6 फ़रवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

आपकी बात… देश में रोजगार सृजन के लिए किस तरह की पहल जरूरी है?

पाठकों की मिलीजुली प्रतिक्रिया आईं, पेश हैं चुनिंदा प्रतिक्रियाएं।

4 min read
Google source verification
युवा वर्ग को काम से जी नहीं चुराना चाहिए और सरकारों को भी युवाओं को अपना कोई कार्य करने के लिए सुविधा और सहायता देना चाहिए, जिससे उनका मनोबल बढ़े और वे कार्य करने को प्रोत्साहित हों। मेरा तो यह विचार है कि युवाओं को लार्ड मैकाले की शिक्षा के साथ-साथ हाथ कौशल की शिक्षा दी जाए, जिससे वे अपना जीवन-यापन आसानी से कर सकें और सरकारी नौकरियों पर निर्भरता कम हो सके।

युवा वर्ग को काम से जी नहीं चुराना चाहिए और सरकारों को भी युवाओं को अपना कोई कार्य करने के लिए सुविधा और सहायता देना चाहिए, जिससे उनका मनोबल बढ़े और वे कार्य करने को प्रोत्साहित हों। मेरा तो यह विचार है कि युवाओं को लार्ड मैकाले की शिक्षा के साथ-साथ हाथ कौशल की शिक्षा दी जाए, जिससे वे अपना जीवन-यापन आसानी से कर सकें और सरकारी नौकरियों पर निर्भरता कम हो सके।

युवाओं को कौशल विकास पर ध्यान देना चाहिए

आज का युवावर्ग केवल सरकारी नौकरी हासिल करने के लिए ही पढ़ता है और डिग्रियां प्राप्त करता है, न कि ज्ञानार्जन और व्यवहारिकता के लिए। यह केवल एकांगी विकास है, समग्र विकास की पहल नहीं है, जो आज के परिपेक्ष्य में किसी भी हाल में उचित नहीं कहा जा सकता है। युवाओं को कौशल विकास करना होगा और सरकारी नौकरी का मोह छोड़ना होगा क्योंकि भारत की जनसंख्या निरंतर बढ़ रही है। इस बढ़ती जनसंख्या में सभी को सरकारी नौकरी मिल पाना किसी भी सूरत में संभव नहीं है। युवा वर्ग को काम से जी नहीं चुराना चाहिए और सरकारों को भी युवाओं को अपना कोई कार्य करने के लिए सुविधा और सहायता देना चाहिए, जिससे उनका मनोबल बढ़े और वे कार्य करने को प्रोत्साहित हों। मेरा तो यह विचार है कि युवाओं को लार्ड मैकाले की शिक्षा के साथ-साथ हाथ कौशल की शिक्षा दी जाए, जिससे वे अपना जीवन-यापन आसानी से कर सकें और सरकारी नौकरियों पर निर्भरता कम हो सके।
-कैलाश चन्द्र मोदी, चूरु

कौशल आधारित शिक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए

देश में रोजगार सृजन के लिए कई प्रभावी पहलों की आवश्यकता है। विशेष रूप से शिक्षा में कौशल आधारित शिक्षण को बढ़ावा मिलना चाहिए। युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुसार कौशल प्रशिक्षण दिया जाए। नवाचार और तकनीकी उद्यमिता को बढ़ावा देकर स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बनाए जाएं। व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को मुख्यधारा में लाया जाए। साथ ही, सार्वजनिक और निजी क्षेत्र का सहयोग भी अनिवार्य है।
डॉ. अजिता शर्मा, उदयपुर

स्वरोजगार की दिशा में सरकार को कदम उठाने चाहिए

रोजगार प्राप्त करने के सर्वाधिक अवसर स्वरोजगार स्थापित करने में है। अतः सरकार को कौशल उन्नयन एवं रोजगारोन्मुखी शिक्षा को हाई स्कूल स्तर से ही लागू कर देना चाहिए। कौशल उन्नयन से प्राइवेट सेक्टर में भी रोजगार प्राप्त करने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। स्वयं का रोजगार स्थापित करने के लिए आसान शर्तों पर बैंकों से लोन प्राप्त करने की सुविधा युवाओं को उपलब्ध होना भी जरूरी है। शासकीय नौकरियों में रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्र में मनरेगा योजना का क्रियान्वयन अगर सही तरीके से हो तो ग्रामीण क्षेत्र के मजदूरों को रोजगार के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा।
-ललित महालकरी, इंदौर

