
छाया, ठंडक, पानी व भोजन का हो इंतजाम
तेज गर्मी में इंसान जिस तरह अपना इंतजाम कर लेता है, वैसे ही पशु—पक्षियों के लिए भी छाया, ठंडक, पानी व भोजन का ख्याल रखना चाहिए। मूक प्राणी गर्मी से बचाव के लिए न तरसें। पशुओं के लिए रोटी, पानी व पक्षियों के लिए दाना—पानी का रोज इंतजाम करना चाहिए। पशु—पक्षियों के लिए छाया की समुचित व्यवस्था हो।
— विवेक रंजन श्रीवास्तव, भोपाल
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घर के आस—पास छाया में दाना—पानी रखें
अपने घर के आस— पास ऐसी जगह सुनिश्चित करें जहां छाया रहती हो। वहां पशु—पक्षियों के लिए भोजन—पानी की नियमित व्यवस्था करनी चाहिए। तेज गर्मी में उन्हें छाया में पानी मिल जाए तो उनका बचाव हो सकता है।
— भरत मालवीय, बारां
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पेड़ों पर पक्षियों के लिए बनाएं छोटे घर
बढ़ती गर्मी में मानव के साथ-साथ पशु पक्षी भी व्याकुल है। पशु पक्षियों के लिए हम सभी को दाना पानी एवं उचित छायादार आवास की व्यवस्था करनी चाहिए। इसके अलावा पक्षियों के लिए पेड़ों पर मानव निर्मित छोटे आवास बनाकर उनको नया जीवन दिया जा सकता है।
— महेश आचार्य, नागौर
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छायादार पेड़ लगाने से ही तेज गर्मी से बचाव
तेज गर्मी में पशु—पक्षियों के लिए हरे छायादार पेड़ ही सबसे बड़ा आसरा है। अधिक से अधिक पौधरोपण कर पेड़ बनने तक उसकी सार—संभाल की जानी चाहिए। पेड़ की छाया में मूक पशु—पक्षियों को दाना, भोजन व पानी दिया जा सकता है। इससे भीषण गर्मी से उनका बचाव हो सकता है।
-नरेश कानूनगो, देवास, म.प्र.
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पक्षियों के लिए पानी के परिंडे लगाएं
शास्त्रों के अनुसार मूक प्राणियों की सेवा करना सबसे बड़ा धर्म है। बेजुबांओं की चिंता करना बहुत जरूरी है। अपने घर के आस पास पशुओं हेतु पीने का पानी रखें। उद्यानों में पेड़ों की डालियों पर पक्षियों हेतु पानी के परिंडे भी लगाए जाने चाहिए।
— डॉ. राजेन्द्र कुमावत, जयपुर
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पेड़ न होने पर हरा तिरपाल लगाकर छाया करें
पशुओं के लिए छायादार बैठने की जगह हो। यदि पेड़ नहीं हों तो हरा तिरपाल लगाकर उनके लिए छाया की जाए। पानी की कोई कमी नहीं हो। अधिक संख्या में पेड़—पौधे लगाएं व पक्षियों के लिए घोंसला रखें।
—अर्चना रानी, जैतसर, गंगानगर
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प्रत्येक ग्राम स्तर पर हो पानी —चुग्गे की व्यवस्था
तेज गर्मी में पशु पक्षियों का जीवन खतरे में है। स्थानीय सरकार को आवारा पशुओं के लिए ठण्डी छांव हेतु छप्पर की व्यवस्था करनी चाहिए। जनसहयोग से वहां चारे—पानी की व्यवस्था हो। पक्षियों के लिए भी घरोंदे व दाने—चुग्गे की व्यवस्था हो।
—अजीतसिंह सिसोदिया, खारा, बीकानेर
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हर व्यक्ति को पशु—पक्षियों को बचाने में सहयोग देना चाहिए
अपने घर के पास के पेड़ों पर, छतों पर, परिंडे बांधकर दिन में दो तीन बार पानी भरना चाहिए। पशुओं के लिए खेली में पानी भरें। चुगा,चारा डालना चाहिए। यह कार्य सभी को करना चाहिए। कई सामाजिक संस्थाएं पशु— पक्षियों के लिए गौ—शालाओं में कूलर— फवारे तक की व्यवस्था करते है, ठंडे पेय पदार्थ पिलाते है । प्रशासन को दवा इलाज की व्यवस्था सुचारू रखनी चाहिए।
— शालिनी ओझा, बीकानेर राजस्थान
Published on:
27 May 2024 02:54 pm
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