
पेरिस ओलंपिक 2024 में भारतीय एथलीटों के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद केंद्रीय खेल मंत्रालय ने सख्त फैसला लिया है। इसके तहत खेल मंत्रालय ने टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (टॉप्स) में शामिल आधे से ज्यादा खिलाड़ियों को बाहर कर दिया है। टॉप्स के तहत खेल मंत्रालय ओलंपिक खेलों की तैयारी के लिए एथलीटों को वित्तीय मदद प्रदान करता है। खेल मंत्रालय ने संख्या घटाने का फैसला पेरिस ओलंपिक में एथलीटों के प्रदर्शन की समीक्षा करने का बाद लिया है। पेरिस में भारत के 117 एथलीटों ने शिरकत की थी और सिर्फ छह ने पदक जीते थे।
पेरिस ओलंपिक 2024 से पहले टॉप्स स्कीम में कुल 120 खिलाड़ी शामिल थे। अब खेल मंत्रालय ने इसमें से 78 खिलाडिय़ों को बाहर कर दिया है। इसके तहत, अब सिर्फ 42 एथलीटों को ही वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
रिपोर्ट के तहत, खेल मंत्रालय ने टेनिस, गोल्फ और तैराकी को पूरी तरह से टॉप्स से बाहर कर दिया है। पेरिस ओलंपिक में टेनिस में तीन, गोल्फ में चार और तैराकी में दो एथलीटों ने शिरकत किया था।
खेल मंत्रालय ने सबसे ज्यादा कटौती एथलेटिक्स में की है। पहले टॉप्स में कुल तीन खिलाड़ी शामिल थे, जिसमें से 27 को बाहर कर दिया गया है। सिर्फ तीन एथलीट नीरज चोपड़ा (भालाफेंक), अविनाश साल्व (धावक) और एम श्रीशंकर (लंबी कूद) ही टॉप्स में जगह बचा सके हैं।
मुक्केबाजी में अमित पंघाल और शिव थापा जबकि बैडमिंटन में के श्रीकांत और अश्विन पोनप्पा को बाहर कर दिया गया है।
खेल मंत्रालय ने हालांकि पैरा एथलीटों पर मेहरबानी कायम रखी है और 59 में से सिर्फ सात को टॉप्स की सूची से बाहर किया है। पेरिस ओलंपिक में पैरा एथलीटों ने इतिहास रचते हुए कुल 29 पदक जीते थे।
Published on:
23 Feb 2025 08:27 am
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