विदेशी निवेश से रोजगार सृजन के अवसर बढ़ेंगे

सरकार को विदेशों के साथ आर्थिक और राजनीतिक संबंधों को सुदृढ़ करना चाहिए, जिससे देश में विदेशी निवेश बढ़े। निवेश की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जाए और अलग-अलग राज्यों में निवेशकों को सिंगल विंडो क्लियरेंस की सुविधा प्रदान की जाए। इससे निवेशकों को निवेश की समस्त जानकारियां एक जगह सरकारी से उपलब्ध हो सकेंगी। देश में ग्रीनफील्ड निवेश बढ़ेगा, औद्योगिक इकाइयों की स्थापना होगी, आधारभूत ढांचे का विकास होगा, उत्पादन में वृद्धि होगी और देश में रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
-गजेंद्र चौहान कसौदा, जिला डीग

कुटीर उद्योगों को प्रोत्साहन देने की आवश्यकता

कुटीर उद्योगों को प्रोत्साहन मिलना चाहिए। देश में बेरोजगारों की बढ़ती संख्या देश की आर्थिक उन्नति के मार्ग में प्रमुख बाधक बन रही है। सरकार अनेक रोजगार उन्मुख योजनाओं की क्रियान्विति कर रही है, परंतु यह ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। यदि सरकार स्थानीय स्तर पर बेरोजगारों को पहचान कर उन्हें क्षेत्र से संबंधित रोजगार कार्यक्रम लागू करे और उनके उत्पाद को राष्ट्रीय पहचान प्रदान करें, तो बेरोजगारी पर अंकुश लगाया जा सकता है।
-पी.सी. खंडेलवाल, सांभर

स्वरोजगार के लिए सरकार को ठोस योजना बनानी चाहिए

देश में बेरोजगारों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, लेकिन सरकार बेरोजगारों को रोजगार देने में नाकाम साबित हो रही है। सरकार को राज्य में बेरोजगारों को रोजगार देने के लिए "सीखों और कमाओ योजना" लॉन्च करनी चाहिए, जिसमें बेरोजगार व्यक्ति को कंप्यूटर, सिलाई, दोना-पत्तल आदि के बारे में पहले प्रशिक्षण दिया जाए, जिससे वे अपना स्वयं का रोजगार शुरू कर सकें। इसके लिए बेरोजगार व्यक्तियों को शून्य प्रतिशत ब्याज दरों पर लोन दिया जाना चाहिए और रोजगार कार्यालय में हर माह भर्ती के लिए शिविर आयोजित किया जाना चाहिए। इसकी सूचना बेरोजगार व्यक्तियों को मोबाइल पर मेसेज के माध्यम से दी जानी चाहिए, जिससे वे रोजगार कार्यालय में उपस्थित हो सकें और उन्हें प्राइवेट सेक्टर द्वारा लगाए गए भर्ती शिविर में रोजगार उपलब्ध हो सके।
-आलोक वालिम्बे, बिलासपुर, छत्तीसगढ़

युवाओं को स्व-रोजगार के लिए प्रोत्साहित करें

देश में रोजगार सृजन के लिए उपलब्ध संसाधनों का उपयोग बेहतरीन तरीके से करना चाहिए और युवाओं को स्व-रोजगार के लिए प्रोत्साहित करें। स्कूल पाठ्यक्रमों में तकनीकी विषय जोड़कर युवा खुद ही रोजगार सृजन कर पाएगा। सरकार को निजी क्षेत्र में निवेश और सहयोग देना चाहिए।
-मोहित जांगड़ा, गोहाना सोनीपत

रोजगार सृजन में मनोबल और कार्य की इच्छा शक्ति की अहमियत

सबसे पहली बात यह है कि मनुष्य का मस्तिष्क ही पूरी तरह से रोजगारपरक होता है। उसमें कार्य करने की अपूर्व इच्छा शक्ति का होना और अपने आप पर अधिक से अधिक खोज करना ही रोजगार का सबसे बड़ा अवसर है। बचपन में जो काम खेल-खेल में सीख लिया जाए, वह बड़े होकर कमाई का सबसे बड़ा साधन बन जाता है। हर इंसान सरकारी कर्मचारी नहीं बन पाता, लेकिन वह अपनी पहचान फैला सकता है, जैसे टाट की बोरी से सजावटी सामान बनाना, नदी की मिट्टी से खिलौने बनाना, पापड़-खिचिया जैसे कुटीर उद्योग शुरू करना। इसके साथ-साथ, यदि हमारा मन जिस कार्य के लिए रोजाना सोचता है, उसे क्रियान्विति प्रदान कर दी जाए, तो कोई भी व्यक्ति बेकार नहीं रह सकता है।
-सोनिया पटेल, बालोतरा

सरकारी योजनाओं का प्रचार रोजगार सृजन में सहायक

देश में रोजगार बढ़ाने के लिए सरकारी योजनाओं को संचालित करने वाली राज्यों की इकाई उद्योग विभाग द्वारा सार्वजनिक स्थलों पर कैंप लगाकर बेरोजगार युवाओं को और नए उद्यमियों को शासकीय योजनाओं के लाभ के बारे में अवगत कराना चाहिए, ताकि रोजगार के नए सृजन का अवसर हो सके।
-कमल कोठारी