
फाइल फोटो
नियमित सेफ्टी ऑडिट हों
कारखानों में होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए नियमित रूप से सेफ्टी ऑडिट होने चाहिए। साथ ही खतरनाक रसायनों का उचित संधारण, कारखाना आपदा प्रबंधन योजना का निर्माण एवं मूल्यांकन , सुरक्षा मानकों की पालना और अग्नि सुरक्षा से संबंधित मॉक ड्रिल का आयोजन कर खतरों से बचने की ट्रेनिंग दी जानी चाहिए।
-अशोक कुमार शर्मा, करधनी, झोटवाड़ा, जयपुर
.........................
नीतियों में सुधार का अभाव है वजह
औद्योगिक दुर्घटनाएं, सुरक्षा पॉलिसीज में नियमित सुधार और संधारण के अभाव की प्रतिक्रिया स्वरूप घटित होती हैं।उपकरणों के नवीनीकरण, कर्मचारियों का सतत प्रशिक्षण, सुरक्षा मानकों का उचित निर्धारण औद्योगिक दुर्घटनाओं को रोकने में कारगर सिद्ध हो सकता है। कर्मचारियों को सुरक्षित रखने के लिए सही सुरक्षा सरंचना की आवश्यकता अपरिहार्य है ताकि औद्योगिक दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
-सुनील पारीक, भांकरी, कोटपूतली-बहरोड़, राजस्थान
.........................
ठोस व सख्त कदम आवश्यक
औद्योगिक दुर्घटनाएं रोकने के लिए उद्योग की स्थापना के समय आवश्यक मानकों की ठोस व निष्पक्ष जांच हो और प्रतिवर्ष उद्योग की औचक जांच व गहन निरीक्षण करके दोषी मालिकों को उचित सजा तो मिले ही, औद्योगिक इकाई को सील भी कर दिया जाए। ऐसे कुछ अन्य ठोस व सख्त कदम आवश्यक हैं।
-प्रेम शर्मा, रजवास, टोंक
.........................
सुरक्षा मानकों का कानून के अनुसार पालन हो
औद्योगिक स्थलों पर कार्य करने वाले कर्मचारियों को आवश्यक प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। मशीनों की खराबी को यथाशीघ्र दूर किया जाना चाहिए। औद्योगिक स्थलों पर अग्नि सुरक्षा उपकरण लगे हैं या नहीं, यह सुनिश्चित होना चाहिए। औद्योगिक अधिनियम 1948 के तहत उद्योगों में आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन किया जाना चाहिए।
-ज्योति अभिषेक शर्मा, जयपुर (राजस्थान)
.........................
औद्योगिक इकाइयों में आधुनिकीकरण जरूरी
औद्योगिक इकाइयों में नवीन तकनीक के इस्तेमाल से दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। इसके लिए औद्योगिक क्षेत्र में आधुनिकीकरण की आवश्यकता है। साथ ही निर्धारित स्थान पर उस विषय से संबंधित जानकारी रखने वाले विशेषज्ञ को ही लगाया जाए और इन्हें पूर्व में इसके लिए जागरूक भी किया जाए।
-भेरूदान शर्मा, सूरतगढ़ (श्रीगंगानगर)
.........................
सुरक्षा प्रशिक्षण हो सर्वोच्च प्राथमिकता
प्रत्येक उद्योग की उत्पादन प्रक्रिया और संबंधित सुरक्षा उपाय अलग-अलग होते हैं जिनका प्रशिक्षण श्रमिकों को भर्ती के पहले दिन से ही दिया जाए और प्रशिक्षण पूर्ण होने पर ही उन्हें काम पर लगाया जाय। उद्योग इकाइयां सुरक्षा जागरूकता को महत्त्वपूर्ण दायित्व समझें। श्रमिकों को धन प्रलोभन देकर जोखिमों से भरे काम न सौंपे जाएं। श्रमिकों का ग्रुप सुरक्षा बीमा अनिवार्य रूप से कराया जाए ताकि दुर्घटना होने पर उसके परिवार को आर्थिक लाभ प्राप्त हो सके।
-मुकेश भटनागर, भिलाई, छत्तीसगढ़
.........................
लालफीताशाही और भ्रष्टाचार अड़चन बन रहे
सरकार ने हर क्षेत्र की सुरक्षा के लिए अधिनियम बना रखें हैं और उनमें आपत्तिजनक स्थिति से निपटने के प्रावधान भी कर रखें हैं पर लालफीताशाही और भ्रष्टाचार की वजह से उनका पालन नहीं हो पाता है। इस वजह से आएदिन औद्योगिक क्षेत्रों में दुर्घटनाएं होती रहती हैं। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण हाल ही में जयपुर की केमिकल फैक्ट्री में आग का लगना है। इस प्रकार की दुर्घटनाओं से बचने के लिए अधिनियम का सख्ती से पालन करवाया जाना चाहिए और औद्योगिक क्षेत्रों में दुर्घटनाओं से बचाव के उपकरण अवश्य होने चाहिए ताकि प्रतिकूल स्थिति में उनका उपयोग किया जा सके।
-कैलाश चन्द्र मोदी, सादुलपुर (चूरू)
.........................
लानी होगी औद्योगिक इकाइयों में सजगता
औद्योगिक दुर्घटनाओं को रोकने के लिए औद्योगिक इकाइयों में सजगता लाना बहुत जरूरी है। औद्योगिक इकाई संचालकों/ उनके कर्मचारियों को सरकार की ओर से समुचित प्रशिक्षण मिले जिससे वे अपने यहां होने वाली औद्योगिक दुर्घटनाओं में कमी ला सकें। इसके साथ-साथ औद्योगिक दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जो सरकारी इकाइयां जिम्मेदार हैं वे पूरी मुस्तैदी के साथ कार्य करेंगी तो निश्चित रूप से औद्योगिक दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है।
- सत्य प्रकाश शुक्ला, ग्वालियर (मध्यप्रदेश)
Published on:
21 Dec 2023 06:02 pm
बड़ी खबरें
View Allओपिनियन
ट्रेंडिंग
