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पाकिस्तान: 2 ट्रांसजेंडर महिलाओं को पीट-पीट कर हत्या, जांच में जुटी पुलिस

दुनिया के कई देशों मे आज भी ट्रांसजेंडरों को उनका हक नहीं मिला है विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसी साल ट्रांसजेंडर को तीसरे जेंडर के रूप में मान्यता दी है

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ट्रांसजेंडर

मुल्तान।पाकिस्तान से एक ऐसी घटना सामने आई है जो बहुत ही शर्मनाक है। दरअसल, दो ट्रांसजेंडर महिलाओं को प्रताड़ित करने के बाद पीट-पीट कर मार डाला गया। पुलिस ने कहा है कि उन्हें दो ट्रांसजेंडर महिलाओं के शव मिले हैं जिन्हें बुरी तरह से पीट-पीट कर मार दिया गया है।

वरिष्ठ अधिकारी मोहम्मद अली जिया का कहना है कि शवों को शनिवार देर शाम पूर्वी पंजाब प्रांत के साहीवाल जिले में एक बंद घर से बरामद किया गया था।

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उन्होंने आगे बताया कि यह स्पष्ट नहीं है कि यह हत्या किसने की है, जो कि तीन दिन पहले हुई थी। फिलहाल इस पूरे मामले पर जांच शुरू कर दी गई है और आरोपियों की तलाशी की जा रही है।

बता दें कि रूढ़िवादी मुस्लिम-बहुल पाकिस्तान में ट्रांसजेंडरों को अक्सर दुर्व्यवहार का शिकार होना पड़ता है। वे कथित यौन अपराधों को दंडित करने के लिए रिश्तेदारों द्वारा किए गए तथाकथित Honor killings के पीड़ितों में से हैं।

पाकिस्तान में समलैंगिकता गैरकानूनी

गौरतलब है कि पाकिस्तान में समलैंगिकता गैरकानूनी है। हालांकि दुनिया के कई देशों ने ट्रांसजेंडरों को तीसरे जेंडर के तौर पर मान्यता दी है। अभी हाल में भारत ने भी धारा 377 यानी समलैंगिकता को कानूनी मान्यता दी है।

दुनियाभर में समलैंगिकता को मान्यता देने के लिए संघर्ष किया जा रहा है। लाखों की संख्या में लोग विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं और अपने अधिकारों की मांग कर रहे हैं।

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इस विषय को लेकर दुनिया भर में 2009 से आधिकारिक तौर पर तीसरे जेंडर के तौर पर मान्यता देने की प्रक्रिया शुरू की गई है। हालांकि पाकिस्तान में अभी भी इसे गैरकानूनी माना जाता है।

इसी साल वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन ने ट्रांसजेंडर को दिमागी बीमारी मानने से इनकार करते हुए इसे एक अलग जेंडर के रूप में मान्यता दी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के एक विशेषज्ञ ने कहा था कि अब तक हम यह समझते थे कि ट्रांसजेंडर वास्तव में मानसिक विकार की स्थिति है, लेकिन ऐसा नहीं है।

नवीनतम अध्ययन में आईसीडी-11 के तहत कहा गया है कि ट्रांसजेंडर को एक अलग जेंडर को परिभाषित किया जाए। बीते अध्ययन में आईसीडी-10 में यह मानसिक और व्यवहार संबंधी विकारों के अध्याय में एक विकार माना जाता था।

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