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Patrika Opinion: एयरपोर्ट पर सुविधाओं की अनदेखी क्यों?

देश में कई एयरपोर्ट निजी कंपनियों को सौंप दिए गए हैं। कहने को तो सरकार ने यात्रियों के लिए सुविधाएं बढ़ाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया है, लेकिन सवाल यह है कि क्या यात्रियों को सुविधाएं मिल पा रही हैं?

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Patrika Desk

Mar 27, 2023

Patrika Opinion: एयरपोर्ट पर सुविधाओं की अनदेखी क्यों?

Patrika Opinion: एयरपोर्ट पर सुविधाओं की अनदेखी क्यों?

हवाई यात्रा अगर सुविधा की जगह दुविधा बनने लग जाए, तो फिर दोष किसे दिया जाए? सरकार को या फिर एयरलाइंस कंपनियों को? जयपुर में लगेज के चक्कर में एक यात्री की फ्लाइट छूटने की खबर हो या एयरपोर्ट पर व्हीलचेयर लेने में आ रही दिक्कतों की, देश भर में कमोबेश एक जैसे हाल हैं। हवाई यात्रा करने वालों को आए दिन ऐसी ही समस्याओं से दो-चार होना पड़ता है, लेकिन चिंता इस बात की है कि कोई जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं होता।

हवाई यात्रियों को विमान में अपने साथ लगेज ले जाने की सुविधा है। इसके लिए नियम भी तय हैं। इसके बावजूद विमान में लगेज ले जाने के मुद्दे पर एयरलाइंस कर्मचारियों के साथ यात्रियों की बहस होना आम है। यही हाल व्हीलचेयर की उपलब्धता का है। ऑनलाइन बुकिंग के बावजूद यात्रियों को इंतजार करना पड़े, तो इससे बड़ी अव्यवस्था और क्या होगी? शिकायत करें तो कहां? ये परेशानियां तो तब हैं जब सरकार हवाईअड्डों को निजी हाथों में सौंपती जा रही है।

देश में कई एयरपोर्ट निजी कंपनियों को सौंप दिए गए हैं। कहने को तो सरकार ने यात्रियों के लिए सुविधाएं बढ़ाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया है, लेकिन सवाल यह है कि क्या यात्रियों को सुविधाएं मिल पा रही हैं? आज के दौर में हवाई यात्रा विलासिता से जुड़ी नहीं है। देश में १४१ एयरपोर्ट हैं और अगले पांच साल में यह संख्या तीन सौ पार जाने की संभावना है। देश में आज चार लाख से अधिक यात्री प्रतिदिन हवाई यात्रा कर रहे हैं। ऐसे में सरकार को एयरलाइंस कंपनियों के भरोसे यात्रियों को छोडक़र चुप नहीं बैठना चाहिए। आज तो एयरपोर्ट अथॉरिटी से यात्री शिकायत करें, तो भी समाधान नहीं निकलता। संसद में पिछले दिनों एयरपोर्ट पर सुविधाओं को लेकर सांसदों ने सरकार को घेरा था। सांसदों का आरोप था कि बढ़ते यात्री भार की तुलना में सुविधाएं नहीं बढ़ रही हैं। आए दिन उड़ानें रद्द कर दी जाती हैं। कुछ एयरपोर्ट पर तो समुचित सुरक्षा व्यवस्था भी नहीं होने की शिकायतें मिलती रहती हैं। ऐसे में सरकार को इस तरफ गंभीरता से विचार करना चाहिए।

समस्या लगेज काउंटर पर होने वाले टकराव की हो या व्हीलचेयर न मिलने की, सरकार को जरूरी कदम उठाने चाहिए। हम अपने एयरपोर्ट को अमरीका और यूरोपीय देशों की तरह बनाना चाहते हैं, लेकिन यात्रियों को सामान्य सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं। प्रयास ऐसे हों जिनसे एयरपोर्ट और यात्रियों की संख्या तो बढ़े ही, यात्री सुविधाओं का भी ध्यान रखा जाए।