
चंद पशुओं तक सिमटा निमाज का पशु मेला
निमाज. प्रदेश में नागौर के बाद सबसे ज्यादा विख्यात निमाज के पशु मेले में अब पशु तो नाम भर के ही रह गए हैं। पशु मेले को चार दिन बीत जाने के बाद भी पर्याप्त संख्या में पशुओं की आवक नहीं हुई है। आशा के अनुरूप व्यापारियों एवं खरीददारों के नहीं आने के कारण पशु मेला परवान नहीं चढ़ पा रहा है। पूर्व में इस मेले में खरीद-फरोख्त के लिए राजस्थान के अलावा मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, हरियाणा व पंजाब से भी व्यापारी आते थे, लेकिन समय के साथ मेले का रंग फीका पड़ता जा रहा है। पशुओं के अभाव में दूरदराज से यहां आकर खर्चा निकालना भी दुकानदारों के लिए भारी पड़ रहा है। नागौर से आए व्यापारी ने बताया कि हमारे पास खेती के लायक पशु हैं, लेकिन मेले में अभी तक एक भी पशु नहीं बिका है।
सजी हैं दुकानें, खाली पड़े झूले
पशु मेले में हालांकि पशुओं की तो कमी है, लेकिन कृषि उपकरणों व मनिहारी की दुकानों पर दैनिक उपयोगी की वस्तुओं की मेलाथी खरीद कर रहे हैं। झूले वालों को भी ग्राहकों का इंतजार हैं।
होती थी प्रतियोगिताएं
पहले मेले में उत्तम नस्ल के बैल, घुड़ दौड़, ऊंट दौड़ व कुक्कुट आदि की विभिन्न प्रतियोगिताएं भी होती है। सर्वश्रेष्ठ बैलों की जोडिय़ों व व्यापारियों के साथ किसानों को सम्मानित किया जाता था।
कई दिनों तक चलता था मेला
किसी समय में यह मेला दस से २५ दिन तक चला करता था। दो दो किलोमीटर तक मेला खचाखच भरा रहता था।
Published on:
24 Feb 2019 06:05 am
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