अब जो जमाना लद चुका है जब संत-महात्मा खेल की दुनिया से दूर रहते है। हाल ही में चांदनी चौक स्थित हनुमान मंदिर के पुजारी गौरव शर्मा ने स्वर्ण पदक जीतते हुए इस धारणा को तोड़ दिया है।
नई दिल्ली। भारत को संत-महात्माओं का देश भी कहा जाता है। यहां हर चौराहें पर मंदिर-मस्जिद का मिलना स्वभाविक है। जहां अपने इष्ट की आराधना करने वाले पुजारीगण आस-पास के क्षेत्र में भी भक्ति भाव फैलाते रहते है। आमतौर पर हमारी ये धारणा होती है कि मंदिरों-मठों में पूजा करने वाले लोगों का खेल से कोई वास्ता नहीं होता। लेकिन इस धारणा को बदला है दिल्ली के चांदनी चौक स्थित प्राचीन नृसिंह हनुमान मन्दिर के महंत गौरव शर्मा ने। गौरव शर्मा ने खेल के क्षेत्र में वो बड़ा मुकाम हासिल किया है, जो औरों के लिए मिसाल है।
जर्मनी में बढ़ाया देश का मान-
गौरव शर्मा ने जर्मनी में हुई यूरोपियन पावरलिफ्टिंग चैम्पियनशिप में दो स्वर्ण पदक जीत कर पूरे देश का मान बढ़ाया है। इस चैंपियनशिप ने गौरव ने 242 किलो वजन उठाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बनाया है। इस प्रतियोगिता से 2 गोल्ड मेडल जीतकर लौटे महंत गौरव शर्मा की कामयाबी के बाद चांदनी चौक में उत्साह का माहौल है।
कॉमनवेल्थ में जीत चुके है पदक-
गौरव इससे पहले 2007 में न्यूज़ीलैंड में आयोजित कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में भी पदक पर कब्जा जमाने में कामयाब हुए थे। न्यूजीलैंड में गौरव ने 4 गोल्ड मेडल जीते, हॉंग-कोंग में एशियन चैम्पियनशिप में सिल्वर मेडल जीता। इन कामयाबियों के दम पर वो राष्ट्रीय फलक पर छा चुके थे। लेकिन इसके बाद गौरव के साथ एक दुखद घटना घटी, जिसके चलते वे खेल से करीब तीन साल तक दूर रहे।
एक्सीडेंट के बाद भी नहीं हारी हिम्मत-
गौरव का एक्सीडेंट हो गया था। इसके बाद डॉक्टरों ने गौरव को साफ कह दिया था कि अब आप खेल नहीं सकोगे। लेकिन गौरव ने हिम्मत नहीं हारी। करीब तीन साल तक खेल से दूर रहने के बाद गौरव ने साल 2016 में फिर से वापसी की। 2016 में इंग्लैंड में हुई वर्ल्ड चैम्पियनशिप में गौरव ने 2 गोल्ड मेडल जीतते हुए अपने जुनून को जिंदा रखा।
सामाजिक काम भी करते हैं गौरव-
हनुमान की आराधना और खेल के साथ-साथ गौरव सामाजिक काम भी करते रहते है। जिसकी वजह से आस-पास के क्षेत्र में वो खासे चर्चित है। जर्मनी में स्वर्ण पदक जीतने के वाले गौरव का कामयाबी पर उनके पिता महंत श्रवण कुमार और मां को काफी खुश है। इलाके के लोगों ने पोस्टर लगाकर गौरव को बधाई भी दी है। अब गौरव इस साल के अंत मे होने जा रहे ओलम्पियाड पावर लिफ्टिंग की तैयारी में जुट गए हैं। उम्मीद है कि इस प्रतियोगिता में भी गौरव देश के साथ-साथ संत समाज का गौरव बढ़ाए।