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आपकी बात: हाइटेंशन लाइनों से होने वाले हादसों पर कैसे अंकुश लगाया जा सकता है?

पाठकों ने इस पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं दी हैं, प्रस्तुत है पाठकों की चुनिंदा प्रतिक्रियाएं

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जयपुर

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Opinion Desk

Jan 06, 2026

विभागीय सतर्कता जरूरी
हाइटेंशन लाइनों से होने वाले हादसों को रोकने के लिए ठोस और व्यावहारिक कदम जरूरी हैं। आबादी वाले क्षेत्रों में जर्जर तारों और खुले ट्रांसफॉर्मरों की तुरंत मरम्मत व घेराबंदी हो। नए निर्माण के समय बिजली लाइनों से सुरक्षित दूरी का सख्ती से पालन कराया जाए। खेतों और बस्तियों में चेतावनी बोर्ड व इंसुलेटेड केबल का उपयोग बढ़ाया जाए। बिजली विभाग द्वारा नियमित निरीक्षण और मानसून से पहले विशेष सुरक्षा अभियान चलाए जाएं। साथ ही आम लोगों को जागरूक किया जाए कि वे लाइनों के नीचे निर्माण या गतिविधियों से बचें। प्रशासन और विभाग की सतर्कता ही जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकती है। - राकेश खुडिया, श्रीगंगानगर

हाइटेंशन लाइनों से दूरी बनाकर रखें
हाइटेंशन लाइनों से होने वाले हादसों पर प्रभावी अंकुश के लिए सुरक्षा, सावधानी और सजगता ही सबसे बड़ा सूत्र और ध्येय है। गिरी हुई या झूलती हाइटेंशन लाइनों से हमेशा सुरक्षित दूरी बनाए रखनी चाहिए और कभी भी उन्हें छूने का प्रयास नहीं करना चाहिए। आपात स्थिति में केवल लकड़ी या रबर जैसी सुरक्षित सामग्री का उपयोग करना चाहिए। बिजली कर्मियों को नियमित तकनीकी प्रशिक्षण और आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाने चाहिए। किसी भी स्थान पर गिरी या झूलती लाइन दिखने पर तुरंत बिजली कंपनी को सूचना देना आवश्यक है। करंट लगने की स्थिति में पीड़ित को तत्काल चिकित्सक के पास ले जाना चाहिए। जागरूकता और समय पर सूचना ही जान बचाने का सबसे प्रभावी उपाय है। - शिवजी लाल मीना, जयपुर

लाइन के पास से अतिक्रमण हटाया जाए
हाइटेंशन लाइन से होने वाले हादसों को रोकने के लिए आबादी क्षेत्र से निश्चित दूरी तय की जानी चाहिए। सुरक्षा दीवार अथवा सुरक्षा जाली लगानी चाहिए। अतिक्रमण को रोकना चाहिए। समय-समय पर हाइटेंशन लाइन क्षेत्र की जांच की जानी चाहिए ताकि संभावित समस्या का समाधान तत्काल किया जा सके। जनता को भी समझदारी से काम लेना चाहिए। अतिक्रमण से बचें और ऊपरी मंजिल निर्धारित दूरी पर ही बनाएं। सरकार की सख्ती और जनता की समझदारी से हाइटेंशन लाइन से होने वाले हादसों को रोका जा सकता है। - आजाद पूरण सिंह, जयपुर

नियमित रख रखाव जरूरी
हाइटेंशन लाइनों से बचाव के लिए विभाग समय-समय पर उनकी नियमित निगरानी करे और सब स्टेशन से घरों तक आने वाली लाईन का निरीक्षण किया जाना चाहिए। झुलते तारों एवं क्षतिग्रस्त बिजली के खंभों को सही किया जाना चाहिए। लोगों को कम से कम एक वर्ष में अपने घर की वायरिंग, फिटिंग और अर्थिंग को किसी अनुभवी इलेक्ट्रीशियन से जांच करवानी चाहिए। - अजीतसिंह सिसोदिया, बीकानेर

चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं
हाइटेंशन लाइनों से होने वाले हादसों पर अंकुश लगाने के लिए न्यूनतम सुरक्षा दूरी का सख्ती से पालन करना चाहिए। इसके साथ ही विभाग को समय पर लाइन कॉरिडोर से अतिक्रमण हटाना, जर्जर तारों व इंसुलेटरों का समयबद्ध रखरखाव करना, स्पष्ट चेतावनी बोर्ड लगाना चाहिए। निर्माण कार्यों से पहले अनिवार्य अनुमति लेना तथा आमजन के लिए निरंतर जन-जागरूकता अभियान आवश्यक हैं। इसके साथ ही शिकायतों का त्वरित निस्तारण और नियमों का कठोर प्रवर्तन भी जरूरी है। - डॉ. अभिनव शर्मा, झालावाड़

