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द्रोणाचार्य अवॉर्ड के लिए उनके कोच का नाम न जाने से बॉक्सिंग संघ से नाराज हैं बॉक्सर अमित पंघल

कहा- उनकी सारी उपलब्धियां कोच की वजह से हैं कोच अनिल कुमार के अंक भेजे गए कोच से ज्यादा बीएफआई ने द्रोणाचार्य अवॉर्ड के लिए भेजे हैं दो नाम
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Boxer Amit Panghal

द्रोणाचार्य अवॉर्ड के लिए उनके कोच का नाम न जाने से बॉक्सिंग संघ से नाराज हैं बॉक्सर अमित पंघल

नई दिल्ली : भारतीय मुक्केबाजी संघ (BFI) एशियाई चैंपियनशिप में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतने वाले मुक्केबाज अमित पंघल के नाम की सिफारिश अर्जुन अवॉर्ड के लिए की है। इसके बावजूद वह अपने संघ से नाराज हैं। इसकी वजह यह है कि द्रोणाचार्य अवॉर्ड के लिए उनके कोच अनिल कुमार के नाम की सिफारिश द्रोणाचार्य अवार्ड के लिए नहीं की गई है। उनका कहना है कि उनके कोच के साथ अच्छा बर्ताव नहीं किया गया है।

मुक्केबाजी संघ ने किया नजरअंदाज
मंगलवार को भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) ने अर्जुन अवॉर्ड और द्रोणाचार्य अवॉर्ड के लिए खेल नामों की अनुशंसा कर खेल मंत्रालय को भेजा था। इस लिस्ट में अर्जुन अवॉर्ड के लिए अमित पंघल के साथ गौरव विधूड़ी का नाम और द्रोणाचार्य अवॉर्ड के लिए अमित के कोच अनिल कुमार को नजरअंदाज कर संध्या गुरंग और शिव सिंह का नाम आगे बढ़ाया था।
बता दें कि द्रोणाचार्य अवॉर्ड के लिए नामांकित संध्या गुरंग एक दशक से ज्यादा समय से भारतीय महिला टीम के साथ जुड़ी हैं तो शिव सिंह पिछले तीन दशक से कोचिंग दे रहे हैं।

अमित ने कहा- मेरे कोच के साथ गलत हुआ
अमित पंघल ने द्रोणाचार्य अवार्ड के लिए अपने कोच का नाम नहीं भेजे जाने पर निराशा जाहिर करते हुए कहा कि उनके साथ गलत हुआ है। उन्होंने कहा कि उनके कोच होने के नाते अनिल कुमार के प्वाइंट्स सबसे ज्यादा हैं। मेरे कोच को नजरअंदाज कर जिस शिव सिंह का नाम भेजा गया है, वह भले लंबे समय से कोच रहे हैं, लेकिन अभी उनके अंक मेरे कोच से कम हैं। इस लिहाज से उनके कोच का हक ज्यादा बनता था। पिछली बार भी उन्हें नजरअंदाज किया गया था।

अमित ने कहा- मेरी सारी उपलब्धियों में उनका हाथ
अमित एशियाई खेलो में स्वर्ण पदक जीतने के अलावा राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीत चुके हैं। उन्होंने कहा कि वह शुरू से ही अनिल सर के साथ ही कोचिंग कर रहे हैं। उन्हीं के निर्देशन में सारे पदक जीते हैं। रही बात द्रोणाचार्य अवॉर्ड की तो वह दो तरीके से मिलता है। पहला कोच के प्रदर्शन के आधार पर और दूसरा उनके शिष्य के प्रदर्शन के आधार पर। मेरा प्रदर्शन अब तक सर्वश्रेष्ठ रहा है और इसका सारा श्रेय कोच को जाता है। उनकी अब तक की सारी उपलब्धि का श्रेय अनिल सर को जाता है। इसके बावजूद उन्हें वह सम्मान नहीं मिल रहा है, जिसके वह हकदार है।

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