
निर्माण इकाइयों पर रोक लगें
चाइनीज मांझे का उपयोग और उससे हो रहे हादसे नहीं रुक रहे हैं। मानव और पशु पक्षी भी इससे प्रभावित हो रहे हैं। इसका मुख्य कारण इसकी निर्माण इकाइयों पर व्यापक प्रतिबंध और विशेष कानून का नहीं होना है। जब तक इसकी निर्माण इकाइयों तक पुलिस नहीं पहुंचेगी और निर्माण नहीं रुकेगा तब तक यह लोगों तक पहुंचता रहेगा। बाजार में चाइनीज मांझे के व्यापार स्थलों को चिह्नित करने, भारी जुर्माना और प्रतिबंध लगाने की आवश्यकता है। - दिनेश मेघवाल, उदयपुर
समाज का साथ जरूरी
चाइनीज मांझे से जुड़े हादसे इसलिए नहीं रुक पा रहे हैं, क्योंकि प्रतिबंध के बावजूद इसका अवैध कारोबार लगातार जारी है। सस्ती कीमत, मजबूत धार और आसानी से उपलब्ध होने के कारण लोग परंपरागत धागे की जगह इसका उपयोग करते हैं। स्थानीय बाजारों में चोरी-छिपे बिक्री, ऑनलाइन सप्लाई और कड़ी प्रशासनिक निगरानी की कमी इस समस्या को और बढ़ा देती है। कानून तभी प्रभावी होता है, जब समाज उसका साथ दे, लेकिन त्योहार के उत्साह में सुरक्षा की भावना पीछे छूट जाती है। जब तक इसके उत्पादन और वितरण स्रोत पर सख्त रोक नहीं लगेगी और सुरक्षित विकल्प हर जगह उपलब्ध नहीं होंगे, तब तक आम जनता को इस खतरनाक मांझे से दूर रखना मुश्किल होगा। - राजेन्द्र कुमार जांगिड़, बालोतरा
बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगें
पतंग उड़ाने में इस्तेमाल होने वाला चाइनीज मांझा अब मनोरंजन नहीं, बल्कि जानलेवा खतरा बन चुका है। सरकार द्वारा प्रतिबंध के बावजूद इसका उपयोग लगातार बढ़ रहा है, जिससे इंसानों और पक्षियों की जान जा रही है। हादसों के बाद भी लापरवाही चिंताजनक है। इन घटनाओं को रोकने के लिए चाइनीज मांझे की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध, सख्त निगरानी, पुलिस-प्रशासन की सक्रियता और जन-जागरूकता आवश्यक है। सुरक्षा के लिए हर नागरिक को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। - प्रवेश भूतड़ा, सूरत
पतंग बाजार पर निगरानी रखें
चाइनीज मांझे की मांग बनी रहने के कारण प्रतिबंध के बावजूद इसकी तस्करी हो रही है। यह बेहद तेज और धारदार होता है, जो पल भर में इंसान और पक्षियों को गंभीर रूप से घायल कर देता है। बिक्री पर सख्त निगरानी और कानूनों की कड़ाई से पालना नहीं होने से हादसे बढ़ रहे हैं। मकर संक्रांति के त्योहार को ध्यान रखकर इन जानलेवा घटनाओं को रोकने के लिए चाइनीज मांझे पर पूर्ण और प्रभावी प्रतिबंध बेहद आवश्यक है। - निर्मला वशिष्ठ, अलवर
नुकसान के बारे में जागरूक करें
मकर सक्रांति का त्योहार नजदीक आते ही बाजारों में पतंग के साथ चाइनीज मांझे की बिक्री शुरु हो गई है। प्रतिबंधित होने के बावजूद भी चाइनीज मांझे बाजारों में खुलेआम बिक रहे है। जिम्मेदार अधिकारी कारवाई के नाम पर महज कागजी खानापूर्ति तक ही सीमित है। जिसकी वजह से आए दिन बेजुबान पक्षियों की जिंदगी की डोर कट रही है। यह मांझा आमजन, पशु-पक्षियों के साथ हमारे पर्यावरण के लिए भी बेहद हानिकारक है। सरकार को इसके उत्पादन, भंडारण, बिक्री और इस्तेमाल पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाना चाहिए। इसका इस्तेमाल या बिक्री करते हुए पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई और जुर्माने का प्रावधान किया जाना चाहिए। साथ ही आमजन में भी इसके प्रति जागरूकता जरूरी है। - प्रकाश भगत, नागौर
