
बहन से मनपसंद राखी बंधवाने की अधूरी रह गई ख्वाहिश...
पाली/बाबरा/रास। जिले के रास कस्बे में स्थित तालाब में डूबने से दो सगे भाइयों सहित चार मासूमों की मौत से हर कोई शोक में है। गांव में शोक छा गया। जिन मासूमों की मौत हुई, वहां शाम को चुल्हें नहीं जले। भंवरू मेघवाल के दोनों मासूम बेटे जगदीश व अजय घर से निकले, उनके पिताजी मजदूरी पर गए हुए थे। रास्ते में दो दोस्त आसिफ व अजान को भी साथ ले लिया। चारों दोस्त हमेशा साथ रहते थे। वे नहाने के लिए तालाब पर गए और एक-दूसरे को बचाने के फेर में चारों डूब गए। भंवरू मेघवाल के दोनों मासूम बच्चे इस दुनिया में नहीं रहे। अजय व जगदीश ने कुछ दिन पहले ही अपनी बहन से कहा था कि इस बार पन्द्रह दिन बाद आने वाले राखी के त्योहार पर वे अपनी पसंद की राखी बंधवाएंगे, लेकिन वे चल बसे। मासूम बहन व माता पिता का रो रोकर बुरा हाल है। जगदीश पांचवीं व अजय तीसरी कक्षा में प्रमोट हुआ था। यहीं हाल आसिफ व अजान के परिवार वालों का है। शोक में तीनों परिवारों की आंख से आंसू नहीं टूट रहे हें।
बचाने का प्रयास किया, लेकिन देर हो गई
शाम को जब तालाब के पास चारों मासूमों के कपड़े ग्रामीणों देखे और मासूम नहीं दिखे तो उन्हें संदेह हुआ। कुछ देर बाद मशक्कत से चारों को शव निकाले गए, शव बाहर निकालकर ग्रामीणों ने काफी देर पम्पिंग की, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। परिजन अपने मासूमों के शव देख बेसुध हो गए।
एक मासूम के पिता विदेश में, दादा के भरोसे थे
रास निवासी सलाम बाइक रिपेयरिंग की दुकान पर हैल्पर का काम करते है। उसका पुत्र आसिफ (10) की मौत पर परिवार व मोहल्ले में मातम छा गया। वहीं मृतक अजान (12) अपने दादा के पास रास में रहता है। पिता फरमान खाड़ी देश में काम करते है। मृतक बालक अजान दादा मिर्जा मंजूर बेग के पास रहता था। दादा ऑटो चालक का काम करते है। मृतक अजान 7 वीं कक्षा तथा आसिफ 5 वींकक्षा में प्रमोट हुआ था।
तालाब के हिस्से के आठ फीट गहरे खड्डे में डूबे
रास तालाब के मुख्य भाग से सटे छोटे-छोटे खड्डे बने हुए है। तालाब की खुदाई के दौरान जगह जगह खड्डों में बरसाती जमा पानी के साथ चीकनी मिट्टी भी जमा हो रखी। इसमें स्नान करते समय चारों बालक आठ फीट की गहराई में खुदे खड्डे के पानी में फंस गए और उनकी मौत हो गई।
पत्रिका अपील- परिजन व प्रशासन बरते सावचेती
- अपने बच्चों पर नजर रखे, तालाब, नाडी व नालों से रखे दूर
- बच्चें गहरे पानी में नहीं नहाए
- ग्राम पंचायत, प्रशासन इन तालाबों व नाडों के पास सुरक्षा प्रबंध करें, ताकि नजर रखी जा सकें।
- बच्चों को अकेले खेलने नहीं जाने दे, उन्हें जागरूक करें कि वे गहरे पानी में नहाने नहीं उतरे।
- हर गांव पंचायत में गोताखोरों की सूची बनाई जाए, ताकि जरूरत पडऩे पर तुरंत काम आ सके।
Published on:
05 Aug 2021 10:01 am
