नई दिल्ली :चेक मुक्केबाजी प्रतियोगिता में भारतीय मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चेक मुकीबजी प्रतियोगिता में 5 स्वर्ण सहित 8 पदक जीते। भारतीय मुक्केबाजों कि ये जीत अगले महीने होने वाली विश्व चैम्पियनशिप के लिए प्रेक्टिस मैच की तरह था जिसको जीतकर उनका आत्मविश्वास बढेगा।
5 स्वर्ण सहित 8 पदक
विश्व चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता शिव थापा (60 किग्रा), राष्ट्रमंडल खेलों के पूर्व स्वर्ण पदक विजेता मनोज कुमार (69 किग्रा), अमित फंगल (52 किग्रा), गौरव विधूड़ी (56 किग्रा) और सतीश कुमार (91 किग्रा से अधिक) भारतीय दल के के स्वर्ण पदक जीतने वाले मुक्केबाज रहे।कविंदर बिष्ट (52 किग्रा) और मनीष पंवार (81 किग्रा) को रजत पदक से संतोष करना पड़ा ।
हाल में एशियाई चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने वाले थापा ने स्लोवाकिया के फिलिप मेसजारोस पर शुरू से दबदबा बनाये रखा और 5-0 से जीत दर्ज की। विश्व चैंपियनशिप से पहले थापा कि ये जीत उसका मनोबल बढ़ाएगी।
अमित और कविंदर ने लगाया कांसे का पंच
अमित और कविंदर दोनों ही फाइनल में आमने सामने थे. इन दोनों में अमित लाइट फ्लाईवेट (49 किग्रा) में खेलता है लेकिन इस प्रतियोगिता में वह फ्लाईवेट में उतरे। उन्होंने कविंदर को 3-2 से हराया। इसके बाद गौरव ने पोलैंड के इवानाउ जारोस्लाव को आसानी से 5-0 से शिकस्त दी।
विश्व चैम्पियनशिप में होगा फायदा
हैम्बर्ग जाने की तैयारियों में लगे एक अन्य मुक्केबाज मनोज ने भी स्थानीय मुक्केबाज डेविड कोटरच को 5-0 से पराजित किया। मनीष जर्मनी के इब्रागिम बाजुएव से हार कर रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
इस टूर्नामेंट से भारतीय मुक्केबाजों ने 25 अगस्त से दो सितंबर के बीच होने वाली विश्व चैंपियनशिप से पहले एक पखवाड़े तक चला अभ्यास और प्रतियोगिता दौरा भी समाप्त हो गया।
इस टूर्नामेंट में भाग लेने वाले मुक्केबाजों में अमित, कविंदर, गौरव, शिव थापा, मनोज, सुमित और सतीश विश्व चैंपियनशिप में हिस्सा लेंगे। इनके अलावा विकास कृष्ण (75 किग्रा) भी विश्व चैंपियनशिप में भाग लेंगे लेकिन उन्होंने इस दौरे पर जाने के बजाय पुणे में अभ्यास करने को तरजीह दी।