
आपकी बात, आर्थिक असमानता क्यों बढ़ रही है?
बढ़ते निजीकरण का प्रभाव
बढ़ते निजीकरण के कारण कर्मचारियों को समुचित पारिश्रमिक नहीं मिलता है। भारत में पुश्तैनी अरबपतियों की संख्या अधिक है। ऐसे में एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक धन का हस्तांतरण एवं संचयन होता रहता है। रोजगार में कमी से भी आर्थिक असमानता बढ़ रही है। राजकोषीय घाटे पर नियंत्रण रखने की जुगत में प्राय: सरकारें सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों की अनदेखी करती हैं।
पंकज पांडे, जबलपुर
..........................
अमीर-गरीब के बीच की खाई कम की जाए
यह बात सही है कि देश में पहले के मुकाबले समृद्धि आई है, लेकिन इसके साथ ही आर्थिक विषमता भी बढ़ी है। अमीर तो और अमीर हो रहे हैं, गरीब और गरीब। समय रहते अमीर और गरीबों की खाई कम करने के प्रयास करने होंगे।
-साजिद अली, इंदौर
......................
बेरोजगारी है बड़ी वजह
बढ़ती बेरोजगारी आर्थिक असमानता का प्रमुख कारण है। गरीब और अधिक गरीब, अमीर और अधिक अमीर होता जा रहा है। लोगों के खर्चे तो बढ़े हैं, परंतु आय कम होती जा रही है। सबसे ज्यादा तो कोरोना ने प्रभावित कर दिया।
-बिहारी लाल बालान, लक्ष्मणगढ़, सीकर
..................
भ्रष्टाचार है प्रमुख वजह
आर्थिक असमानता की प्रमुख वजह भ्रष्टाचार है। भ्रष्टाचार हर जगह है। ज्यादातर अफसर भ्रष्टाचार में लिप्त हंै। आम आदमी भी अपना काम निकलवाने के लिए कथित तौर पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहा है। देश के विकास के लिए आर्थिक समानता बहुत आवश्यक है।
-सुदेश बिश्नोई, श्रीगंगानगर
.............................
कोरोना भी है एक कारण
कोरोना के कारण भी आर्थिक असमानता अत्यधिक बढ़ रही है। कारखाने ठप हो गए हैं। बड़ी संख्या में लोगों को नौकरी से हाथ धोना पड़ा है। इससे लोगों की आय नहीं हो रही है।
-आकांक्षा रूपा चचरा, कटक, ओडिशा
....................
लघु उद्योगों को प्रोत्साहन किया जाए
जनसंख्या वृद्धि, बेरोजगारी की दर में बढ़ोतरी, सिर्फ बड़े उद्योगपतियों के अनुकूल सरकारी नीतियां बनने और लघु उद्योगों को प्रोत्साहन नहीं मिलने से आर्थिक असमानता बढ़ती ही जा रही हैं। बेरोजगारी कम करने के लिए लघु उद्योगों को प्रोत्साहन देना होगा।
-गोविन्द रॉकी व्यास, नवलगढ़, झुंझुनू
.....................
नहीं मिलता सरकारी योजनाओं का लाभ
आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा और रोजगार का अभाव है। कोरोना के कारण बेरोजगारी की समस्या जटिल हो गई है। सरकारी योजनाओं का लाभ भी पात्र लोगों को समय पर नहीं होता। इसलिए लोग गरीबी के दुश्चक्र से नहीं निकल पा रहे।
-अंजुली सोनी, पवई, पन्ना, म.प्र
..................
बेरोजगारी ने बढ़ाई आर्थिक असमानता
आर्थिक असमानता बढऩे के पीछे कई कारक जिम्मेदार हैं, जिसमें बेरोजगारी सबसे प्रमुख कारण है। इसकी वजह से अमीर लोग और अधिक अमीर बनते जा रहे हैं। गरीब और गरीब होता जा रहा। अमीर-गरीब के बीच बढ़ती खाई को खत्म करना होगा।
-सी. आर. प्रजापति, हरढ़ाणी, जोधपुर
........................
भ्रष्टाचार है प्रमुख वजह
आर्थिक असमानता की प्रमुख वजह भ्रष्टाचार है। भ्रष्टाचार सरकारी विभागों में पैर पसार रहा है। हाल ही में आई एक रिपोर्ट के अनुसार देश की स्थिति भयावह है। कमोबेश सभी अफसर भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। इसी वजह से आर्थिक असमानता बढ़ती जा रही है। आम आदमी भी अपना काम निकलवाने के लिए कथित तौर पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहा है। समूचे देश की वृद्धि एवं विकास के लिए आर्थिक समानता बहुत आवश्यक है।
-सुदेश बिश्नोई, श्रीगंगानगर
.................
कोविड भी है कारण
भारत में आर्थिक असमानता के मुख्य कारणों में महामारी और बेरोजगारी है। जब रोजगार ही नहीं होगा तो पैसा आएगा कहां से? दूसरी तरफ पैसे वाले पैसे से पैसा बनाते रहते हैं।
-धर्मेंद्र पूनम सिंह सिंगाड़, थांदला, मप्र
Published on:
05 Dec 2021 03:46 pm
बड़ी खबरें
View Allओपिनियन
ट्रेंडिंग
