की तानाशाही खत्म हो जाएगी। इसके साथ ही भारत को यूएन में प्रभावी पद दिया जाए।
-राजेश पहाड़े, दंतेवाड़ा छत्तीसगढ़
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बदलाव की जरूरत
विश्व में शांति बनाए रखने के लिए संयुक्त राष्ट्र का गठन हुआ था। आज के बदलते वैश्विक परिवेश में संयुक्त राष्ट्र का भी पुनर्गठन किया जाना अति आवश्यक है। इसके लिए यूएन के सभी अंगों में बदलाव व पुनर्गठन की जरूरत है। विशेष रूप से सुरक्षा परिषद के पांच स्थाई सदस्य देशों में बदलाव होना चाहिए, जिससे कि ये देश अपने वीटो पावर का दुरुपयोग नहीं कर सकें। अगर समय के अनुसार इसमें बदलाव नहीं किया जाता है, तो इसकी प्रासंगिकता एवं उपयोगिता समाप्त हो जाएगी।
-नरेंद्र रलिया, भोपालगढ़, जोधपुर
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एकता की भावना जरूरी
संयुक्त राष्ट्र को मजबूत करने के लिए सभी सदस्य देशों में एकता का भाव रखना जरूरी है। सदस्य देशों के आपसी विवादों को भी शांतिपूर्ण ढंग से सुलझा लेना चाहिए। सदस्य देश नाटो संगठन की भांति एकता दिखाएं, किसी एक सदस्य देश का संकट सभी सदस्य देशों का संकट मानकर व एक सदस्य देश की उपलब्धि सभी सदस्य देश अपनी उपलब्धि मानकर सहयोगपूर्ण रवैया अपनाएं।
-पुष्पा प्रजापति, जोधपुर
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बेबस है संयुक्त राष्ट्र
संयुक्त राष्ट्र के गठन के उद्देश्यों मे से एक प्रमुख उद्देश्य था कि संगठन विश्व मे शांति बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। फिर भी रूस यूक्रेन के बीच युद्ध चल रहा है। को संयुक्त राष्ट्र बेबस नजर आ रहा है। संयुक्त राष्ट्र को मजबूत बनाना समय की मांग है।
-- नरेश कानूनगो, देवास, मध्यप्रदेश.