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आपकी बात, महिलाओं से जुड़े अपराधों को रोकने के लिए सरकार को क्या करना चाहिए?

पत्रिकायन में सवाल पूछा गया था। पाठकों की मिलीजुली प्रतिक्रियाएं आईं, पेश हैं चुनिंदा प्रतिक्रियाएं।

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Patrika Desk

Jan 01, 2023

आपकी बात, महिलाओं से जुड़े अपराधों को रोकने के लिए सरकार को क्या करना चाहिए?

आपकी बात, महिलाओं से जुड़े अपराधों को रोकने के लिए सरकार को क्या करना चाहिए?

पुलिस की लापरवाही
पुलिस की लापरवाही की वजह से महिलाओं के प्रति अपराध में इजाफा हुआ है। पुलिस शुरुआत में शिकायत को लेकर गंभीर नहीं होती। यदि पुलिस शिकायतों को गंभीरता से लेकर कार्रवाई करे, तो हर तरह के अपराध कम हो सकते हैं।
-हरिप्रसाद चौरसिया, देवास, मध्यप्रदेश
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निगरानी व्यवस्था मजबूत की जाए
महिलाओं से जुड़े अपराधों को रोकने के लिए सरकार को पुलिस में महिलाओं की अधिक भर्ती करने, निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने और पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षण देने पर ध्यान देना चाहिए। महिलाओं की सुनवाई थानों में शीघ्रता से करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने पर इस तरह के अपराध कम हो सकते हैं।
-शिवजी लाल मीना, जयपुर
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त्वरित कार्रवाई जरूरी
सरकार को महिला अपराधों से जुड़े कानूनों को कड़ाई से लागू करना चाहिए। अपराधियों के खिलाफ प्रभावशाली तरीके से त्वरित कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए।
-सुन्दर लाल बिश्नोई ,बीकानेर
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महिलाओं को आत्म रक्षा सिखाई जाए
सबसे पहले महिलाओं को आत्म रक्षा की तकनीक सिखानी होगी तथा उनके मनोबल को भी ऊंचा करने की जरूरत है। इससे महिलाएं हालात का दृढ़ता से सामना कर सकती हैं।
-गजानंद शर्मा अलोदा, खाटू श्याम जी
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कठोर हो सजा के प्रावधान
वर्तमान दौर में महिलाएं हिंसा से प्रताडि़त होकर अपने आपको अकेला महसूस कर रही हैं। महिलाएं समाज और राष्ट्र की प्रतिष्ठा का प्रतीक मानी जाती हैं। महिला अपराध के संबंध में दोषी को कठोर सजा मिलनी चाहिए। महिलाओं से जुड़े मामलों में अपराधी की पहचान करके तुरंत ठोस कारवाई करनी चाहिए।
-पी.सी. खंडेलवाल, त्योंदा संभर लेक, जयपुर
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जरूरत है जागरूकता की
महिलाओं को जागरूक करना होगा। केवल कानून बनाने से कुछ नहीं होने वाला। महिलाओं को सुरक्षा के उपाय बताने होंगे।
-कैलाश चन्द्र मोदी, सादुलपुर, चूरू
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विकृत मानसिकता
महिला की अस्वीकृति को कुछ पुरुष अपने अहंकार और आत्मसम्मान पर आघात समझते हैं। वे स्त्री को हमेशा अपने पैर की जूती समझना चाहते हैं। सभी कार्य उन्हीं के मन मुताबिक होने चाहिए। प्रेम ,शादी ,तलाक जैसे केस में महिलाओं पर अनेक तरह के सामाजिक और पारिवारिक दबाव डाले जाते हैं। यही नहीं यौन उत्पीडऩ, बलात्कार जैसे जघन्य अपराधों में भी उनके रहन-सहन और पहनावे पर तंज कसे जाते हैं। कहीं ना कहीं इसके पीछे स्त्रियों का एक वर्ग भी है, जो स्वयं को स्वतंत्र नहीं स्वच्छंद बना रहा है। इसका खमियाजा समाज की अन्य महिलाओं को भुगतना पड़ता है।
-एकता शर्मा, जयपुर
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सख्ती से लागू हों कानून
महिला अपराधों से जुड़े कानूनों को सख्ती से लागू किया जाना चाहिए। महिलाओं को शैक्षिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जाना चाहिए। साथ ही सामाजिक जागरूकता से ही महिला अपराध को कम किया जा सकता है।
-मनीष सोनी, फलोदी, जोधपुर
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तुरंत मिले सहायता
महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सक्षम बनाना चाहिए। जगह-जगह पर सीसीटीवी कैमरों को लगवाना चाहिए। हेल्पलाइन नंबर को जगह-जगह पर बड़े-बड़े अक्षरों में लिखवाना चाहिए और तुरंत सहायता देने का प्रावधान होना चाहिए। किसी भी तरह का अपराध होने पर न्याय मिलने में कम समय लगना चाहिए।
-मीना सनाढ्य, उदयपुर
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जरूरी है महिला सशक्तीकरण
महिला सशक्तीकरण के लिए अब बड़े और मजबूत कदम उठाने होंगे। साथ ही कठोर कानून बनाने होंगे।
-अन्नपूर्णा खाती, बीकानेर।