निर्माण से पहले एनओसी प्राप्त करें
हाइटेंशन लाइनों से होने वाले हादसों पर अंकुश के लिए यह आवश्यक है कि जहां पहले से विद्युत लाइनें विद्यमान हों, वहां निर्माण से पूर्व विद्युत विभाग से अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) लेना अनिवार्य हो। आमजन को यह समझना होगा कि नियमों की अनदेखी कर लाइन के नीचे या समीप निर्माण करना जानलेवा हो सकता है। सुरक्षा दूरी का पालन, चेतावनी बोर्ड, जन-जागरूकता और नियमों का सख्त अनुपालन ही स्थायी समाधान है। - सक्षम स्वामी, अलवर

सतत रूप से निगरानी रखें
हाइटेंशन लाइन से होने वाले हादसों से बचने के लिए कुछ बातों का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए जिनमें सबसे जरूरी है इन तारों की लाइनों से दूरी बनाकर रखना। इनके नीचे बैठकर काम नहीं करें। ऐसे तारों के आस-पास पेड़ो की टहनियों को भी काट देना चाहिए जिससे उनके छूने से करंट लगने के खतरे से बच सके। आमजन की जागरूकता और सहयोग से लटके हुए तारों को सतत निगरानी करके विभाग को सूचना देकर समय पर सही करवाया जाए। - निर्मला वशिष्ठ, अलवर

अंडरग्राउड केबलिंग की व्यवस्था करें
हाइटेंशन लाइनों से होने वाले हादसों को रोकने के लिए लोगों को इन लाइनों से सुरक्षित दूरी बनाए रखनी चाहिए। बिजली कंपनियों द्वारा आधुनिक सुरक्षा उपाय लागू करना और आम जनता को जागरूकता प्रदान करना जरूरी है | घरों, इमारतों या किसी भी निर्माण और बिजली की लाइनों के बीच एक मानक दूरी बनाए रखना अनिवार्य है। भवन निर्माण से पहले विद्युत विभाग से एनओसी लेनी चाहिए। घनी आबादी वाले क्षेत्रों में दुर्घटनाओं को न्यूनतम करने के लिए ओवरहेड लाइनों के बजाय अंडरग्राउंड केबलिंग सबसे सुरक्षित विकल्प है। - प्रवेश भूतड़ा, सूरत

मॉनिटरिंग टीम गठित हो
हाइटेंशन लाइनों से होने वाले हादसों पर अंकुश लगाने के लिए तारों पर इंसुलेटिंग मटेरियल की परत चढ़ाई जाए। साथ ही इन लाइनों को घरों से दूर लगाना चाहिए। हाइटेंशन लाइनों के पास मनुष्य या कोई जानवर न जाए इसके लिए प्रोटोकॉल बनाना होगा। कभी कभी लाइनों के पास पेड़ों की शाखाएं भी पहुंच जाती है , लोग निर्माण भी कर देते हैं, औद्योगिक इकाइयां लग जाती है, इसलिए दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। विभाग को मॉनिटरिंग टीम गठित करनी चाहिए। बिजली विभाग के कार्मिकों द्वारा समय समय पर हाइटेंशन लाइनों की देखरेख सुनिश्चित करनी चाहिए। - दिनेश मेघवाल, उदयपुर

क्षतिग्रस्त लाइनों की तत्काल मरम्मत हो
हाइटेंशन लाइनों से होने वाले हादसों पर प्रभावी अंकुश लगाना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि इन दुर्घटनाओं में आम नागरिकों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। इसके लिए प्रशासन, विद्युत विभाग एवं जनप्रतिनिधियों को मिलकर हाइटेंशन लाइनों की समुचित जांच कर उन्हें ऐसे स्थानों पर स्थापित करना चाहिए, जहां जनहानि की आशंका न्यूनतम हो। जहां पहले से हाइटेंशन लाइनें लगी हैं, वहां नियमित अंतराल पर निरीक्षण कर संभावित जोखिमों को समय रहते दूर किया जाना चाहिए। आम नागरिकों को जागरूकता अभियानों के माध्यम से सुरक्षित व्यवहार की जानकारी देना आवश्यक है। साथ ही हाइटेंशन लाइनों के आसपास त्वरित सहायता हेतु सुविधा केंद्र स्थापित किए जाएं, ताकि दुर्घटना की स्थिति में शीघ्र राहत मिल सके। विद्युत विभाग के कर्मचारियों द्वारा नियमित निगरानी तथा टूटी या क्षतिग्रस्त लाइनों की तत्काल मरम्मत भविष्य की जनहानि रोकने में सहायक होगी। - कुमार जितेंद्र जीत, बालोतरा