आगरा। कैप्टन कूल कहे
जाने वाले वनडे मैचों के
कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की लिस्ट में एक और उपलब्धि जुड़
गई है। धोनी ने बुधवार को
एयरफोर्स के एएन-32 प्लेन से
1250 फीट की ऊंचाई से छलांग
लगाई है। सेना में
ऑनरेरी लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र सिंह धोनी ने सोमवार को ग्राउंड
टेस्ट पास किया और आज
पैराजंपिंग की। इससे पहले सेना ने ड्रॉपिंग ग्राउंड की
घेराबंदी कर दी थी।
धोनी से पहले सेना के एक जवान ने पैराजंपिंग की।
हालांकि जवान से ग्राउंड से बाहर लैंड करने के बाद एयरक्राफ्ट की दिशा बदली गई।
इसके बाद कई जवानों ने करीब 1200 फीट की ऊंचाई से छलांग लगाई, फिर कैप्टन कूल ने नए
पैराशूट के जरिए इस उपलब्धि को हासिल किया। धोनी पिछले चार दिनों से यहां हैं।
क्यों जरूरी होता है ग्राउंड टेस्टइससे पहले सोमवार को ग्राउंड टेस्ट
अधूरा रह जाने के कारण टीम इंडिया के कैप्टन कूल एमएस धोनी पैराजंपिंग नहीं कर सके
थे। सूत्रों के मुताबिक, ये ग्राउंड टेस्ट धोनी के लिए बेहद जरूरी था। कूदने
के समय अगर उनकी दिल की धड़कन ज्यादा रही तो उन्हें और प्रेक्टिस की करने की सलाह
दी जाएगी।
आपको बता दें कि धोनी का पैराशूट भी खास तरह का है। इस पैराशूट को
स्टैटिक लाइन पैराशूट कहते हैं और इसे खोलने की जरूरत नहीं पड़ती है। विमान से
छलांग लगाते ही पैराशूट से जुड़ा धागा हवा के दबाव में टूट जाता है और पैराशूट खुल
जाता है।