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snake catcher : एक ऐसा शहर, जहां सांप आने पर भी नहीं डरते लोग, देखें वीडियो

snake catcher pali : पाली शहर सहित जिले में भी कई लोग ऐसे हैं तो सांप को पकड़ने की कला में माहिर है।

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पाली

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Rajkamal Vyas

Jun 05, 2023

सांप का नाम सुनने से ही मन में डर बैठ जाता है। सांप आ जाए तो सपेरे या सांप पकड़ने में माहिर लोगों की याद आती है। पाली शहर सहित जिले में भी कई लोग ऐसे हैं तो सांप को पकड़ने की कला में माहिर है। चूंकि, पाली धर्म नगरी है और यहां की अपणायत जगजाहिर है। इसी का असर है कि यहां सांप पकड़ने पर लोग इन्हें मारते नहीं, बल्कि इन्हें पकड़कर जंगल में सुरक्षित छोड़ देते हैं। क्योंकि सांप का पर्यावरण में रहना उतना ही आवश्यक है। जितना मनुष्य व अन्य जीव-जंतुओं का। सांप सहित अन्य खतरनाक जीव-जंतू एक खाद्य श्रृंखला बनाते हैं, जो पारिस्थितिकी तंत्र के लिए काफी अहम हैं।

गजेन्द्रसिंह मंडली सर्प विशेषज्ञ

किसी के घर में सांप आ जाए, तो लोग पाली शहर में गजेन्द्रसिंह मंडली को फोन कर बुला लेते हैं। अपनी जान की परवाह किए बिना मंडली ने 21 सालों में 8 हजार से अधिक सांपों का रेस्क्यू कर सुरक्षित जंगल में छोडा़ है। 2011 में तो सांप ने डंस लिया था। हालांकि, इसके बाद भी मंडली ने सांप पकडना बंद नहीं किया। बकौल गजेंद्रसिंह, टीवी पर देख पहला सांप पकडा था। इसके बाद से तो ये जारी ही है। हालांकि, पिछले दिनों रेस्क्यू के दौरान सांप ने मंडली को काट लिया था। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया।

जावेद खान पठान सर्प विशेषज्ञ

सांपों को बचाने का जुनून ऐसा है कि पठान अपने जीवन की भी परवाह नहीं करते। अपने जीवन में पठान कई जहरीले सांपों का रेस्क्यू कर चुके हैं। 2011 से अब तक 2700 से अधिक सांपों का रेस्क्यू कर चुके हैं। हालांकि, तीन बार सांप के काटने से मौत के मुंह से वापस बाहर आए हैं। बकौल पठान, पाली जिले का शहरी क्षेत्र हो या ग्रामीण क्षेत्र, लोग सांप को देखते ही खुद की सुरक्षा के लिए मार देते हैं। जबकि, ऐसा नहीं करना चाहिए। पर्यावरण में जीव-जंतुओं का भी उतना ही अहम योगदान है, जितना कि हमारा।

मनीष वैष्णव सर्प विशेषज्ञ

बचपन से ही मनीष को सांप पकड़ने का जुनून था। इसी जुनून ने मनीष को 14 साल की उम्र में सर्प विशेषज्ञ बना दिया। 19 साल की उम्र में मनीष ने सैकड़ों सांप पकड़कर सुरक्षित जंगल में छोड़े। लेकिन, 10 अगस्त को कोबरा सांप के काटने से मनीष की मौत हो गई। सांप काटने पर मनीष ने सोशल मीडिया पर वीडियो भी वायरल किया किया था। इसमें उसने कहा था कि आमजन सांप को पकड़ने की गलती नहीं करे, कोई पकड़ता है तो सावधानी बरते। किसी को सांप काट जाए तो तुरंत अस्पताल जाए। उसका यह संदेश यादगार बन गया।

महावीर जैन सर्प विशेषज्ञ

अपनी जान की परवाह किए बगैर जैन सांपों को पकडकर सुरक्षित वनविभाग के जंगलों में छोड़ रहे है। वर्ष 2015 से जैन लगातार सांपों को रेस्क्यू कर रहे हैं। पिछले नौ साल से वे सांपों का रेस्क्यू करते आ रहे हैं। पाली सहित आस पास के क्षेत्र से 1833 सांपों का रेस्क्यू कर चुके हैं। कई बार तो कुएं में उतर कर सांपों को बचाया। बकौल जैन, दस साल पहले घर में सांप आ गया। लोगो ने सांप को मार दिया। आंखों के सामने जीव हत्या होते देख इन्हें बचाने को सोच लिया। तभी से इन सांपों को बचाने पर ध्यान दे रहा हूं। ये क्रम आज भी जारी है।