3 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Paris Olympics से आई भारत के लिए गुड न्यूज, अगली बार बढ़ने वाली है मेडल की संख्‍या!

Paris Olympics 2024 में भारतीय एथलीटों ने शानदार प्रदर्शन किया है। भले ही भारतीय एथलीट टोक्‍यो ओलंपिक के सात पदकों की बराबरी नहीं कर सके हैं, लेकिन उन्‍होंने भारतीय फैंस के दिल में उम्‍मीद जगा दी है कि अगले ओलंपिक में पदकों की संख्‍या बढ़ने वाली है।

2 min read
Google source verification
Paris Olympics 2024

Paris Olympics 2024 में भारतीय एथलीटों ने शानदार प्रदर्शन किया है, हालांकि भारत का सफर 6 पदकों के साथ समाप्त हो गया है। भारत इस बार ओलंपिक में एक सिल्‍वर और पांच कांस्‍य पदक अपने नाम किए हैं, लेकिन कोई गोल्‍ड नहीं आ सका है। भले ही भारतीय एथलीट टोक्‍यो ओलंपिक के सात पदकों की बराबरी नहीं कर सके हैं, लेकिन उन्‍होंने भारतीय फैंस के दिल में उम्‍मीद जगा दी है कि अगले ओलंपिक में पदकों की संख्‍या बढ़ने वाली है। हम ऐसा इसिलए कह रहे हैं, क्योंकि इस ओलंपिक के कई खेलों में भारतीय एथलीट चौथे पायदान पर रहे हैं। आइये एक नजर डालते हैं इन एथलीट पर।

ये भारतीय एथलीट मेडल जीतने से चूके

1. मनु भाकर - दो इवेंट में दो कांस्‍य जीतने वाली मनु भाकर 25 मीटर पिस्टल चौथे नंबर पर रहीं।

2. अर्जुन बाबूता 10 मीटर एयर राइफल में चौथे नंबर पर रहे।

3. तीरंदाजी मिश्रित टीम इवेंट में धीरज और अंकिता चौथे नंबर पर रहे।

4. स्कीट मिश्रित टीम इवेंट में माहेश्वरी और अनंतजीत चौथे नंबर पर रहे।

5. लक्ष्य सेन बैडमिंटन इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल मैच हारने के बाद चौथे नंबर पर रहे।

यह भी पढ़ें : जेंडर विवाद के बीच गोल्‍ड जीतने के बाद भावुक हुई अल्जीरिया की बॉक्‍सर

6. निशा दहिया चोट के कारण हार गईं।

7. सात्विक-चिराग अप्रत्याशित रूप से क्वार्टर फाइनल में हार गए।

8. विनेश फोगट फाइनल से वजन के चलते अयोग्य घोषित कर दिया गया।

9. मीराबाई चानू भारोत्तोलन में चौथे नंबर पर रहीं। उन्होंने कुल 199 किग्रा वजन उठाया, जबकि तीसरे स्थान पर रहने वाली खिलाड़ी ने 200 किग्रा वजन उठाया, वह सिर्फ 1 किलोग्राम वजन से चूक गईं। इवेंट के बाद चानू ने बताया कि वह पीरियड से थीं और तीसरा दिन होने के चलते वह परेशानी महसूस कर रही थीं।

10. निशांत देव रेफरी/जजों की गलती का शिकार हुए। सबको साफ नजर आ रहा था की वह जीते हैं, लेकिन जजों ने उनके पक्ष में निर्णय नहीं दिया।