
आपकी बात, सोशल मीडिया का लोकतंत्र पर क्या असर पड़ रहा है?
सकारात्मक एवं नकारात्मक प्रभाव
लोकतंत्र पर सोशल मीडिया के नकारात्मक एवं सकारात्मक दोनों ही तरह के प्रभाव देखे जाते हैं। अपने सबसे अच्छे रूप में यह हमें खुद को व्यक्त करने और खुद को बेहतर बनाने का मौका देता है। सबसे बुरी स्थिति में यह लोगों को गलत सूचना फैलाने और लोकतंत्र के मूल्यों को नष्ट करने के रास्ते खोलता है। लोकतंत्र पर सोशल मीडिया का प्रभाव राजनीतिक ध्रुवीकरण के रूप में नजर आता है। इसके जरिए नफरत एवं साम्प्रदायिकता से भरे भाषणों को आसानी से फैला सकता है। इसका इस्तेमाल अफवाहें फैलाने और गलत सूचना फैलाने के लिए भी किया जा सकता है।
-प्रदीप सिंह सोलंकी, कोटा
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कड़े नियम जरूरी
फेसबुक, ट्विटर या वट्सएप सभी विदेशी हैं और इन पर भारत सरकार का नियंत्रण बहुत कम है। इनकी दखलअंदाजी से लोकतांत्रिक मूल्यों को ठेस पहुंचा रही है। झूठे प्रोपेगेंडा और समकालीन मुद्दों के नाम पर अफवाह तथा दूषित प्रचार-प्रसार हो रहा है। समाज का एक तबका सोशल मीडिया के माध्यम से समकालीन मुद्दों का प्रचार-प्रसार तो करता है, लेकिन कभी-कभी वह समाज का बंटवारा भी कर देता है। दूषित प्रचार-प्रसार और अफवाहों से समाज में अस्थिरता और अराजकता उत्पन्न कर रहा है। इस उभरती हुई अप्रत्यक्ष समानांतर सरकार को कहीं ना कहीं वास्तविक सरकार बनने से रोकना होगा। सोशल मीडिया जिस गति से लोगों का माइंड वाश कर रहा है वह कुछ लोगों की सोची समझी साजिश का परिणाम है। सरकार को इनके लिए कुछ कड़े नियम विनियम बनाने चाहिए।
-एकता शर्मा, गरियाबंद, छत्तीसगढ़
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फेक न्यूज रोकी जाए
सोशल मीडिया लोकतंत्र को प्रभावित करता है। इसकी वजह यह है कि इसके जरिए जनता को अधिक जानकारी मिल रही है और लोग जागरूक हो रहे हैं। कोरोना के चलते राजनीतिक पार्टियां चुनाव में वर्चुअल मीटिंग के माध्यम से ही अपने विचार जनता तक पहुंचा सकी हैं। सोशल मीडिया के जुड़ाव से अपने-अपने क्षेत्रों में बैठकर डिबेट में भी भाग लिया जा सकता है। यही वह एक ऐसी कड़ी है जिसकी वजह से लोग आपस में जुड़े हुए हैं। हां, सोशल मीडिया पर फेक न्यूज को जरूर रोकना चाहिए।
-वन्दना दिक्षित, बूंदी
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नकारात्मक असर ज्यादा
सोशल मीडिया का प्रयोग नकारात्मक रूप में ज्यादा हो रहा है। आपत्तिजनक पोस्ट कर लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करना, अराजकता का माहौल फैलाना और राजनीतिक ध्रुवीकरण इसका मुख्य उद्देश्य बनता जा रहा है। हालांकि सोशल मीडिया के कई सकारात्मक प्रभाव भी हैं।
-मधुरा व्यास ,उदयपुर
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सकारात्मक असर ज्यादा
सोशल मीडिया का लोकतंत्र पर सकारात्मक असर हुआ है। सरकारों की कार्यप्रणाली पर जनता नजर रखती है। सोशल मीडिया ही है,जिससे कोरोना जैसी महामारी से बचाव के लिए लोगों को जागरूक किया और सरकारों को चेताया।
-शिवजी लाल मीना, जयपुर
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फैलती हैं भ्रांतियां
सोशल मीडिया का दुरुपयोग लोकतंत्र के लिए बड़ा खतरा है। इससे देश में जातिवाद, भेदभाव, अंधविश्वास को बढ़ावा मिल रहा है। सोशल मीडिया भ्रांतियां फैलाकर लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रहा है!
-शिवपाल सिंह, मेड़ता सिटी ,नागौर
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सरकार पर सवाल उठाए जा सकते हैं
सोशल मीडिया एक ऐसा प्लेटफार्म है, जिसके द्वारा शक्तिशाली सरकारों पर भी सवाल उठाए जा सकते हैं और लोगों को जागरूक कर सकते हैं। इस तरह सोशल मीडिया का लोकतंत्र पर सकारात्मक असर पड़ रहा है।
-गोपाल रैकवार, मनेंद्रगढ़,कोरिया छत्तीसगढ़
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लोकतंत्र पर प्रभाव
सोशल मीडिया सूचना भेजने और प्राप्त करने का सस्ता व सरल तरीका है। इसका लोकतंत्र पर भी प्रभाव पड़ रहा है। जो उम्मीदवार, पार्टी या संगठन जितना ज्यादा सोशल मीडिया से अपने आप को प्रचारित करता है, उतना ज्यादा उसको लाभ होता हैं। इसकी वजह यह है कि आजकल हर हाथ में मोबाइल नजर आ रहा है।
-संजय माकोड़े, बड़ोरा, बैतूल
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बढ़ रहा है महत्त्व
सोशल मीडिया अपने विचारों को जन -जन तक पहुंचाने का साधन बन रहा है। दुनिया के सभी क्षेत्रों को समाहित करने और बेहता संप्रेषण के गुण वाले इस माध्यम को बहुत महत्त्व बढ़ता ही जा रहा है। सोशल मीडिया की व्यापकता के कारण आम व्यक्ति के विचार भी सामने आ रहे हैं।
-अजिता शर्मा, उदयपुर
Published on:
21 Mar 2022 03:58 pm
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