21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कौन है भारत की ‘नई उड़नपरी’ हिमा दास, जानें उनके बारे में ये खास जानकारियां

400 मीटर स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली हिमा दास कभी फुटबॉलर बनना चाहती थी। वो इसकी तैयारी भी शुरू कर चुकी थी।

2 min read
Google source verification
hima das

कौन है भारत की 'नई उड़नपरी' हिमा दास, जानें उनके बारे में ये खास जानकारियां

नई दिल्ली। असम की हिमा दास आज के दिन में भारत की सबसे बड़ी सेलिब्रिटी हैं। सालों तक धान के खेतों में रेस लगाने वाली हिमा ने गुरुवार की रात कुछ ऐसा किया कि वो ट्वीटर, फेसबुक समेत अन्य सोशल मीडिया के साथ-साथ मेनस्ट्रीम मीडिया में भी बनी हुई है। हिमा की कामयाबी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी समेत कई दिग्गजों ने बधाई दी। हिमा ने फिनलैंड के टैम्पेयर शहर में इतिहास रचते हुए आईएएएफ विश्व अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप की 400 मीटर दौड़ स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता है। वो आज भारत की नई पीटी उषा हैं। हिमा ने यह दौड़ 51.46 सेकेंड में पूरी की। इस इवेंट में रोमानिया की एंड्रिया मिकलोस को सिल्वर और अमरीका की टेलर मैंसन को ब्रॉन्ज़ मेडल मिला।

कौन हैं हिमा दास -
हिमा दास भारत की एक महिला धावक हैं। हिमा मूलत: असम के नगांव जिले के धिंग गांव की रहने वाली हैं। 18 साल की हिमा एक साधारण किसान परिवार से आती हैं। हिमा के पिता रणजीत चावल की खेती करते हैं। हिमा अपनी परिवार की 6 बच्चों में सबसे छोटी हैं। आज हिमा ने भले ही रेसिंग में गोल्ड मेडल जीत कर पूरी दुनिया में भारत का मान बढ़ाया हो, लेकिन आपको बता दें कि हिमा पहले फुटबॉलर बनना चाहती थी। अपने बचपन में हिमा ने लड़कों के साथ फुटबॉल खेलती थीं। इस दौरान हिमा अपने आप को एक स्ट्राइकर के तौर पर बनाना चाहती थीं।

कोच निपोन दास की बड़ी भूमिका-
फुटबॉल की चाहत रखने वाली हिमा की सफलता में कोच निपोन दास की बड़ी भूमिका है। निपोन ही हिमा को रेसिंग ट्रैक पर लेकर आए। हिमा ने साल 2016 में रेसिंग ट्रैक पर कदम रखा था। लेकिन जल्द ही उन्होंने अपनी क्षमता के दम राष्ट्रीय स्तर पर अपनी धाक जमा ली। हिमा के पास कई चुनौतियां भी थी। उनके पास पैसों की कमी थी। लेकिन फिर भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। हिमा के कोच निपोन ने उन्हें हर कदम पर साथ दिया। जिसका नतीजा आज पूरी दुनिया के सामने है।

कॉमनवेल्थ में छठें स्थान पर थी हिमा-
इसी साल गोल्डकोस्ट में संपन्न हुए 21वें कॉमनवेल्थ गेम्स में हिमा दास ने अच्छी चनौती पेश की थी। लेकिन वो पदक से दूर ही रही। कॉमनवेल्थ खेलों की 400 मीटर की स्पर्धा में हिमा दास ने छठा स्थान हासिल किया था। 400 मीटर की दौड़ को पूरा करने के लिए उन्हें 51.32 सेकंड लगे थे। बहरहाल भारत की नई उड़नपरी को उनकी कामयाबी पर हमारी ओर से ढ़ेरों सारी शुभकामनाएं।