
आपकी बात, किसी भी सरकार में मंत्री पद के लिए क्या योग्यता होनी चाहिए?
अनुभवहीन को न बनाएं मंत्री
भारत संसार का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। यहां मंत्री बनने के लिए पढ़ा-लिखा होना आवश्यक नहीं है। यह एक तरह से बहुत बड़ी विसंगति है। सर्वप्रथम तो इस विसंगति को दूर किया जाना चाहिए और फिर जिस मंत्रालय के लिए मंत्री बनाया जाता है, उसके लिए आवश्यक योग्यता निर्धारित की जानी चाहिए। जैसे शिक्षा मंत्री के लिए उसका उच्च शिक्षित होना, स्वास्थ्य मंत्री के लिए स्वास्थ्य से सम्बंधित डिग्री आवश्यक कर देना चाहिए। हमारे संविधान में यह बहुत बड़ी खामी है कि यहां शिक्षा मंत्री अनपढ़ व्यक्ति को भी बनाया जा सकता है। हां, युवा पीढ़ी को भी आगे लाना चाहिए, परन्तु एकदम युवा जो प्रथम बार चुनकर आया है, उसको मंत्री बनाना भी लोकतंत्र के लिए खतरा साबित हो सकता है। ऐसे व्यक्ति के पास योग्यता तो होती है, परन्तु अनुभव नहीं। अनुभवहीन व्यक्ति खतरनाक साबित हो सकता है। इसलिए अनुभवहीन व्यक्ति को तो किसी भी हालत में मंत्री पद न सौंपा जाए।
-कैलाश चन्द्र मोदी, सादुलपुर, चूरु
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तकनीक के ज्ञान को दें प्राथमिकता
सरकार में मंत्री उच्च शिक्षित होंगे तो जनता से जुड़े मुद्दों को सुलझाने में आसानी रहेगी। कम शिक्षित मंत्री मुद्दों को सुलझाने हुए खुद ही उलझ जाते हैं। सभी मंत्रालय और कार्यालय तकनीक आधारित हो गए हैं, तकनीकी ज्ञान वाले मंत्री श्रेष्ठ तरीके से नीतियों को निष्पादित कर सकते हैं। इससे राजनीति के चरित्र में सुधार आएगा। अक्सर देखा गया है कि ज्ञान, कौशल तथा अनुभव के अभाव में नौकरशाहों और मंत्रियों में समन्वय स्थापित नहीं हो पाता। राजनीति में आयु भी योग्यता का एक पैमाना होना चाहिए, क्योंकि अधिक आयु के मंत्री फील्ड विजिट नहीं कर पाते, जिससे वे जनता की समस्याओं को नहीं समझ पाते। आज के तकनीकी युग मे देश को टेक्नोक्रेट्स और उच्च क्षमता राजनेताओं की आवश्यकता है। मंत्रालयों के अनुसार अनुभवी तथा कौशल प्राप्त मंत्री ही योजनाओं को सही तरीके से लागू कर सकते हैं।
-कनिष्क माथुर, जयपुर
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किसी वर्ग को खुश करने के लिए न बनाएं मंत्री
एक लोकतांत्रिक देश में किसी भी सरकार (केंद्र या राज्य) में मंत्री बनाने के लिए पहली योग्यता तो यह होनी चाहिए कि व्यक्ति के विषय ज्ञान के आधार पर ही विभाग आवंटित होना चाहिए। जैसे एक सफल वकील को कानून मंत्री, डॉक्टर को चिकित्सा मंत्री, सीए को वित्त मंत्री, महिला को महिला विकास मंत्री। व्यक्ति का राजनीतिक सफर कितना लंबा है उसको भी दूसरी योग्यता बनाना चाहिए। केवल राजनीतिक इनाम, किसी वर्ग विशेष को खुश करने, अल्पमत की सरकार बचाने के लिए दूसरे दलों से आए हुए व्यक्ति को मंत्री कतई नहीं बनाना चाहिए। न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता तय करनी चाहिए। एक शिक्षित मंत्री ही कार्यपालिका को नियंत्रित रखकर कार्य निष्पादन करवा सकता है।
-भगवती लाल जैन, राजसमंद
