
आपकी बात, सोशल मीडिया का क्या दुष्प्रभाव पड़ रहा है?
मानसिक रूप से बीमार हो रहे हैं बच्चे
सोशल मीडिया का घातक दुष्प्रभाव भी नजर आ रहा है। जहां सोशल मीडिया आज के समय में मनुष्य की आवश्यकता बन गया है, वहीं इसके दुष्परिणाम भी बहुत दिख रहे है। व्यक्ति सोशल मीडिया की वर्चुअल दुनिया में जकड़ा हुआ है। इसकी वजह से परिवारों का विघटन, पति-पत्नी में आपसी कलह तक के मामले सामने आ रहे हैं। बच्चे अब मैदान में खेलने की बजाय मोबाइल पर खेल रहे हैं। बच्चे सोशल मीडिया के कारण मानसिक रूप से बीमार हो रहे है।
-आशुतोष शर्मा, जयपुर
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विकृत मानसिकता का जन्म
सोशल मीडिया का वर्तमान समय में बहुत ज्यादा दुरुपयोग हो रहा है। कई प्रकार के विदेशी वीडियो गेम से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। सोशल मीडिया बच्चों में गुस्से और तनाव का प्रमुख कारण बनता जा रहा है। सोशल मीडिया के दुष्परिणाम के रूप में विकृत मानसिकता उभर कर सामने आई है। इससे अपराध भी बढ़ रहे हैं।
-बिहारी लाल बालान, लक्ष्मणगढ़, सीकर
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भ्रमित हो रहे हैं युवा
सोशल मीडिया से साइबर बुलिंग, हैकिंग, हेट स्पीच, डेटा चोरी, राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे अपराधों का खतरा बढ़ता जा रहा है। बिना किसी जांच-पड़ताल के अधिकांश मुद्दों को जाति, धर्म, संप्रदाय में बांट कर वास्तविकता और संविधान की मूल भावना को दरकिनार करके असभ्य और अमर्यादित भाषा में टिप्पणी करने लगते हैं । देश और समाज के प्रति अपना दायित्व भी टिप्पणी करके निभा लेते हैं । विशेषकर युवा किताबों से दूर होकर प्रायोजित खबरों से पर भ्रमित हो रहे हैं।
-रविन्द्र सिंह चौहान, उदयपुर
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बढ़ रही हैं बीमारियां
सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग, लंबी चैटिंग, कपोल कल्पित दुनिया में विचरण से अनेक समस्याएं पैदा हो रही हैं। सोशल मीडिया पर गेम्स में उलझी हुई युवा पीढ़ी अपना बहुमूल्य समय नष्ट कर रही है। सोशल मीडिया में अश्लीलता की भरमार हो गई है । स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़े बताते हैं कि सोशल मीडिया के निरंतर प्रयोग से स्नायु तंत्र की बीमारियां तेजी से बढ़ रही है।
-सतीश उपाध्याय, मनेंद्रगढ़ कोरिया, छत्तीसगढ़
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सही उपयोग है वरदान
सोशल मीडिया का सही उपयोग किसी वरदान से कम नहीं, लेकिन इसका असंयमित प्रयोग हमारे अंदर कई तरह की मानसिक समस्याओं को जन्म दे सकता है। इस कारण युवाओं में चिड़चिड़ापन, नींद न आना, चिंता, तनाव, अवसाद, छोटी-छोटी बात में गुस्सा आ जाना जैसी अनेक मानसिक समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं।
-कमलेश इन्द्राणा
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अवास्तविक जगत में भटकता युवा
सोशल मीडिया युवाओं को अवास्तविक जगत का हिस्सा बना देता है। हर वर्ग ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार हो रहा है। सोशल मीडिया के दुष्प्रभाव को रोकने के लिए युवाओं को जागरूक करना बेहद जरूरी है। उन्हें जानना होगा कि सोशल मीडिया के बाहर भी एक दुनिया है।
-अर्विना, ग्रेटर नोएडा
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सही उपयोग से फायदा
सोशल मीडिया का सही सदुपयोग किया जाए, तो यह सरकार और जनता की आंखें खोलने का एक मजबूत प्लेटफॉर्म है। किन्तु ऐसा नहीं हो रहा है। इसका बहुत से लोग दुरुपयोग कर रहे हैं, जिसके दुष्परिणाम आम लोगों को अफवाहों के रूप में भुगतने पड़ रहे हैं। हर उपयोगकर्ता ठीक नहीं होता।
- दीपा देवेंद्र नेनावा, इंदौर, मप्र
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वास्तविकता से दूर
सोशल मीडिया युवाओं को कहीं न कहीं अवास्तविक जीवन शैली की तरफ धकेल रहा है। लोगों को सोशल अकाउंट वास्तविक जीवन से अधिक महत्वपूर्ण लगने लगे हैं। ख़ुशी यो या गम, हर बात सोशल मीडिया के माध्यम से जाहिर करने की मानसिकता युवाओं को वास्तविक जीवन से दूर ले जा रही है।
-राहुल पालीवाल, राजसमंद
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फर्जी खबरों का बढ़ता जाल
सोशल मीडिया का सबसे बड़ा दुष्प्रभाव यह हैं कि इसमें लगातार साझा हो रही फर्जी खबरों, जानकारियों का जाल बहुत घना होता जा रहा हैं। तथ्यों को बिना समझे जानकारियों, खबरों को एक-दूसरे को साझा कर देना इसका मुख्य कारण है। सोशल मीडिया पर कुछ भी साझा करने से पहले आवश्यकता थोड़ा सोच लेना चाहिए।
-सिद्धार्थ विला, महू, (म.प्र.)
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नकारात्मक प्रभाव
सोशल मीडिया की वजह से युवा पीढ़ी सबसे ज्यादा प्रभावित हो रही है। सोशल मीडिया ने आज की युवा पीढ़ी को नई पहचान देने के साथ पूरी दुनिया से जुडऩा सिखाया है। सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म के उपयोग का नशा युवाओं के सिर चढ़ बोल रहा है। इनका युवाओं पर नकारात्मक प्रभाव अधिक हो रहा है। सोशल मीडिया पर अपनी हर जानकारी को शेयर करने से वे वास्तविक जीवन से दूर होते जा रहे हैं। सोशल मीडिया का अधिक उपयोग, उन्हें डिप्रेशन का शिकार भी बना रहा है।
-नरेश कानूनगो, बेंगलूरू,कर्नाटक.
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बढ़ रहा है डिप्रेशन
सोशल मीडिया के कारण मानसिक रूप से बीमारों की संख्या बढ़ रही है। लोग ऑनलाइन धोखाधड़ी के शिकार हुए हैं। डिप्रेशन की बीमारी भी भी बढ़ रही है। सोशल मीडिया को ज्यादा इस्तेमाल घातक है।
-दीपक गर्ग, रेलमगरा, राजसमंद
Published on:
29 Sept 2021 05:55 pm
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