अन्य खेल

साइना नेहवाल और पी कश्यप शादी के 7 साल बाद आखिर क्यों हुए अलग, सामने आया ये बड़ा कारण

Saina Nehwal and P Kashyap Divorce Reason: भारतीय बैडमिंटन स्‍टार साइना नेहवाल और पी कश्‍यप ने शादी के सात साल बाद तलाक लेने का फैसला किया है। आखिर ऐसा क्‍या हुआ कि दोनों को अलग होना पड़ा? आइये जानते हैं।

2 min read
Jul 14, 2025
Saina Nehwal (Photo Credit: IANS)

Saina Nehwal and P Kashyap Divorce Reason: भारत की स्टार शटलर साइना नेहवाल ने अचानक अपने पति पी कश्‍यप से अलग होने का फैसला लेकर सभी को चौंका दिया है। दिसंबर 2018 में ही साइना और कश्‍यप शादी के बंधन में बंधे थे। लेकिन अब ये रिश्‍ता 7 साल बाद टूटने जा रहा है। साइना ने अपनी इंस्‍टा स्‍टोरी पर खुद इस संबंध में फैंस को जानकारी देते हुए अपना दर्द बयां किया है। उनके अचानक इस तरह अलग होने हर कोई हैरान है। सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर‍ अचानक दोनों ने ऐसा क्‍यों किया? आइये जानते हैं।

ये भी पढ़ें

Saina Nehwal P Kashyap Divorce: सानिया मिर्जा, हार्दिक और चहल के बाद अचानक साइना नेहवाल भी कश्यप से हुईं अलग, कुछ यूं छलका दर्द

लंबे समय से बैडमिंटन कोर्ट से दूर हैं साइना नेहवाल

बता दें कि ओलंपिक मेडलिस्‍ट साइना नेहवाल लंबे समय से बैडमिंडन कोर्ट से दूर हैं। सितंबर 2024 में एक पॉडकास्ट में साइना ने बताया था कि उनके घुटने की स्थिति अच्छी नहीं है। वह गठिया से जूझ रहीं हैं। कार्टिलेज बहुत ही खराब हो गई है। ऐसे में 8-9 घंटे जोर लगाना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति में आप दुनिया के सर्वश्रेष्ठ प्‍लेयर्स से चुनौती कैसे ले सकते हैं। मुझे इसे स्वीकार करना ही होगा, क्योंकि दो घंटे की ट्रेनिंग शीर्ष खिलाड़ियों के साथ खेलने और मनचाहे नतीजे के लिए पर्याप्त नहीं है।

...तो इस वजह से लिया तलाक का फैसला

35 वर्षीय साइना ने खुद बताया है कि उन्‍होंने काफी सोच-विचार के बाद अलग होने का फैसला किया है। हम एक-दूसरे की शांति, विकास और अच्छी सेहत का चुनाव कर रहे हैं। उनके इस बयान से साफ जाहिर होता है कि दोनों के बीच सबकुछ ठीक नहीं चल रहा था। माना जा रहा है कि साइना नेहवाल ने इसी वजह से पी कश्‍यप से अलग होने का फैसला किया है। हालांकि अभी तक इस मामले में पी कश्‍यप का कोई बयान सामने आ सका है।

बैडमिंटन कोर्ट में दिखाया कमाल

हरियाणा की मूलनिवासी साइना के बैडमिंटन करियर का आगाज में 2008 में बीडब्‍ल्‍यूएफ वर्ल्‍ड जूनियर चैंपियनशिप की जीत से हुआ था। फिर 2009 में वह बीडब्ल्यूएफ सुपर सीरीज टूर्नामेंट जीतने वाली पहली भारतीय प्‍लेयर बनीं। 2009 में ही उन्हें अर्जुन पुरस्कार, इसके बाद 2010 में राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से नवाजा गया। साइना ने लंदन ओलंपिक 2012 में कांस्य पदक जीता। वह तीन बार ओलंपिक में भाग लेकर ओलंपिक में पदक जीतने वाली पहली भारतीय बैडमिंटन  प्‍लेयर बनीं। राष्ट्रमंडल खेल 2010 और 2018 में उन्‍होंने स्वर्ण पदक जीते।

Also Read
View All

अगली खबर