सुरक्षित विकल्पों को बढ़ावा मिले
चाइनीज मांझे पर कानूनी प्रतिबंध होने के बावजूद हर वर्ष दर्जनों लोग इसके शिकार बन रहे हैं। चाइनीज मांझा सिर्फ पतंग की डोर नहीं, बल्कि एक अदृश्य हथियार बन चुका है, जो पैदल राहगीरों, दोपहिया वाहन चालकों, बच्चों और पक्षियों के लिए भी जानलेवा साबित हो रहा है फिर भी इसका उपयोग चोरी-छिपे जारी है। प्रतिबंध के बावजूद इसकी बिक्री और ऑनलाइन उपलब्धता पूरी तरह समाप्त नहीं हो पाई है। मनोरंजन के नाम पर दूसरों की सुरक्षा को नजरअंदाज कर दिया जाता है। इसके साथ ही कई लोग इसके खतरों को गंभीरता से नहीं लेते। हर हादसे के बाद कुछ दिनों की सख्ती लगाई जाती है जिसके बाद फिर वही लापरवाही लौट आती है। प्रशासन के साथ समाज और नागरिक भी अपनी जिम्मेदारी समझें। सुरक्षित विकल्पों को बढ़ावा दिया जाए, अवैध मांझे की सूचना देने वालों को प्रोत्साहन मिले और दोषियों पर दंड दिया जाए। - डॉ. दीपिका झंवर, जयपुर
चाइनीज मांझे का बहिष्कार हो
मानव और पशु पक्षियों के लिए घातक चाइनीज मांझे का उपयोग बहुत ज्यादा हो रहा है। मकर संक्रांति के त्योहार के निकट आते ही चाइनीज मांझे की बिक्री तेजी से बढ़ जाती है। प्रतिबंध के बावजूद दुकानदार इसे खुलेआम बेच रहे हैं, जिससे आमजन और पशु-पक्षी हादसे के शिकार होते हैं। इसको बेचने के लिए लाने वाले दुकानदारों की जांच कर उन पर सख्त कर्रावाई करनी चाहिए।प्रशासन को जांच पड़ताल के लिए एक अस्थाई टीम गठित करनी चाहिए। बेचने और खरीदने वाले दोनों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। - सुरेश विश्नोई, फलोदी
उपयोग करने वालों पर जुर्माना लगें
चाइनीज मांझा, जो नायलॉन और धातु से बना अत्यंत तीव्र धार वाला धागा है, आज पतंगबाजी से कहीं अधिक जानलेवा साबित हो रहा है। यह मांझा इंसानों और पक्षियों दोनों के लिए खतरनाक है, जिससे हर वर्ष कई दुर्घटनाएं होती हैं। गर्दन और चेहरे पर गहरे कट, पक्षियों की मृत्यु और सड़क हादसों की वजह से यह मांझा मौत की खुली डोर बन चुका है। इसके बावजूद यह खुलेआम बिक रहा है। प्रशासन को इस पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना चाहिए और सख्ती से कार्रवाइयां होंगी तभी मासूम जानें बचाई जा सकती हैं। - सुभाष सिद्ध, बीकानेर
बेचने वालों पर निगरानी रखें
चाइनीज मांझे के कारण गंम्भीर घटनाएं सतत बढ़ती जा रही है। इससे ऐसा लग रहा है कि मांझा बेचने वाले पुलिस की सख्ती के बाद भी सफल हो रहे हैं। चाइनीज मांझे की बिक्री वाले स्थान का पता लगाने के लिए प्रशासन को अपनी मुखबिर व्यवस्था को मजबूत करना होगा। हादसों को रोकने के लिए पतंग उड़ाने वालो के मांझे की जांच ऑन द स्पॉट करनी होगी तभी घटनाएं रोकी जा सकती हैं। - उद्धव जोशी, उज्जैन
Published on:
07 Jan 2026 05:24 pm
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