
गोल्ड मेडल जीतकर पूर्व विश्व नंबर-1 तीरंदाज दीपिका बोलीं- मां बनने के बाद 360 डिग्री बदल गया जीवन।
पूर्व विश्व नंबर एक महिला तीरंदाज दीपिका कुमारी ने मां बनने के बाद लंबे ब्रैक से दमदार वापसी करते हुए यहां राष्ट्रीय खेलों में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। झारखंड का प्रतिनिधित्व करते हुए 29 वर्षीय दीपिका ने रिकर्व व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण, मिश्रित टीम स्पर्धा में निर्मल चौहान के साथ स्वर्ण और महिला टीम स्पर्धा में दीप्ति कुमारी और कोमलिका बारी के साथ रजत पदक जीता। तीन पदक जीतने से उत्साहित दीपिका ने कहा कि दिसंबर, 2022 में बेटी वेदिका को जन्म देने के बाद उनके जीवन में 360 डिग्री बदलाव आया है। अब उन्हें सिर्फ तीरंदाजी ही नहीं, बल्कि बेटी के लिए भी समय निकालना होता है। ऐसे में दोनों के बीच संतुलन बनाना बेहद मुश्किल होता है।
कम नहीं हुई है जीत की भूख
ओलंपियन और दो बार की विश्व चैंपियनशिप की पदक विजेता दीपिका ने यहां राष्ट्रीय खेलों के फाइनल में हरियाणा की संगीता को 6-2 से हरा कर स्वर्ण पदक जीता। दीपिका ने कहा कि लंबा ब्रैक लेने के बावजूद मुझमें जीत की भूख कम नहीं हुई है।
उन्होंने कहा, ईमानदारी से कहूं तो स्वर्ण से ज्यादा मेरे लिए मेरा प्रदर्शन महत्वपूर्ण था। मेरी मानसिकता जीत या हार के बारे में नहीं थी, बल्कि यह मेरे द्वारा अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के बारे में थी। मैं अपने शॉट्स पर ध्यान केंद्रित करना चाहती थी और अपने मन में चल रहे अन्य विचारों को शांत करना चाहती थी।
बदलाव आसान नहीं था
मां बनने के बाद उनकी जिंदगी कितनी बदल गई है, इस बारे में दीपिका ने कहा, यह नई जिंदगी मेरे लिए आसान बदलाव नहीं है। मैं अपने आस-पास के लोगों से बात करती हूं ताकि मैं अपनी हताशा को नियंत्रित कर सकूं।
मैं अब हर चीज को लेकर शांत रहना चाहती हूं। भारतीय टीम में वापसी को ध्यान में रखते हुए मुझे ट्रेनिंग पर भी उतना ही फोकस करना पड़ेगा, लेकिन साथ ही यह भी ध्यान रखना होगा कि इससे मेरी बेटी की देखभाल ठीक से हो। मुझे दोनों के बीच अपना समय बांटना होगा।
ऐसी रहती है अब दिनचर्या
साल 2020 में साथी खिलाड़ी अतानु दास के साथ विवाह बंधन में बंधी दीपिका ने कहा कि अब मेरी दिनचर्या बेटी को ध्यान में रखकर तय होती है। मैं तड़के चार बजे उठती हूं। सुबह 7.30 बजे अभ्यास के लिए निकलने से पहले कुछ समय बेटी के साथ बिताती हूं।
दोपहर तक घर लौटती हूं और फिर 3.30 बजे अभ्यास के लिए निकल जाती हूं। अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन हासिल करने के लिए मेरा लक्ष्य प्रतिदिन कम से कम 300-350 तीर चलाने का है। इसके साथ ही योग और ध्यान भी करती हूं, इससे मेरे खेल में काफी मदद होती है।
Published on:
08 Nov 2023 09:12 am
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