
Pakistan: More Than One Thousand Minorities Girls Forcely Converted In Islam Every Year
कराची। पाकिस्तान ( Pakistan ) में हिन्दुओं और अन्य अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के साथ अत्याचार की घटनाएं लगातार बढ़ रही है। अल्पसंख्यक लड़कियों का अपहरण कर धर्मांतरण या फिर रेप या बलात्कार जैसे जघन्य अपराध की खबरें सामने आती रहती हैं। अब एक ऐसी रिपोर्ट सामने आई है, जो पाकिस्तान के काली करतूत का खुलासा करता है।
दरअसल, पाकिस्तान में हर साल एक हजार अल्पसंख्यक लड़कियों को जबरन इस्लाम धर्म कबूल ( Minorities Forced Conversion In Islam ) करवाया जाता है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, हिंदू, ईसाई और सिख समुदायों की कम उम्र की लड़कियों को जबरन इस्लाम धर्म परिवर्तन के लिए अगवा किया जाता है।
मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के अनुसार, लॉकडाउन के दौरान अपहरण और धर्मांतरण के मामलों में काफी इजाफा हुआ है। चूंकि लॉकडाउन के दौरान लड़कियां स्कूल नहीं जा रही हैं। बता दें कि दक्षिणी सिंध प्रांत में हिंदू लड़कियों का अपहरण कर इस्लाम कबूल कराने की घटनाएं आम बात हैं, लेकिन अभी हाल ही में नेहा (बदला हुआ नाम) समेत दो ईसाई लड़कियों के धर्मांतरण कर शादी कराने के मामले ने तूल पकड़ लिया।
45 साल के शख्स से नेहा की कराई गई शादी
14 वर्षीय नेहा ने अपने साथ हुए इस खौफनाक घटना को लेकर बताया है कि उन्हें म्यूजिक काफी पसंद है और वह चर्च में जाकर हर साल गाती थी। लेकिन वह पिछले साल चर्च में नहीं गा पाई, क्योंकि जबरन इस्लाम धर्म में परिवर्तन कर उनकी शादी 45 साल के एक शख्स से करा दी गई। वह शख्स पहले से ही दो बच्चे का पिता है।
एसोसिएटेड प्रेस ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि नेहा का अधेड़ उम्र का पति नाबालिग लड़के के साथ रेप के आरोप में जेल में बंद है। लेकिन नेहा अभी भी डरी हुई हैं और छिपती फिर रही हैं। सुरक्षा गार्ड्स ने नेहा के भाई को कोर्ट में बंदूक तानकर धमकाया था।
नेहा ने बताया है कि वे लोग बंदूक लेकर आए थे, ताकि मुझे मार सके। नेहा उन्हीं एक हजार लड़कियों में से एक है, जिनका हर साल धर्मांतरण कराया जाता है। अधिकतर लड़कियों की आयु कानूनी तौर शादी की नहीं होती है।
अमरीका ने खोली पाकिस्तान की पोल
आपको बता दें कि अमरीकी विदेश विभाग ने इसी महीने एक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें पाकिस्तान की पोल खुल गई है। अमरीकी विदेश विभाग ने पाकिस्तान को धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन करने वाला देश करार दिया है, हालांकि पाकिस्तान ने इस रिपोर्ट को ही खारिज कर दिया है।
यूएस कमिशन ऑन इंटरनेशनल रिलिजियस फ्रीडम की रिपोर्ट के आधार पर ये बताया गया था कि पाकिस्तान में हिन्दू, सिख और ईसाई समुदाय की नाबालिग लड़कियों का जबरन इस्लाम कबूल कराने के लिए अपहरण कराया जाता है फिर उसे जबरन शादी कराई जाती है, जो बलात्कार का मामला बनता है।
आपको बता दें कि पाकिस्तान की जनसंख्या लगभग 22 करोड़ है। इनमें से मात्र 3.6 फीसदी अल्पसंख्यक हैं। लिहाजा,आए दिन अल्पसंख्यकों के साथ अत्याचार और जबरन धर्मांतरण की खबरें सामने आती रहती है। जो लोग धर्मांतरण की खबरें सार्वजनिक करते हैं उनपर ईशनिंदा का आरोप लगाकार निशाना बनाया जाता है।
Updated on:
29 Dec 2020 05:46 pm
Published on:
29 Dec 2020 05:28 pm

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