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शैक्षणिक योग्यता तय की जाए
हमारे देश में चपरासी से लेकर प्रशासनिक अधिकारी की नौकरी के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता और अधिकतम आयु भी तय की जाती है। हमारे देश का दुर्भाग्य ही है कि देश के कर्णधारों की न उम्र देखी जाती है, न योग्यता। सर्वप्रथम तो चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार की आयु सीमा तय की जाए और स्नातक तक की शिक्षा अनिवार्य कर देनी चाहिए। सरकार बनने के बाद मंत्री पद के लिए उसका अनुभव व उसकी काबिलियत के अनुसार मंत्री पद देना चाहिए। हमारी सरकार में बारहवीं पास को भी शिक्षा मंत्री का पद दे दिया जाता है। इसका खमियाजा देश व जनता दोनों को भुगतना पड़ता है।
-लता अग्रवाल, चित्तौडग़ढ़
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उच्च शिक्षित और अनुभवी ही बने मंत्री
यह भारतीय लोकतंत्र की विडंबना है कि यहां के मतदाता अशिक्षित या कम पढ़े-लिखे व्यक्ति को भी विधायक व सांसद बनने का मौका प्रदान कर देते हैं। इन पदों पर निर्वाचित होकर यही विधायक व सांसद अपनी जाति, क्षेत्र व धनबल के प्रभुत्व पर मंत्री पद भी प्राप्त कर लेते हैं। ऐसे लोग मंत्री बन कर न विभाग पर अपनी पकड़ बना पाते हैं और न ही अपने विभाग से आमजन को लाभान्वित कर पाते हैं। इनका उद्देश्य सिर्फ सत्ता सुख प्राप्ति तक सीमित रह जाता है। राष्ट्र व प्रदेश के आमजन के हित व सर्वांगीण विकास के लिए मंत्री उच्च शिक्षा प्राप्त व विभाग के विषय की जानकारी रखने वाला व्यक्ति बने। अपनी बौद्धिक क्षमता से अधिकारियों व कर्मचारियों से तालमेल बैठाकर देश व प्रदेश के आमजन का हित व सर्वांगीण विकास करा सके। देश और प्रदेश की भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखकर विकास की योजनाएं बनाने की क्षमता रखता हो।
-सुदर्शन शर्मा, चौमूं, जयपुर
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शैक्षणिक योग्यता का ध्यान रखा जाए
जनतांत्रिक व्यवस्था में सरकार के मंत्री बनने के लिए शैक्षणिक योग्यता का कोई प्रावधान नहीं किया गया है, परंतु सफल गणतांत्रिक व्यवस्था के लिए और उसके चहुंमुखी विकास के लिए जन प्रतिनिधि का पढ़ा-लिखा और योग्य होना बहुत जरूरी है। इस व्यवस्था से महत्वपूर्ण योजनाओं को बनाने और उनके क्रियान्वयन में काफी सहायता मिलेगी और जनप्रतिनिधियों को नौकरशाहों पर आश्रित नहीं रहना पड़ेगा। किसी भी सरकार में मंत्री पद के लिए कम से कम स्नातक की शिक्षा जरूरी की जाए।
-डॉ. अशोक, पटना, बिहार
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कठपुतली न हो मंत्री
आजकल मंत्री बस सरकार की हां में हां मिलाने का काम ही करते हैं। गलत नीतियों का विरोध करना या विरोधी स्वर बोलना मंत्रियों को अपनी कुर्सी से दूर करने वाला प्रतीत होता है। विगत कुछ दिनों से सरकार का केन्द्रीयकरण हो गया है। कितने ही मजदूर पलायन कर गए, लेकिन श्रम मंत्री चुप थे। अनाज मुफ्त दिया जा रहा है, लेकिन इसमें खाद्य मंत्री की कोई भूमिका नही। इसलिए आवश्यक है कि मंत्री कठपुतली की तरह कार्य न करें।
