
Devank Dalal Pro Kabaddi (Photo- Bengal Warriorz)
Pro Kabaddi League 2025: बंगाल वॉरियर्ज़ टीम प्रो कबड्डी लीग के आगामी रोमांचक सीज़न की तैयारियों में जुट गई है। प्रो कबड्डी 12 में सीज़न 7 की चैंपियन रही बंगाल वॉरियर्स में नए चेहरों के साथ नई ऊर्जा और जीत की नई चाह के साथ मैदान में उतरेगी। बंगाल वॉरियर्स ने पीकेएल ऑक्शन में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई, दमदार रेडर देवांक दलाल को खरीदा। 2.205 करोड़ रुपये में खरीदे गए देवांक इस नीलामी में सबसे महंगे भारतीय खिलाड़ी रहे। लेकिन यह भारी कीमत उन्हें बिल्कुल भी परेशान नहीं करती।
देवांक दलाल ने कहा, “मैं बहुत अच्छा महसूस कर रहा हूं कि बंगाल वॉरियर्स ने मुझ पर इतना भरोसा जताया। मुझे खुशी है कि मैं इस बार भारतीय खिलाड़ियों में सबसे बड़ी बोली पाने वाला खिलाड़ी बना। टीम इस सीज़न में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए पूरी मेहनत करेगी।”
सीज़न 11 देवांक के लिए एक बड़ा ब्रेकथ्रू सीज़न था, जिसमें उन्होंने तेज़ और चतुराई भरे रेड से सबको प्रभावित किया। उन्होंने 301 पॉइंट्स के साथ सीज़न खत्म किया, जिसमें 18 सुपर 10 शामिल थे, और वो पूरे सीज़न के सबसे प्रभावशाली रेडर रहे। इस साल की शुरुआत में उन्होंने 71वीं सीनियर नेशनल मेंस कबड्डी चैंपियनशिप में 'बेस्ट प्लेयर' का खिताब भी जीता। पीकेएल सीज़न 12 की ओर देखते हुए, देवांक मानते हैं कि उन पर कोई दबाव नहीं है।
उन्होंने कहा, “पिछले साल मुझे नहीं पता था कि सीज़न कैसा जाएगा। लेकिन सब कुछ अच्छा रहा। अब मुझे पता है कि मैं खेलूंगा, और ज़िम्मेदारी मेरे कंधों पर है, लेकिन मैं अच्छा प्रदर्शन करने को लेकर आत्मविश्वासी हूं। मैं इसे दबाव नहीं मानता, बल्कि यह मेरी ज़िम्मेदारी है अपनी टीम और बंगाल वॉरियर्स के फैंस के प्रति। मैं अपनी ज़िम्मेदारियों को अपने तरीके से निभाना पसंद करता हूं।”
जब नीलामी के बाद प्री-सीज़न में टीम के आपसी जुड़ाव के बारे में पूछा गया, तो देवांक ने कहा, “हमारी टीम में युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का अच्छा मेल है। हम खिलाड़ी, कोच और मैनेजमेंट – सभी एक-दूसरे से लगातार बातचीत कर रहे हैं। और अब तक का अनुभव काफी अच्छा रहा है, जो टीम के लिए फायदेमंद है।” देवांक के लिए यह उनके करियर का एक महत्वपूर्ण पल है। एक समय था जब एक सिर की चोट ने उनके करियर को लगभग खत्म कर दिया था। लेकिन इस आर्मी मैन का जीवन अब एक नई दिशा में है।
उन्होंने कहा, “मैं बहुत आभारी हूं कि आज मैं इस मुकाम पर हूं और अच्छा महसूस कर रहा हूं। कबड्डी में मुश्किल समय आता है, लेकिन मैंने कभी इस खेल को छोड़ने के बारे में नहीं सोचा। मेरा मानना था कि चुनौतियों का सामना करना चाहिए, कड़ी मेहनत करनी चाहिए, और मुश्किल समय में ज़्यादा दबाव नहीं लेना चाहिए। भगवान की कृपा से मैंने लगातार अभ्यास किया और अब खुश हूं कि सब कुछ ठीक रहा।”
Updated on:
01 Jul 2025 05:07 pm
Published on:
01 Jul 2025 05:06 pm
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