
आपकी बात, जलवायु परिवर्तन का मानव जीवन पर क्या असर हो रहा है?,आपकी बात, जलवायु परिवर्तन का मानव जीवन पर क्या असर हो रहा है?
जलवायु परिवर्तन का दुष्प्रभाव
जलवायु परिवर्तन मानव जीवन को शारीरिक और मानसिक दोनों तरीके से प्रभावित कर रहा हैं। मौसम में अवांछनीय परिवर्तन, दिन और रात के तापमान में वृद्धि होना मानव जीवन पर भारी पड़ रहा है। कई तरह की बीमारियां फैल रही हैं। खाद्यान्न और पानी की कमी जैसी समस्याएं भी पैदा हो रही हैं।
- बजरंग सिंह, खण्डेला,सीकर
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जरूरी है प्रकृति की सुरक्षा
जलवायु परिवर्तन मानव जीवन को काफी हद तक प्रभावित कर रहा है। जलवायु परिवर्तन से जल की कमी, सूखे की समस्या, मौसमी बाधाएं और बाढ़ का विस्तार मानव जीवन को प्रभावित कर रहा है। जल की कमी से खाद्य सुरक्षा, सामाजिक व आर्थिक तंगी, स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ रही हैं। इन समस्याओं से बचने के लिए हमें प्रकृति की सुरक्षा की ओर ध्यान देना चाहिए।
-कमलेश कुमार कुमावत, चौमूं, जयपुर
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बढं़ेगी प्राकृतिक आपदाएं
जलवायु परिवर्तन के फलस्वरूप बाढ़, सूखा तथा आंधी-तूफान जैसी प्राकृतिक आपदाओं की बारंबारता में वृद्धि के कारण अनाज उत्पादन में गिरावट दर्ज होगी। पृथ्वी का तापमान बढ़ेगा, उससे तेजी से हिमनद पिघलेंगे, महासागरों का जलस्तर बढ़ेगा। स्थानीय खाद्यान्न उत्पादन में कमी से भुखमरी और कुपोषण की समस्या बढ़ेगी
-प्रकाश भगत, कुचामन सिटी, नागौर
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बढ़ रही हैं बीमारियां
जलवायु परिवर्तन असामान्य तापमान की स्थिति, बाढ़ और सूखे जैसी आपदाएं, भूमि उत्पादकता, खेती, वन और जलीय जीव जैसी समस्याओं से संबंधित है। जलवायु परिवर्तन से जीव जंतुओं की अनेक प्रजातियां विलुप्त हो चुकी हैं, समुद्री जीवों का अस्तित्व खतरे में है, जिससे खाद्य शृंखला असंतुलित हो रही है। अनेक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी उत्पन्न हो रही हंै।
-रेखा शर्मा, जयपुर
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उपयोगी है अणुव्रत
बदलते मौसम, असमय बारिश और तापमान में परिवर्तन जलवायु परिवर्तन का परिणाम है। इससे मानव जीवन की गतिविधियां जैसे स्वास्थ्य, कृषि, व्यापार प्रभावित होते हैं। जलवायु परिवर्तन सभी जीवों के जीवन के लिए हानिकारक हो रहा है। अणुव्रत के सिद्धांतों के जरिए जलवायु परिवर्तन की समस्या को काबू में किया जा सकता है।
-अमन चौधरी
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खाद्यान्न संकट
जलवायु परिवर्तन का मानव जीवन पर प्रभाव हो रहा है। ग्लोबल वार्मिंग के कारण सबसे बड़ा खतरा तो मानव के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। अस्थमा, हृदय, मधुमेह, हार्मोन्स असंतुलन इत्यादि जाने कितने ही रोगों का यही कारण है।इसके अलावा इस परिवर्तन से कहीं अधिक वर्षा और कहीं सूखे के कारण खाद्यान्न संकट भी बढ़ रहा है।
-निर्मला देवी वशिष्ठ, राजगढ,़ अलवर
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फसल पर असर
खेतों में बुवाई पारम्परिक समय के अनुसार की जाती है। किसी भी फसल की अच्छी पैदावार के लिए कुछ विशेष जलवायु मानक जिम्मेदार होते है। परिवर्तित जलवायु बीजों के अंकुरण से लेकर पैदावार की गुणवत्ता तक को प्रभावित करते है। यह स्थिति भविष्य में आने वाले खाद्यान्न संकट की ओर इशारा करती है।
शिवा सारस्वत, टोंक
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जरूरी है प्रकृति के अनुकूल आचरण
कार्बन उत्सर्जन पर्यावरण विनाश और जलवायु संकट का कारण बना है। पृथ्वी का बढ़ता तापमान मानव के लिए संकट पैदा कर रहा है। जलवायु परिवर्तन प्राकृतिक आपदाओं और बीमारियों का कारण बना है। साथ ही साथ जलवायु परिवर्तन का प्रभाव पूरे विश्व पर पड़ेगा। जलवायु परिवर्तन से मानव के स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव पड़ेगा। पृथ्वी का तापमान बढ़ेगा, उससे हिमनद पिघलेगा, महासागरों का जलस्तर बढ़ेगा। इससे प्राकृतिक आपदाएं जैसे बाढ़ का आना, अत्यधिक बरसात जैसी घटनाएं होंगी जिससे कृषि पर भी प्रभाव पड़ेगा। प्रकृति के अनुकूल आचरण-व्यवहार ही आपदाओं से बचा सकेगा।
-नरेंद्र रलिया, जोधपुर
Published on:
30 Apr 2023 05:17 pm
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