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सभी जागें अंतरिक्ष पर संकट गहराने से पहले

हर वर्ष 4 अक्टूबर से विश्व अंतरिक्ष सप्ताह का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष की थीम है- ‘स्पेस एंड सस्टैनबिलिटी’। विश्व अंतरिक्ष निकाय का यह एक और संकेत है कि अंतरिक्ष की सुरक्षा को बहुत ही जिम्मेदार तरीके से निभाने की जरूरत है। उपग्रह या स्पेसक्राफ्ट के ‘एंड ऑफ लाइफ’ का मौजूदा प्रोटोकॉल यह है कि मिशन की समाप्ति पर या तो स्पेसएयरक्राफ्ट को ‘कब्रिस्तान की कक्षा’ (ग्रेवयार्ड ऑर्बिट) में स्थापित कर दिया जाता है या इतनी कम ऊंचाई पर, कि ‘एरोडाइनैमिक ड्रैग’ के चलते उपग्रह पृथ्वी के वायुमंडल में पुन: प्रवेश करते समय जल जाता है और पृथ्वी पर आ गिरता है। हर वर्ष लगभग 22 उपग्रह ‘कब्रिस्तान की कक्षा’ में स्थापित किए जाते हैं, जहां से उन्हें पृथ्वी पर वापस लाने की वर्तमान में कोई प्रक्रिया नहीं है।

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जयपुर

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Patrika Desk

Oct 03, 2022

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हर वर्ष 4 अक्टूबर से विश्व अंतरिक्ष सप्ताह का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष की थीम है- ‘स्पेस एंड सस्टैनबिलिटी’। विश्व अंतरिक्ष निकाय का यह एक और संकेत है कि अंतरिक्ष की सुरक्षा को बहुत ही जिम्मेदार तरीके से निभाने की जरूरत है। उपग्रह या स्पेसक्राफ्ट के ‘एंड ऑफ लाइफ’ का मौजूदा प्रोटोकॉल यह है कि मिशन की समाप्ति पर या तो स्पेसएयरक्राफ्ट को ‘कब्रिस्तान की कक्षा’ (ग्रेवयार्ड ऑर्बिट) में स्थापित कर दिया जाता है या इतनी कम ऊंचाई पर, कि ‘एरोडाइनैमिक ड्रैग’ के चलते उपग्रह पृथ्वी के वायुमंडल में पुन: प्रवेश करते समय जल जाता है और पृथ्वी पर आ गिरता है। हर वर्ष लगभग 22 उपग्रह ‘कब्रिस्तान की कक्षा’ में स्थापित किए जाते हैं, जहां से उन्हें पृथ्वी पर वापस लाने की वर्तमान में कोई प्रक्रिया नहीं है। कुछ नवाचार किए जा रहे हैं जिससे पृथ्वी की निचली कक्षा में भीड़भाड़ कम करने में मदद मिलेगी। हालांकि, राजनेताओं ने अंतरिक्ष की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया है। जरूरत है कि अंतरिक्ष की सुरक्षा का मुद्दा केवल अंतरिक्ष सप्ताह के दौरान ही महत्त्वपूर्ण न रहे, बल्कि इस पर गंभीर वैश्विक बहस शुरू हो ताकि वर्तमान और भावी पीढिय़ां समूची मानवता के लिए अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण उपयोग से वंचित न हों।