16 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

आप की बातः देश में आर्थिक असमानता क्यों बढ़ रही है?

पाठकों की मिलीजुली प्रतिक्रियाएं आईं। पेश हैं चुनिंदा प्रतिक्रियाएं।

2 min read
Google source verification

image

Nitin Kumar

Nov 26, 2023

आप की बातः देश में आर्थिक असमानता क्यों बढ़ रही है?

आप की बातः देश में आर्थिक असमानता क्यों बढ़ रही है?

गरीबों और अमीरों की स्थिति में अंतर
स्वतंत्रता के बाद आज भी आर्थिक असमानता तेज गति से बढ़ती जा रही है। गरीब ग्रामीण, श्रमजीवी, बैलगाड़ी की रफ्तार से आगे बढ़ रहे हैं तो बुद्धिजीवी ट्रेन तथा पूंजीपति हवाई जहाज की रफ्तार से आगे बढ़ रहे हैं जिससे गरीब और अमीर के बीच की खाई लगातार बढ़ रही है। भारत राज्य के माध्यम से दुनिया से विकसित राष्ट्र बनने की होड़ कर रहा है जबकि भारत में 20 करोड़ लोगों की स्थिति आज भी दयनीय है। हमारा समाज समाजवाद की अवधारणा को नकार रहा है और समाज की हर इकाई व्यक्तिगत लाभ या छोटे समूह के लाभ तक सीमित होती जा रही है। समावेशी सोच का नितांत अभाव देखा जा रहा है, जिससे समाज में अलगाव देखने को मिल रहा है। आर्थिक असमानता बढ़ने के पीछे मूल कारण यही है।
- मीना सनाढ्य, उदयपुर, राजस्थान

..................................................

आयस्रोत किसी के दो, किसी का शून्य
शिक्षा ग्रहण करने का अधिकार सबका है तो सरकारी या निजी नौकरियां प्राप्त करने का अधिकार भी सबका है। कहीं एक ही शिक्षित परिवार में आय के दो जरिए हैं तो कहीं एक भी नहीं। जनता वर्तमान में बेरोजगारी की बढ़ती दुर्दशा को झेल रही है। समाज में आर्थिक असमानता की उत्पत्ति के विभिन्न धरातल निर्मित हो चुके हैं जो तब तक रहेंगे जब तक सारे लोग एक-दूसरे के पारिवारिक पेशों को अपनाने की मानसिकता नहीं बना लेते।
- मुकेश भटनागर, भिलाई, छत्तीसगढ़

..................................................

काबिलियत के बावजूद अवसर नहीं
देश में आर्थिक असमानता इसलिए बढ़ रही है क्योंकि गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को काबिलियत होने के बावजूद रोजगार के अच्छे अवसर नहीं मिल रहे। मजबूरन उनको कम वेतन पर काम करना पड़ता है। पुरुषों और महिलाओं के बीच आय का अंतर एक गंभीर आर्थिक असमानता का मुद्दा बन चुका है। अधिकांशतः महिलाएं समर्थ, सक्षम होती हैं फिर भी उन्हें पुरुषों के मुकाबले रोजगार के कम अवसर और वेतन मिलता है। सबको समान अवसर मिलने चाहिए। भ्रष्टाचार के कारण भी अमीर और अमीर होता जा रहा है।
- लविना माथुर, जयपुर

..................................................

गांवों में संसाधनों की कमी है कारण
आर्थिक असमानता का सबसे बड़ा कारण यह है कि सुदूरवर्ती संसाधनहीन क्षेत्रों में सुविधाएं पूर्णतः नहीं पहुंच पातीं। अमीर और अमीर होते जा रहे हैं जिनके लिए महंगाई कोई मुद्दा नहीं है। जबकि कमजोर वर्ग की शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार संबंधी जरूरतों पर ध्यान दिया भी जाता है तो यह बुनियादी स्तर का ही होता है। इससे असमानता कम नहीं होती है।
- वंदनागोपाल शर्मा, भाटापारा, छत्तीसगढ़

..................................................

असमानता सदा से, हो रही अनदेखी
सामाजिक स्तर पर आर्थिक असमानता की गहरी खाई हमारे देश में हमेशा से रही है। लेकिन सभी लोगों की मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति होना भी आवश्यक है। धन वाले अपने धन का सही तरीके से मैनेजमेंट एवं इन्वेस्टमेंट करके और अधिक धन कमा लेते हैं। परंतु सीमित आय वालों का पूरा धन जरूरी आवश्यकताओं की पूर्ति में ही खर्च हो जाता है। उनके पास बचत या निवेश करने के लिए अतिरिक्त राशि उपलब्ध नहीं होती है। यही कारण है कि समाज में आर्थिक असमानता बढ़ती रहती है। इस असमानता को खत्म करने के लिए कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है।
- ललित महालकरी, इंदौर, मप्र