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आपकी बात, सांप्रदायिक दंगों को रोकने के लिए सरकारों को क्या करना चाहिए?

पत्रिकायन में सवाल पूछा गया था। पाठकों की मिलीजुली प्रतिक्रियाएं आईं, पेश हैं चुनिंदा प्रतिक्रियाएं।

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Patrika Desk

Apr 06, 2023

आपकी बात, सांप्रदायिक दंगों को रोकने के लिए सरकारों को क्या करना चाहिए?

आपकी बात, सांप्रदायिक दंगों को रोकने के लिए सरकारों को क्या करना चाहिए?

कड़ी कार्रवाई जरूरी
साम्प्रदायिक दंगों को रोकने का सबसे सरल व सटीक उपाय यह है कि पुलिस बिना भेदभाव समाजकंटकों के खिलाफ त्वरित कड़ी कार्रवाई करे। दोषियों को शीघ्र दंड दिलाने के लिए न्यायालय में सही साक्ष्य पेश किए जाएं और तारीख-तारीख का खेल नहीं खेला जाए।
-मोहन बोहरा, उदयपुर
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संविधान के धर्मनिरपेक्ष स्वरूप को समझें
भारतीय संविधान की सुंदरता इसका धर्मनिरपेक्ष होना है। नई व्यवस्थाओं की आवश्यकता नहीं, बल्कि भारत के संविधान के धर्मनिरपेक्ष स्वरूप को समझा जाए। राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के लिए संप्रदाय विशेष का उपयोग न हो। सरकार लोगों को जागरूक करे। धार्मिक आयोजन अपनी आस्था के लिए हो न कि किसी की भावनाओं को आहत करने के लिए।
-शिवा सारस्वत, टोंक
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बना रहे सौहार्द
सांप्रदायिक दंगों को रोकने के लिए सरकारों को समाज में शांति समितियां गठित करनी चाहिए, ताकि आपसी तालमेल बना रहे। साथ ही साथ समय-समय पर विभिन्न धर्म गुरुओं के साथ बैठकें करते रहना चाहिए, ताकि समाज में आपसी सौहार्द, सहयोग और सामंजस्य बना रहे।
-आशुतोष शर्मा, जयपुर
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नेता ही भड़काते हैं दंगे
सांप्रदायिक दंगे नेता ही करवाते हैं । भड़काऊ भाषण सख्ती से रोकने चाहिए। धार्मिक कार्यक्रमों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम हो। दंगे करने वाले संगठनों पर प्रतिबंध लगाना आवश्यक है।
- जे.के.सोनी, निम्बलकोट, बाड़मेर
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वोट के लिए धर्म का इस्तेमाल न हो
सांप्रदायिक दंगे रोकने के लिए सबसे पहले तो राजनीतिक दल यह तय करें कि वे वोट के लिए धर्म का इस्तेमाल नहीं करेंगे। युवा पीढ़ी का सही दिशा में समाजीकरण हो। जिला प्रशासन सक्रिय और सतर्क रहे। किसी भी अफवाह से बचें और हर व्यक्ति विवेक से काम लेे।
-अजय कुमार, अलवर
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नफरती भाषण देने वालों पर कार्रवाई जरूरी
सांप्रदायिक दंगों को रोकने के लिए सबसे पहले हमें राजनीति को स्वच्छ बनाना होगा। नफरती भाषण देने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साम्प्रदायिकता को रोकने के लिए धर्मनिरपेक्षता को बढ़ावा देना चाहिए। खुफिया एजेंसियों की मजबूती के लिए कार्य करें और सुरक्षा बल हमेशा सतर्क रहें। सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नष्ट करने वाले लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाए।
-सुभाष सिद्ध बाना, श्रीडूंगरगढ़, बीकानेर
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आयोग का गठन किया जाए
आजकल सांप्रदायिक दंगे आम हो गए हंै। इन्हें रोकने के लिए सरकार को एक आयोग का गठन करना चाहिए, जिसमें मानवाधिकार विशेषज्ञों को लेना चाहिए। इसकी सिफारिशों के आधार पर दंगों को रोकने की योजना बनाई जानी चाहिए।
-अमन कालरा, कोटा
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कठोरता से निपटा जाए
विभिन्न संप्रदायों के बीच सौहार्द का वातावरण बनाने का प्रयास करना चाहिए। इसके बाद भी इस प्रकार के दंगे होते हैं, तो सरकार को कठोरता से निपटना चाहिए। अक्सर दंगे, त्योहार के समय ही होते हैं। इस दौरान सरकार को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
-राजेश सराफ, जबलपुर, एम.पी
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कट्टरपंथियों की पहचान की जाए
सांप्रदायिक दंगों को रोकने के लिए वैसे तो सरकारें अपने स्तर पर हर संभव प्रयास करती हैं , परन्तु फिर भी दंगे हो जाते है। दंगों को रोकने के लिए सरकारों को ऐसे कट्टरपंथियों की पहचान करनी चाहिए, जो लोगो को भड़काने का काम करते हैं । ऐसे लोगों को कुछ समय के लिए नजरबंद कर देना चाहिए।
-ज्योतिरादित्य शर्मा, जयपुर