
आपकी बात, बाल विवाह रोकने के लिए सरकार और समाज को क्या करना चाहिए? पत्रिकायन में सवाल पूछा गया था।
सरकारी सुविधाओं से वंचित किया जाए
बाल विवाह शहरों की अपेक्षा गांवों में अधिक होते हैं। घर-घर में जाकर बाल विवाह रोकने का संदेश देने से अधिक जागरूकता लाई जा सकती है। सरकारी कैंप लगातार लगाए जाएं, बाल विवाह के दुष्परिणाम गिनाए जाएं। बाल विवाह करने पर सरकारी सुविधाओं से वंचित किया जाए।
-पवन गौड़, जयपुर
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जागरूकता अभियान जरूरी
कानून के बावजूद अगर बाल विवाह नहीं रुक रहे हंै, तो कहीं न कहीं इसके पीछे सरकार, समाज और प्रशासन की मौन स्वीकृति भी नजर आती है। सरकार को बाल विवाह कानून में संशोधन कर कानून को और अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता है। ऐसा होने पर ही 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओÓ, जैसे नारे सार्थक सिद्ध होंगे। बाल विवाह से होने वाले नुकसान तथा कानूनी नियमों को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करना चाहिए। बाल विवाह से निपटने के लिए सरकार, प्रशासन और समाज को मिलकर जन जागरूकता अभियान चलाना चाहिए।
-प्रकाश भगत, कुचामन सिटी, नागौर
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शिक्षा का प्रसार जरूरी
बाल विवाह रोकने के लिए सरकार को न सिर्फ शिक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करना चाहिए, बल्कि इससे होने वाले नुकसान के प्रति समाज में जागरूक करना चाहिए। कम उम्र में शादी से बालिकाओं का स्वास्थ्य खराब हो सकता है। ऐसे में सरकार को मीडिया के माध्यम से लोगों में जागरूकता पैदा करनी चाहिए।
-सुप्रीत बनर्जी, कोरबा, छत्तीसगढ़
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समाज जागरूक हो
बाल विवाह रोकने के लिए सरकार ने तो कानून बना रखे हैं, पर उनको कोई मानता नहीं है। बाल विवाह रोकने के लिए समाज को जागरूक होना होगा। अगर समाज के लोग बाल विवाह रोकने के लिए प्रतिबद्ध हो जाएं, तो बाल विवाह रुक सकते हैं।
-लता अग्रवाल, चित्तौडग़ढ़
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शिक्षा पर जोर देना होगा
बाल विवाह को रोकने के लिए बच्चों की शिक्षा पर जोर देने के साथ-साथ जागरूकता पैदा करनी चाहिए। इससे बच्चे अपना बचपन न खोकर शिक्षा करेंगे और अपना भविष्य उज्जवल बना पाएंगे।
-नितिन सादेले, करैरा, शिवपुरी, मप्र
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कानून से नहीं रुकेंगे बाल विवाह
सामाजिक कुरीतियों को कानून के बल पर नहीं रोका जा सकता। शिक्षा, संस्कार व जागरूकता से ही इनको रोका जा सकता है। यह बात बाल विवाह पर भी लागू होती है!
हुकुम सिंह पंवार, टोड़ी, इन्दौर
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समाज ले जिम्मेदारी
बाल विवाह रोकने के लिए सरकार को कड़ा कानून बनाना चाहिए। इसके साथ ही समाज को जागरूक करना चाहिए। सामाजिक तौर पर इसे कुरीति मानकर समाज को इस मामले में कड़े नियम बनाने चाहिए। समाज के प्रतिष्ठित लोगों को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए और बाल विवाह से बच्चों के जीवन पर पडऩे वाले दुष्प्रभावों से आम जन को अवगत करवाना चाहिए।
- राम कंवार पारासरिया, मेड़ता सिटी, नागौर
Published on:
07 May 2023 04:35 pm
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