
लवलीना बोरगोहेन (File Photo)
स्कॉटलैंड (Scotland) के ग्लासगो (Glasgow) में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स (Commonwealth Games) 2026 - CWG 2026 में भारतीय बॉक्सिंग टीम का अच्छा प्रदर्शन जारी है। असम की स्टार बॉक्सर और टोक्यो ओलंपिक कांस्य पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन (Lovlina Borgohain) ने महिला 75 किलोग्राम वर्ग में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। फाइनल मुकाबले में उन्हें ऑस्ट्रेलिया की एम्मा-सू ग्रीनट्री (Emma-Sue Greentree) के खिलाफ 4-1 से हार का सामना करना पड़ा।
28 वर्षीय लवलीना के लिए यह उनके करियर का पहला कॉमनवेल्थ गेम्स मेडल है। इससे पहले वह 2018 और 2022 में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में मेडल नहीं जीत पाई थीं। आज इस सिल्वर मेडल के साथ लवलीना ने मल्टी-स्पोर्ट इवेंट्स का ग्रैंड स्लैम पूरा कर लिया है। ओलंपिक, वर्ल्ड चैंपियनशिप, एशियन गेम्स और अब कॉमनवेल्थ गेम्स में मेडल्स जीतकर उन्होंने यह कमाल किया। इसके अलावा वह एशियन चैंपियनशिप्स में भी मेडल्स जीत चुकी हैं।
लवलीना बाएं घुटने पर बैंडेज बांधे हुए रिंग में उतरीं। ऐसे में साफ है कि वह चोट के साथ फाइनल मुकाबले में उतरीं और इसका उनके प्रदर्शन पर भी असर पड़ा। राउंड में एम्मा ने आक्रामकता दिखाते हुए तेज पंच और जैब से दबाव बनाया। लवलीना का मूवमेंट प्रभावित रहा और वह यह राउंड हार गई। दूसरे राउंड में लवलीना ने वापसी की। उन्होंने सटीक लेफ्ट पंच लगाए और एमा की आंख के ऊपर कट लगा दिया। जजों ने यह राउंड 4-1 से लवलीना को दिया। तीसरे राउंड में दोनों बॉक्सर्स ने जोरदार पंच लगाए। लवलीना आक्रामक रहीं, लेकिन आखिरी 30 सेकंड में एम्मा ने जोरदार हमला बोला और लवलीना को बैकफुट पर धकेल दिया। इस वजह से जजों ने यह राउंड भी 4-1 से ऑस्ट्रेलियाई बॉक्सर को दिया, जिससे वह 4-1 के स्प्लिट डिसीज़न से गोल्ड मेडल जीत गईं और लवलीना को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा।
लवलीना ने इस मुकाबले में चोट के साथ उतरने के बावजूद अच्छा प्रदर्शन किया। चोट की वजह से उनके मूवमेंट पर असर पड़ा, लेकिन फिर भी उन्होंने पूरी जी-जान से यह मुकाबला लड़ा और एम्मा को कड़ी टक्कर दी।
यह खबर अपडेट हो रही है...
Updated on:
01 Aug 2026 11:32 pm
Published on:
01 Aug 2026 11:04 pm
