
आपकी बात, खराब सड़कों के कारण हो रहे हादसों के लिए कौन है जिम्मेदार?
सड़क निर्माण में लगता है घटिया माल
सड़केंं चाहे सरकार बनाए या कोई निजी संगठन, कभी ईमानदारी नहीं दिखाई जाती है। पैसा बचाने के चक्कर में घटिया माल लगाया जाता है, जो बारिश आते ही अपना असली रूप दिखा देता है। सड़कों की टूट-फूट के बाद कई महीनों तक उसकी मरम्मत नहीं करवाई जाती। मजबूर जनता को अपनी जान जोखिम में डालकर खराब सड़कों का इस्तेमाल करना पड़ता है। नतीजा हर रोज हादसे की खबरें आती हैं। प्रशासन पैसे बटोरने के सिवा किसी काम को लेकर सजग नहीं होता।
-रजनी वर्मा, श्रीगंगानगर
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खराब सड़कों से हो रहे हैं हादसे
अच्छी एवं गुणवत्तापूर्ण सड़कें आवश्यक हैं । यातायात नियमों की अनदेखी तथा सवारियों एवं सामान की ओवरलोडिंग के कारण सड़क हादसों में वृद्धि हो रही है। वाहनों की तीव्रगति से आवाजाही दुर्घटनाओं का कारण बन रही है। हाईवे पर वाहन इतनी तीव्र गति से चलते हैं, जिससे बड़े हादसे हो जाते हैं। युवा फर्राटे से बाइक दौड़ाते हुए नजर आ जाते हैं। नजर हटी, दुर्घटना घटी। वाहनों की गति नियंत्रित करने की आवश्यकता है। नाबालिग को किसी सूरत में न दें वाहन।
-खुशवन्त कुमार हिण्डोनिया, चित्तौडग़ढ़
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फिर क्यों लिया जाता है टैक्स
खराब सड़कों के कारण हो रही दुर्घटनाओं के लिए सड़क परिवहन मंत्रालय और सरकार भी कुछ हद तक जिम्मेदार है। जब रोड टैक्स लिया जा रहा है, तो सड़कों की उचित देखभाल भी तो करनी चाहिए।
-संजयकाका, हातोद
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वोट को बनाएं हथियार
खराब सड़कों के कारण होने वाले हादसों के लिए भ्रष्ट तंत्र जिम्मेदार है। चुनाव के समय मतदाता सड़कों की खराब हालत को ध्यान में रखकर अपने मत का प्रयोग करें, खासतौर पर स्थानीय निकाय के चुनावों में, तो हालात सुधर सकते हैं। हो सकता है कि नेता सड़कों की हालत सुधारने की तरफ ध्यान देना शुरू कर दें।
-राजेश कुमार चौहान, जालंधर
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कमीशन तंत्र जिम्मेदार
सड़क हादसों का एक कारण टूटी-फूटी सड़कें हैं। सड़क निर्माण में बजट का लगभग तीस प्रतिशत ही लगता है। बाकी लगभग सत्तर प्रतिशत कमीशनखोरी की भेंट चढ़ जाता है। कमीशनखोरी की ऊपर से लेकर नीचे तक चेन बनी हुई है। सड़क निर्माण में गुणवत्ता का अभाव ही हादसों को दावत देता है। इसके लिए मंत्री से लेकर संतरी तक पसरा कमीशन तंत्र जिम्मेदार है।
-मुकेश भटनागर, भिलाई
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हादसे का इंतजार
अपने-अपने क्षेत्र के अंदर जनप्रतिनिधि ध्यान दें, तो कभी भी ऐसे हादसे नहीं होंगे। सड़कों की समय-समय पर मरम्मत होती रहे, तो सड़कें दुरुस्त रहेंगी। जब तक कोई हादसा नहीं होता तब तक इस समस्या पर ध्यान ही नहीं दिया जाता। चुनाव आने पर ही थोड़ा बहुत ध्यान दिया जाता है।
रामप्रसाद, उदयपुर
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गुणवत्ता की अनदेखी
खराब सड़कों के कारण हो रहे हादसों के लिए सरकार व संबंधित विभाग जिम्मेदार हंैं। न तो सरकार सड़कों के निर्माण के लिए और न ही कभी मरम्मत के लिए पर्याप्त बजट देती है और न ही संबंधित विभाग के अधिकारी पर्याप्त बजट मांगते हैं। जो बजट मिलता है, उसमें भी ऊपर से नीचे तक बंदर-बांट चलती है। इसके चलते सड़कों के निर्माण की गुणवत्ता की अनदेखी कर मात्र डम्बर से कंक्रीट काली कर बिछा दी जाती है और टूटी सड़कों के लिए वर्षा को दोषी ठहराया जाता है। सरकार और संबंधित विभाग टूटी सड़कों के गड्ढे भरे और नियमानुसार ईमानदारी से सड़कें बनाए, तो सड़कें आसानी से नहीं टूट पाएंगी और हादसों से बचा जा सकता है।
-सुनील कुमार माथुर, जोधपुर
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जनप्रतिनिधि जिम्मेदार
बरसात में आमतौर पर सड़कों की हालत बद से बदतर हो जाती है, जिसके लिए मुख्य रूप से हमारे जनप्रतिनिधि ही जिम्मेदार हैं । न तो वे सही तरीके से सड़कों का निर्माण करा पाते हैं और न ही सड़कों का रखरखाव करवाने पर ध्यान दे पाते। भ्रष्टाचार के चलते सड़कें भी ऐसी बनती हैं कि एक ही बारिश में साफ हो जातीहैं , जिससे दुर्घटनाओं में वृद्धि होती है। सड़कों पर जगह-जगह गड्ढे नजर आते हैं। सरकार भी हादसों के बाद जागती है। जांच कमेटी बैठा दी जाती है, लेकिन जिम्मेदारों पर तो फिर भी कार्रवाई नहीं होती है।
-आशुतोष शर्मा, जयपुर
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घटिया निर्माण का नतीजा
प्रतिदिन सड़क हादसे की खबरें आती रहती हैं। ज्यादातर सड़कों पर गड्ढे सामान्य बात है। असल में घटिया निर्माण के कारण ऐसा होता है। सड़क निर्माण के दौरान गुणवत्ता का ध्यान ही नहीं रखा जाता।
-रोशन पाटीदार, डूंगरपुर
Published on:
01 Aug 2022 03:54 pm
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