
आपकी बात, देवी की पूजा करने वाले देश में भी महिलाएं असुरक्षित क्यों हैं?
देवी न सही इंसान तो समझें
प्रत्येक जगह अच्छाई के साथ-साथ बुराई भी विद्यमान होती है। जिस देश में नारी को दुर्गा समझ कर पूजा की जाती है, उसी देश में ऐसे लोग भी होते हैं जो औरत को एक इंसान भी नहीं समझते। वे उसे इस्तेमाल करने की वस्तु समझते हैं, यानी यूज करो और फेंक दो। कुछ राक्षसी प्रवृत्ति के लोग तो हैवानियत की सारी हदें पार कर देते हैं। वे छोटी बच्चियों को भी नहीं बख्शते। ऐसी लोगों के खिलाफ सरकार को सख्त और तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। कोई महिला को देवी समझे या न समझे, इंसान जरूर समझे।
-रजनी वर्मा, श्रीगंगानगर
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नैतिक पतन ने बढ़ाई समस्या
जिस देश मे महिलाओं को देवी स्वरूप मे पूजा जाता हो, वहां भी महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। असल में कड़े कानूनों की कमी और पुलिस की लापरवाही के कारण ऐसा हो रहा है। अशोभनीय फैशन के अंधानुकरण के साथ, विभिन्न प्रकार के नशे के तेजी से बढ़ते सेवन ने भी महिलाओं को असुरक्षित बनाने मे भूमिका निभाई है। नैतिक पतन और सामाजिक मूल्यों मे आई गिरावट से, महिला वर्ग भयाक्रांत-सा है। महिला सशक्तीकरण और समानता के जुमले केवल राजनीति की खिचड़ी पकाने में काम आते हैं। देवी पूजा करने वाले देश में, देवी तुल्य महिलाओं के साथ, आज भी भेदभाव वाली नीति अपनाई जाती है।
-नरेश कानूनगो, देवास, मध्यप्रदेश
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पूजा करें, प्रताडऩा नहीं
आज लोग अपनी संस्कृति का आधार भूल रहे हैं। एक व्यक्ति के जीवन के तीन ही आधार हैं। ज्ञान,धन व शक्ति इन तीनों का स्रोत मानी जानी वाली देवियों के स्वरूप की पूरे नौ दिनों तक पूजा होती है, लेकिन जो वर्तमान में उनका स्वरूप नारी के रूप में विद्यमान है, उन्हें प्रताडऩा व उपेक्षा के अलावा कुछ नहीं मिलता। पूरे नवरात्र में हम देवी की पूजा करते हैं, लेकिन महिलाएं आज भी सुरक्षित नहीं ंहैं। इसका मुख्य कारण ही यही है कि लोग अपनी संस्कृति भूलते जा रहे हैं। हमारी संस्कृति नारी पूजा का है ना कि प्रताडऩा की।
-नटेश्वर कमलेश, चांदामेटा, मध्यप्रदेश
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पाश्चात्य संस्कृति का असर
कहा जाता है कि इंसान भगवान को मानता तो बहुत है, मगर भगवान का कहा नहीं मानता। देवी की पूजा करने वाले देश में महिलाएं असुरक्षित हैं। इसका मुख्य कारण है - लोगों की मानसिकता, लचीले कानून व पाश्चात्य संस्कृति। हर महिला का आत्मनिर्भर व शिक्षित न होना भी कारण हैं। महिलाएं अगर आत्मनिर्भर व शिक्षित होंगी, तो अपने फैसले खुद लेंगी व अपराध के खिलाफ पूरी हिम्मत से लड़ सकेंगी। परिवार में बचपन से ही बच्चों को महिलाओं की इज्जत करना सिखाना चाहिए।
-पायल पालीवाल, गुढ़ानाथावतान, बूंदी
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अश्लील सामग्री के कारण
सोशल मीडिया पर ढेर सारी अश्लील सामग्री है। हर हाथ में मोबाइल है, जिससे यह सामग्री आसानी से उपलब्ध हो जाती है। इस वजह से लोगों की मानसिकता दूषित होती जा रही है।
-लता अग्रवाल, चित्तौड़गढ़
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महिलाओं को बनाया जाए जागरूक
भारत में देवियों की पूजा की जाती है। इसके बावजूद भारत में स्त्रियों की हालत ठीक नहीं है। मंदिरों में उन्हें पूजा जाता है, तो बाहर उनका अपमान और उत्पीडऩ होता है। महिलाओं से जुड़े अपराध का एक कारण है, नैतिक शिक्षा की कमी, और पितृसत्तात्मकता से भरे समाज का महिलाओं के प्रति रवैया। कड़े कानून हों और पुरुषों को महिला सुरक्षा, सम्मान के मामले में संवेदनशील बनाया जाए तो शायद हालात बदल जाएं। महिलाओं को प्रशिक्षित व जागरूक किया जाना चाहिए। साथ ही शिक्षा पद्धति में सुधार आवश्यक है।
-अमित कुमार मीना, सिकराय, दौसा
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समझना होगा देवी पूजा का अर्थ
जिस देश में धर्म को धंधा बनाकर देवी पूजा करने का ढोंग किया जाए, उस देश में महिलाएं सुरक्षित नहीं रह सकतीं। इसके लिए अपने धर्मगुरुओं से देवी पूजा का सही अर्थ समझना होगा।
-अ. मजीद, पोकरण
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नजरिया बदलिए
अधिकतर लोग लड़की के कपड़े पर कमेंट करते रहते हैं उनको पहले खुद मे झांकना चाहिए। नजरिया बदलना अति आवश्यक हैं। साथ ही हर लड़की को अपनी रक्षा करना सीखना होगा।
-प्रियव्रत चारण, जोधपुर
Published on:
26 Sept 2022 04:14 pm
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