
अब किराए के भवन या सरकारी स्कूल के एक कमरे में चलानी होगी गांव की सरकार, पढ़ें पूरी खबर...
-श्याम शर्मा
पाली/रायपुर मारवाड़। राज्य सरकार ने पुनर्गठन के तहत जिले के जिन 20 राजस्व गांवों को ग्राम पंचायत मुख्यालय का दर्जा दिया है। उन गांवों में सरकारी भवन का अभाव है। ऐसे में गांव की नई सरकार को चलाने के लिए पंचायतराज विभाग को उस गांव के सरकारी स्कूल के एक कमरे का सहारा लेना पड़ेगा।
जिले की दस पंचायत समिति में 321 ग्राम पंचायतें थी। पुनर्गठन के बाद ये आंकड़ा 341 पहुंच गया है। हाल ही में तीन चरणों में हुए पंचायत आम चुनाव में जिले की 9 पंचायत समिति में पंच सरपंच के चुनाव हो चुके हैं। रायपुर पंचायत समिति में चुनाव होने शेष है।
15 गांवों में बन चुकी नई सरकार
जिले की नवसृजित 20 ग्राम पंचायतों में से 9 पंचायत समिति की 15 ग्राम पंचायतों में नई सरकार बन चुकी है। जबकि रायपुर पंचायत समिति के मेघड़दा, मेसिया, रावणिया, पाटन, देवगढ़ में नई सरकार बननी शेष है।
सरकारी स्कूल ही एक मात्र भवन
जिले मेंं नवसृजित ग्राम पंचायत मुख्यालयों में अधिकांश ऐसे गांव है, जहां सरकारी भवन के नाम पर महज सरकारी स्कूल ही है। ऐसे में ग्राम पंचायत संचालन के लिए उस गांव के सरकारी स्कूल के एक कमरे का सहारा लेना पड़ेगा। जिन गांवों में मर्ज स्कूल भवन खाली पड़े है। वहां उस भवन को ग्राम पंचायत के रूप में उपयोग किए जाने की भी कवायद चल रही है।
करेंगे व्यवस्था
हमने इस मामले में जिले के सभी विकास अधिकारी से रिपोर्ट मांगी है। जिन गांवों मेंं सरकारी भवन नहीं है। वहां सरकारी स्कूल का सहारा लेने पर विचार करेंगे। जब तक ग्राम पंचायत भवन के लिए स्वीकृति नहीं मिलती है तब तक वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ेगी। -प्रहलाद सहाय नागा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, पाली
Published on:
05 Feb 2020 07:55 pm
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