
आपकी बात, कोरोना की दूसरी लहर के लिए चुनाव आयोग किस हद तक जिम्मेदार है?
चुनाव आयोग ही जिम्मेदार नहीं
मद्रास हाईकोर्ट ने कोरोना की दूसरी लहर के लिए चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराया हैै। महामारी के हालात को देखते हुए और जनता के स्वास्थ्य के मद्देनजर चुनाव आयोग को चुनाव स्थगित कर देना चाहिए था। जब चुनाव के लिए आदेश जारी किए गए थे, तभी अदालत को इन चुनावों पर रोक लगा देना चाहिए था। ऐसा क्यों नहीं किया गया? नेताओं ने चुनाव करवाने पर आपत्ति क्यों नहीं जताई? सच तो यह है कि कोरोना की दूसरी लहर के लिए केवल चुनाव आयोग जिम्मेदार नहीं है।
-विभा गुप्ता, बैंगलूरु
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चुनाव आयोग जिम्मेदार
निस्संदेह कोरोना की दूसरी लहर के लिए जिम्मेदार कारकों में चुनाव आयोग को क्लीन चिट नहीं दी जा सकती। जहां इतिहास में पहली बार सीबीएसई को अपनी सैकंडरी बोर्ड परीक्षाएं रद्द करनी पड़ रही हैं, वहीं चुनाव करवाना इतना जरूरी हो जाता है कि लोगों के जीवन की भी परवाह नहीं की जाती। मद्रास हाई कोर्ट की टिप्पणी भी इस दिशा में स्वागत योग्य कदम है। कोर्ट ने कोरोना की दूसरी लहर के लिए चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराया है।
-जयदर्थ यादव, बहरोड, अलवर
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जिम्मेदारी किसकी
घोड़ा घोड़े से नहीं जीते तो गधे के कान उमेठता है। परिवार में पति पत्नी में एक दूसरे से मुकाबला नहीं कर पाते तो बच्चों से डांट डपट करते हैं। इसी प्रकार अति प्रभावशाली सर्वोच्च पद पर आसीन व्यक्ति की गलतियों के लिए,जब उसे जिम्मेदार ठहराने का साहस हम नहीं जुटा पाते हैं तो कभी चुनाव आयोग पर, तो कभी जनता पर, कभी डाक्टरों पर, कभी छोटे व्यापारियों पर, कभी सिस्टम पर गलतियों का ठीकरा फोड़ दिया जाता है। भारत में सबसे ताकतवर प्रधानमंत्री पद पर आसीन व्यक्ति होता है और वर्तमान समय में भारत में सामूहिक विचार विमर्श के बाद निर्णय की प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है।
-गिरीश कुमार जैन, इंदौर
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चुनाव आयोग मूकदर्शक बना रहा
चुनाव आयोग को याद था कि कोरोना महामारी चल रही है, तो उसने चुनाव क्यों करवाए। चुनाव कराना जरूरी था, तो कोरोना गाइडलाइन की पालना करवाई जाती। राजनीतिक दल रैलियों में कोरोना गाइडलाइन का उल्लंघन करते रहे और चुनाव आयोग ने कुछ नही किया। ऐसी हालत में कोरोना फैलना ही था।
-शैलेंद्र गुनगुना, झालावाड़
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गाइडलाइन की पालना नहीं
कोरोना का अभी तक कोई स्थाई इलाज नहीं मिल पाया है। साथ ही अन्य देशों में कोरोना की दूसरी लहर ने पहली लहर के मुकाबले अत्यधिक नुकसान पहुंचाया है। इसके बावजूद चुनाव आयोग ने कोरोना गाइडलाइन की पालना करवाने का ध्यान नहीं रखा। यही वजह है कि आज कोलकाता में जांच करवा रहा प्रत्येक दूसरा शख्स कोरोना पॉजिटिव पाया जा रहा है।
-रामानंद, सादुलपुर, चूरू