-नटेश्वर कमलेश, चांदामेटा, मध्यप्रदेश
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युवाओं को दी जाए प्राथमिकता
मंत्री पद के लिए स्नातक या स्नातकोत्तर डिग्री होना जरूरी होना चाहिए। 60 या उससे अधिक आयु वर्ग के लोगों को मंत्री पद में स्थान नहीं दिया जाना चाहिए। देश व प्रदेश के विकास के लिए अधिक से अधिक युवाओं व महिलाओं को मंत्री पद में स्थान दिया जाना चाहिए।
-आलोक वालिम्बे, बिलासपुर, छत्तीसगढ़
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मंत्री पद के लिए जरूरी हो शिक्षा
सरपंच से लेकर मंत्रीपद के लिए शिक्षा अनिवार्य कर देनी चाहिए। पढ़ा-लिखा व्यक्ति सही निर्णय ले सकता है। आज सांसद और विधायक बनने के लिए कोई शैक्षणिक योग्यता निर्धारित नही है। मंत्री बनने के लिए नैतिकता और ईमानदारी सबसे पहला गुण होना चाहिए।
-कांतिलाल मांडोत सूरत
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जरूरी हो स्नातक
किसी भी सरकार के मंत्री के लिए स्नातक की शिक्षा जरूरी होनी चाहिए। दूसरा उसका नैतिकता का भी टेस्ट होना चाहिए, तीसरा वह मंत्रिमंडल से जुड़े कामों का अनुभव रखता हो। मेडिकल पढ़ाई वाले को स्वास्थ्य विभाग, कॉमर्स के जानकार को वित्त विभाग का जिम्मा दिया जाना चाहिए। नये चेहरों को भी मंत्रिमंडल में मौका दिया जाना चाहिए।
-राजेश कुमार चौहान, जालंधर
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अनुभव भी जरूरी
किसी भी सरकार में मंत्री बनने के लिए संबंधित व्यक्ति शिक्षित होना चाहिए। साथ ही वह अनुभवी होना चाहिए, जिससे वह मंत्रालय को भलीभांति संभाल सके। वर्तमान समय में इसकी अत्यंत आवश्यकता है। मंत्रालय के समस्त क्रियाकलापों पर उसकी नजर होनी चाहिए।
-बिहारी लाल बालान, लक्ष्मणगढ़, सीकर
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शैक्षणिक योग्यता जरूरी
मंत्रियों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता होनी चाहिए। कम से कम स्नातक हो। इससे निर्णय करने में आसानी होगी और अधिकारी उसे गुमराह नहीं कर पाएंगे।
- उदय कुमार सोनी, खंडवा, मध्यप्रदेश
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स्नातकोत्तर की डिग्री जरूरी हो
किसी भी मंत्री को अपने विभाग से जुड़े निर्णय देखने होते हैं। उच्च परीक्षा के बाद अधिकारी बनने के लिए परीक्षा के कई कठिन चरणों से निकलना पड़ता है। ऐसे अधिकारियों पर जब एक अनपढ़ या कम पढ़ा-लिखा व्यक्ति रौब जमाता है, तो निराशा होती है। इसलिए सरकार को मंत्री पद के लिए स्नातकोत्तर की डिग्री अनिवार्य कर देना चाहिए।
-करण राज सोलंकी, तखतगढ़
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ईमानदार को ही बनाएं मंत्री
शिक्षित और ईमानदार व्यक्ति को ही मंत्री बनाया जाना चाहिए। मंत्री बनाने से पहले उसके व्यक्तित्व की अच्छी तरह से छानबीन करनी चाहिए, क्योंकि देश का मंत्री पद बहुत ही अहम होता है। कोई भी गलत व्यक्ति मंत्री बनने से उस पद की गरिमा कम हो सकती है।
-बालकिशन अग्रवाल, सूरत, गुजरात
Published on:
09 Jul 2021 04:44 pm
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