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कश्मीर मसले पर तिलमिलाई इमरान सरकार ने घर में बुलाई अहम बैठक

इस बैठक में कई अहम संस्थाओं को राय देने का न्योता दिया पाक विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा अहम मुद्दों पर चर्चा करेंगे
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Mohit Saxena

Aug 17, 2019

इमरान खान

इस्लामाबाद। कश्मीर मसले पर पाकिस्तान को हर अंतरराष्ट्रीय मंच पर मुंह की खानी पड़ी है। हाल ही में यूएनएससी में बंद दरवाजे की बैठक में भारत ने उसे दो टूक जवाब देते हुए कहा कि बातचीत तभी संभव है जब पाकिस्तान अपने यहां से आतंकवाद को खत्म करे। अब पाकिस्तान की सरकार एक उच्च स्तरीय बैठक करने वाला है। इसमें वह कश्मीर मसले को लेकर अपनी भविष्य की योजना पर बातचीत करेगा।

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इस बैठक में पाकिस्तान के विभिन्न संस्थान हिस्सा लेंगे। पाकिस्तान के मंत्री शाह महमूद करैशी ने कहा कि इस बैठक में विभिन्न पाकिस्तानी संस्थान हिस्सा लेंगे। मीडिया से बात करते हुए शाह महमूद कुरैशी ने कहा कि हम भविष्य में कार्रवाई को लेकर, कश्मीर के लोगों की मदद और समर्थन के लिए आगे के कदमों की चर्चा करेंगे।

गौरतलब है कि यूएनएससी ने कश्मीर मुद्दे को लेकर बंद कमरे में चर्चा की। इस बैठक को चीन ने पाकिस्तान के कहने पर बुलाया था। हालांकि दोनों की कोशिशें नाकाम रहीं। इस संस्था के अधिकांश सदस्यों ने कश्मीर मामले को उठाने से इनकार कर दिया और चीन की स्थिति को अस्वीकार कर दिया। सदस्यों द्वारा इनकार किए जाने के बाद चीन और पाकिस्तान अलग-थलग पड़ गए।

यूएनएससी की बैठक में स्थायी सदस्यों में चीन के साथ अन्य देशों में फ्रांस,रूस, ब्रिटेन और अमरीका ने पहले ही कश्मीर को आंतरिक मसला बताते हुए इसे द्विपक्षीय बातचीत से ही सुलझाने की बात कही है। यूएन के इतिहास में यह दूसरा मौका है जब कश्मीर मुद्दे पर कोई बैठक हुई है।

इससे पहले 1971 में यूएनएससी की पहली बैठक का आयोजन किया गया था। ये न तो बंद दरवाजे के पीछे थी और न ही सुरक्षा परिषद् के अधिकांश सदस्य देशों ने पाकिस्तान का समर्थन करने से मना किया था। यूएनएससी में 1969-71 में ‘सिचुएशन इन द इंडिया/पाकिस्तान सबकॉन्टिनेंट’ विषय के तहत कश्मीर का मुद्दा उठाया गया था।

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