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चुनाव आयोग ने बढ़ाया संकट
वर्तमान में कोरोना सबसे बड़ा संकट है। ऐसे में कोरोना से लडऩे व इससे बचने की योजना बनाने की बजाय चुनाव करवाना सबसे बड़ी लापरवाही है। इस बीमारी से बचने के लिए जहां एक तरफ लॉकडाउन जैसी परिस्थितियों से जनता जूझ रही है, वहीं दूसरी तरफ चुनाव आयोग ने बड़ी- बड़ी रैलियों की अनुमति देेकर संकट बढ़ा दिया।
-श्वेता, शाहपुर, सागर, मप्र
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रैलियों के लिए कुछ बंदिशों की जरूरत थी
चुनाव आयोग रैली में लोगों की संख्या की सीमा तय कर सकता था। किसी भी सभा में अधिकतम संख्या निर्धारित कर दी जाती। इस तरह के उपायों से कोरोना पर अंकुश लगता। मुश्किल यह है कि चुनाव आयोग ने इस तरफ ध्यान ही नहीं दिया। ऐसी हालत में कोरोना फैलना ही था।
-संतोष श्रीवास्तव, कांकेर, छत्तीसगढ़
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स्थगित हो सकते थे चुनाव
जब कोरोना के कारण परीक्षाओं को रद्द किया जा सकता है या आगे खिसका दिया जाता है, तो चुनाव स्थगित क्यों नहीं किए गए। चुनाव का समय आगे क्यों नहीं बढ़ाया गया? भले ही चुनाव आयोग पर दबाव था पर उसे चुनाव की तारीख तय करते समय गंभीरता से सोचना चाहिए था।
डॉ. दीप सिंह, श्रीगंगानगर
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अतिआत्मविश्वास से नुकसान
चुनाव आयोग और भारत सरकार के अति आत्मविश्वास के कारण ही कोरोना की दूसरी लहर खतरनाक साबित हो रही है। अब पता चल रहा है कि रैलियों के कारण कितना नुकसान हुआ।
-गुरुचरन सिंह जोधपुर।
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केंद्र सरकार भी जिम्मेदार
कोरोना की दूसरी लहर के लिए 50 प्रतिशत चुनाव आयोग व 50 प्रतिशत केन्द्र सरकार जिम्मेदार है। सब जानते हैं कि चुनाव आयोग खुद केन्द्र के हाथो की कठपुतली बनकर रह गया है। नेताओं को आम जनता से कोई लेना देना नहीं है। केंद्र सरकार और चुनाव आयोग अपनी मनमानी करते रहे, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड रहा है
-श्रवण बिन्ट, जोधपुर
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बरतनी होगी सावधानी
चुनाव रैलियों पर रोक न लगाने के कारण कोरोना की दूसरी लहर के लिए मद्रास हाई कोर्ट ने चुनाव आयोग को जिम्मेदार माना है। जहां चुनाव रैलियां नहीं हो रही, वहां भी कोरोना विस्फोट हो रहा है। वहां जिम्मेदारी किसकी है? इस संबंध में एक दूसरे पर दोषारोपण करने की बजाय लोगों को स्वयं सावधानी बरतनी होगी।
-डॉ. प्रहलाद कुमार गुप्ता, महेश नगर जयपुर
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चुनाव में हो रहा नियमों का उल्लंघन
चुनाव प्रचार की रैलियों से लेकर बूथ तक सभी जगह कोरोना वायरस से लडऩे के सामान्य नियमों का उल्लंघन किया गया। यहां मास्क और 2 गज की दूरी का जरा भी ध्यान नहीं रखा गया। चुनाव आयोग व सामान्य जन की लापरवाही ने कोरोना की रफ्तार को तेज किया।
-अमनदीप बिश्नोई , सूरतगढ़, श्रीगंगानगर
Published on:
27 Apr 2021 05:42 pm
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